सर, एक बार कमोड पर बैठ कर सुनते हुए डाल दीजिएगा, तो 2029 तक के लिए रास्ता क्लियर हो जाएगा। कार पर सुनना तो पुरानी बात हो गई है। @narendramodi जी की टीम इसके लिए 5 में से केवल 3 नंबर देती है।
4 या 5 के लिए श्मशान घाट से, नदी में डूबते हुए, दस्त लगे हुए कमोड से या रा��्ते में गाड़ी रोक कर, धूप में बाहर खड़े हो कर फ़ोन को 3000 निट्स पर, यह कहते हुए सुनिए कि नेटवर्क यहीं आ रहा था तो हमने सोचा कि धूप तो हर दिन होती है, मोदी जी के मन की बात की छाँव से शीतलता आ जाएगी।
ऐसे ��ाटुकारिता होनी चाहिए, अभी तो नंबर काट लिए जाएँगे।
ये चल क्या रहा है? कोई कफ सिरप कैसे डाल सकता हैं आँख में? आई ड्रॉप की जगह कान या नाक का ड्रॉप डाल दे तो समझ में आता है कि ह्यूमन एरर हो सकता है (जो नहीं होना चाहिए), पर कफ सिरप? इसको तो मृत्युदंड मिलना चाहिए।
भाजपा राज में उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था खुद ही बीमार नजर आती है। न पर्याप्त डॉक्टर, न दवाइयाँ, न स्टाफसिर्फ जर्जर और खाली इमारतों के सहारे विकास के दावे किए जा रहे हैं।
10 साल पहले जिन लोगों ने उम्मीद के साथ भाजपा को मौका दिया था, आज उन्हीं में से बड़ी संख्या यह स्वीकार कर रही है कि उनसे गलती हुई। परिवर्तन प्रकृति का नियम है, और बदलाव उन्हीं के लिए जरूरी है जिनकी परिस्थितियां आज भी नहीं बदलीं।
#GaneshGodiyal#INCUttarakhand #CongressForUttarakhand
प्रदेश में भ्रष्टाचार के जिस स्तर के रिकॉर्ड वर्तमान सरकार ने बनाए हैं, वैसा उदाहरण पहले शायद ही देखने को मिला हो।
हरिद्वार भूमि घोटाले में जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया था, उनके छह माह पूरे होते ही सरकार उन्हें बहाल करने की तैयारी में थी। ���ामला उजागर होने के बाद अब एक अधिकारी को सेवा समाप्ति का नोटिस और दूसरे की तीन वेतनवृद्धियां रोकने का निर्णय लिया गया है।
अधिकारियों पर क��र्रवाई का स्वागत है, लेकिन बड़ा सवाल आज भी कायम है आखिर वे कौन नेता और वरिष्ठ अधिकारी थे, जिनके संरक्षण में यह घोटाला हुआ? जनता को सिर्फ मोहरे नहीं, असली जिम्मेदारों के नाम भी जानने का अधिकार है।
#GaneshGodiyal #INCUttarakhand #CongressforUttarakhand
@abhiisshhek ज्योति रौतेला ने दराती दिखाई थी, बेचारी को जेल जाना पड़ गया, यहाँ पूरा का पूरा गुरुद्वारा को कब्जा कर के हथियार लहरा रहे तो पूरे इज्जत के साथ जाने दिया। सेमवाल जी कब तक चूसोगे, कभी तो पहाड़ियों के पक्ष में बोल लिया करो। सरकार के बचाव में पूरी बीजेपी लगी है
1 लीटर एथनॉल बनाने में 10,000 लीटर पानी इस्तेमाल होता है।
मुंबई को जिन झीलों से पानी मिलता है,उनमें पानी लगभग खत्म हो गया है! कुछ ही दिन का पानी बचा है, अगर बारिश नहीं हुई तो मुंबई में भयानक जल संकट आ सकता है।
इसे अपने सेगमेंट में कब जोड़ रहीं हैं?
Great surrender by Uttarakhand Police
So after 4 days of seize of Gurudwara these Goons left the Gurudwara as if they did something great and our police as usual giving them farewell while they break all the traffic rules flashing weapons tripling in motorbikes . Now they can go back and plan another seize at Red Fort attack policemen with swords. Politicians have failed this country for vote Bank.
