@114Raf द्वारा उपनि/जीडी मीना आर्या के सेवानिवृत्ति अवसर पर वाहिनी मुख्यालय में गरिमामय एवं भावपूर्ण विदाई समारोह आयोजित किया गया। 40 वर्षों की समर्पित एवं उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ। 114 RAF परिवार उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय एवं सफल जीवन की मंगलकामना करता है
कमांडेंट श्री अश्विनी कुमार झा द्वारा नव पदोन्नत अधिकारियों श्रीमती तुलिका सिन्हा, श्री दुर्गा नंदन श्रीवास्तव एवं श्री कुमार राघवेंद्र को सहा० कमांडेंट से उप कमांडेंट पद पर पदोन्नति के उपरांत नई रैंक से अलंकृत किया गया,तीनों अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं
अद्भुत साहस, अदम्य पराक्रम और अटूट समर्पण के प्रतीक केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के वीर जवानों को शौर्य दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता के लिए आपका बलिदान और समर्पण हम सभी के लिए गर्व और प्रेरणा की अमिट मिसाल है। है। मातृभूमि की रक��षा में आपके शौर्य को कोटि-कोटि नमन।
आपका साहस ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। 🇮🇳
असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक जी ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान IED ब्लास्ट में अपना एक पैर खो दिया - देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया।
लेकिन इस बलिदान के बदले उन्हें मिला क्या?
15 साल से ज्यादा की सेवा के बावजूद - प्रमोशन नहीं, अपनी ही फोर्स को लीड ��रने का अधिकार नहीं। ऐसा इसलिए क्योंकि सभी शीर्ष पद IPS अफसरों के लिए आरक्षित हैं।
ये सिर्फ एक अफसर की पीड़ा नहीं - यह लाखों CAPF जवानों के साथ हो रहा संस्थागत अन्याय है।
सुप्रीम कोर्ट तक ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। फिर भी, वर्तमान सरकार इसी अन्याय को कानूनी रूप से स्थायी बनाने पर आमादा है।
मोदी सरकार द्वारा लाया जा रहा ये विधेयक सिर्फ करियर रोकने की कोशिश नहीं है, बल्कि उन लोगों का मनोबल तोड़ने का प्रयास है, जो देश की पहली रक्षा पंक्ति हैं।
कांग्रेस का वादा है - हमारी सरकार आते ही यह भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा, क्योंकि जो देश के लिए लड़ता है, उसे नेतृत्व का अधिकार मिलना ही चाहिए।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक जी ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान IED ब्लास्ट में अपना एक पैर खो दिया - देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया।
और इस बलिदान के बदले मिला क्या?
15 साल से अधिक की निष्ठापूर्ण सेवा के बावजूद - प्रमोशन नहीं, अपनी ही फोर्स को लीड करने का अधिकार नहीं। क्योंकि सभी शीर्ष पद IPS अफसरों के लिए आरक्षित हैं।
यह सिर्फ एक अफसर की पीड़ा नहीं - यह लाखों CAPF जवानों के साथ हो रहा संस्थागत अन्याय है।
ये जवान सीमाओं पर तैनात रहते हैं, आतंक और नक्सलवाद से लोहा लेते हैं, लोकतंत्र के उत्सव चुनावों को सुरक्षित बनाते हैं। ले���िन जब इनके अधिकार और सम्मान की बात आती है, तो व्यवस्था मुँह फेर लेती है।
खुद CAPF के जवान इस भेदभाव के विरुद्ध हैं। सुप्रीम कोर्ट तक ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। फिर भी, वर्तमान सरकार इसी अन्याय को कानूनी रूप से स्थायी बनाने पर आमादा है।
यह विधेयक केवल एक करियर रोकने का प्रयास नहीं - यह ��न लोगों का मनोबल तोड़ने की कोशिश है जो देश की पहली रक्षा पंक्ति हैं। और जब उनका मनोबल टूटता है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव हिलती है।
हम CAPF के जवानों का सम्मान सिर्फ शब्दों में नहीं, नीतियों में करते हैं। कांग्रेस का साफ वादा है - हमारी सरकार आते ही यह भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा। क्योंकि जो देश के लिए लड़ता है, उसे नेतृत्व का अधिकार मिलना ही चाहिए।
GOI insistence to get the #CAFPbill passed in LS in haste looks strange & inexplicable. Significant HHM @AmitShah deputed MOS in RS to reply to our questions & doubts ; realising its strong divisive potential ; will be a non starter law. Final word will be Supreme Ct.
आज सदन में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक- 2026 पर चर्चा हो रही है, लेकिन यह विधेयक किसी भी तरह से सुधारात्मक कदम नहीं है।
बल्कि यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को प्रभावहीन बनाने के लिए है। साथ ही CISF, CRPF, BSF, ITBP, SSB के काडर व अधिकारियों के साथ हो रहे प्रणालीगत अन्याय को बनाए रखने का सुनियोजित विधायी प्रयास है, जिसे समाप्त करने की कोशिश सुप्रीम कोर्ट ने की थी।
इन बलों में ज्यादातर अधिकारी वे हैं, जो डिप्टी कमांडेंट पद पर भर्ती हुए, अब उन्हीं ��दों से रिटायर हो रहे हैं। सवाल है- कोई भी डिप्टी कमांडेंट, DG क्यों नहीं बन सकता?
सेना में भी अग्निवीर जैसी व्यवस्था लाई गई। अगर देश में स्थिति ऐसी रहेगी तो सेनाओं और सशस्त्र बलों में जवान किस इंटेंशन के साथ भर्ती होना चाहेंगे।
BJP सरकार आज उस वर्ग से अन्याय कर रही है, जो देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान तक देने की हिम्मत रखते हैं। इसलिए मेरी मांग है कि इस बिल को वापस लिया जाए।
: राज्यसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक- 2026 पर चर्चा पर @digvijaya_28 जी का पूरा वक्तव्य-
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक- 2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद @shaktisinhgohil ने कहा, ये बिल CAPF के मनोबल को तोड़ने वाला है। अगर हमारे घर का निर्णय बाहर से Deputation पर आकर कोई और मुखिया लेने लग जाए तो क्या हम खुश रह पाएंगे?
#CAPF
Well done @AnumaVidisha very well articulated argument against the new CAPF Amendment Bill.
It is totally against the Forces who are manning our Borders our Airports our PSUs and always drafted by the States to control Law and Order.
The VIPs should not forget that it is the CAPF personnel which provides them personal security.
@BJP4India is unnecessarily dividing the IPS and these 5 Central Armed Police Forces Personnel.
@narendramodi ji please withdraw the Bill today like you withdrew the 3 Farmers Bill.
This is going against you personally.
मोहन भागवत जी यदि @RSSorg इन CAPF के प्रति थोड़ा बहुत भी सहानुभूति रखती हो तो ये कानून वापस लेने के लिए @PMOIndia व @AmitShah को आज ही कहिए।
उसका एक और रास्ता है। आज इस Bill को संसद की Select Committee को भेज दिया जान चाहिए। जय सिया राम।
@INCIndia@RahulGandhi@kharge@Jairam_Ramesh
*Martyrs in CAPF*:
*CRPF* :-
Officers - 62
All Ranks - 2290
IPS: Zero
*BSF* :-
Officers - 85
All Ranks- 2014
IPS: Zero
*CISF* :-
Officers - 01
All Ranks - 126
IPS: Zero
*ITBP*:-
Officers - 13
All Ranks - 182
IPS: Zero
*SSB*:-
Officers - 5
All Ranks- 51
IPS : Zero
@PTI_News It's #CAPF whose 2270 martyrdom has contributed to eliminate the naxal,Not the top brass of Police or political echelons.But, Political will Undoubtedly added to support the real fighters of #CAPF on ground with expectations from the government towards betterment rather betrayal