Huge respect for Indira Gandhi she was definitely IRON LADY.
कर्णप्रयाग की घटना में तीर्थयात्री पक्ष की एफआईआर को उनकी मांग पर हरिद्वार स्थानांतरित किया जाना समझा जा सकता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या घायल स्थानीय होटल व्यवसायियों और स्थानीय लोगों ने भी अपने मामलों की जांच हरिद्वार स्थानांतरित करने की मांग की है?
यदि पीड़ित पक्ष ने ऐसी कोई मांग नहीं की, तो ���रकार और प्रशासन आखिर किसके हित में यह फैसला ले रहे हैं? स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी और उन्हें न्याय से दूर करना स्वीकार्य नहीं है।
सरकार स्पष्ट करे कि स्थानीय पीड़ितों के मामलों को हरिद्वार भेजने का निर्णय किस आधार पर लिया गया। यह किसी दल का नहीं, बल्कि न्याय और उत्तराखंड के स्वाभिमान का विषय है। सभी राजनीतिक दलों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर पीड़ितों की अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।
उत्तराखंड के हितों से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मोदी सरकार के 12 सालों की उपलब्धियां गिनाई जा रही थी
मंच पर ऊर्जा मंत्री थे, रेल मंत्री थे.
इतने में बिजली गुल हो गई.
15 मिनट में तीन बार बिजली ने धोखा दिया।
VC : @priyarajputlive
केसर सिंह नेगी जी को साकेत कोर्ट में पेश किया, दिल्ली पुलिस ने उन पर गैर इरादतन हत्या, गंभीर चोट पहुंचाने, जानबूझकर या लापरवाही से मानव जीवन को खतरे में डालने जैसी 5 गंभीर अपराधिक धाराओं में लंबी सज़ा दिलाने वाला मुक़द्दमा बनाया है। कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों के लिए ज़ेल भेज दिया।
दरअसल मीडिया, जनता के आग�� सच कहना 65 वर्षीय कुक केसर सिंह नेगी को भारी पड़ा। 26 कमरे, बेसमेंट का गैर-कानूनी उपयोग व इलेक्ट्रिक उपकरण के धमाके से आग लगने, अनियमितओं पर @4pmnews_network व @ndtvindia पर उन्होंने निष्छल भाव से सच बोल दिया। होटल मालिक, प्रशासन हुआ बेनकाब तो निर्दोष, गरीब रसोइये केसर सिंह नेगी को एमसीडी, पुलिस अधिकारियों और होटल मालिकों को बचाने के लिए अपराधी बना, गंभीर अपराधिक धारा लगा 'बलि का बकरा' बनाया गया।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि आग लगते ही वह दरवाजा, बिजली का स्वीच बंद कर भाग गया, जबकि उन्होंने मैनेजर को सूचना दी और मैनेजर के कहने पर धुंए से जूझते हुए बाहर निकले। घायल, मृतकों को कई एम्बुलेंस में ले जाने के बाद आग लगने के लगभग दो घंटे बाद करीब 10.30 बजे उन्होंने मौके पर 4 PM की रिपोर्टर से बात की, फिर दिल्ली पुलिस कैसे कह सकती है कि आग लगते ही वह भाग गए!
स्पष्ट है कि अपराधियों को बचाने, उनका केसर कमजोर करने, के लिए एक निर्दोष कुक को मनगढ़ंत आरोप लगा अपराधी बनाया गया है।
अल्मोड़ा जिले के सल्ट विकासखंड में 75 वर्षीय महिला को इलाज के लिए ले जाने के लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है,
कई देश दूरबीन लगा के देख रहे हैं और ऐसी व्यवस्था देख के दाँत के नीचे उँगली कूच दे रहे हैं।
Police have arrested this cook who was preparing food in the kitchen of Hotel Flourish Stays, where the fire reportedly started.
Next, they should arrest the vegetable, grocery, and dairy suppliers. Had they not supplied ingredients that day, there would have been no cooking and no fire.
After that, they should arrest the farmers who grew the vegetables, the factory owners who produced the grocery items, and the cows that gave the milk.
Sabko pakad lena. Kisi ko mat chhodna. Except, of course, the officials whose job it was to inspect such establishments and flag safety violations before a tragedy occurred.