#जयपुर में अपनी जायज़ मांगों को लेकर शांतिपूर्ण महापड़ाव कर रहे घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु ( #डीएनटी_DNT ) समुदाय पर पुलिस का बल प्रयोग बेहद निंदनीय और भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता- अराजकता एवं कायरता का परिचायक है !
लोकतंत्र में दमन नहीं, संवाद ही समाधान है !!
@BhajanlalBjp@RajCMO
अपनी मांगों को लेकर घुमंतू समाज द्वारा किए गए प्रदर्शन पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
सरकार को इनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और समाधान निकालना चाहिए। लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी को प्राप्त है और कमजोर वर्ग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करता है तो उनकी आवाज को दबाने की बजाय संवेदशीलता के साथ समाधान किया जाना चाहिए।
हम हमारा हक मांगते हैं नहीं किसी से भीख मांगते हैं भाजपा सरकार डर गई तभी पुलिस को आगे किया
पुलिस की लाठियों से डरने वाले नहीं है हमारी सभी मांगें सवेधानिक है
#dnt आंदोलन जयपुर
घुमंतु समाज द्वारा लगातार अपनी मांगे रखने, अलग अलग जिलों में आंदोलन करने के बावजूद भी बीजेपी सरकार द्वारा मांगे न सुनने के बाद जयपुर पहुंचे DNT घुमंतू समाज की महापंचायत में बीजेपी सरकार द्वारा पुलिस कार्यवाही बेहद निंदनीय है।
कल DNT (देवासी) समुदाय के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर जो पुलिस प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज और आँसू गैस के गोले छोड़े गए वो बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है
देवासी समुदाय हमेशा भाजपा का कौर वोटर रहा है लेकिन भाजपा सरकार द्वारा देवासी भाइयो को जिस तरह अपमानित किया और लाल पगड़ी के मान सम्मान पर जो ठेस पहुंचाई वो कतई सही नहीं है
उसके उपरांत लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कए जाने वाले पत्रकार और मीडिया के प्रति पुलिस का रवैया था वो तो बेहद शर्मनाक था।
@JnvuOmsingh@GaneshRebari@BJP4Rajasthan@otaramjidewasi@RatanDevasiINC@RavindraBhati__
सत्ता की ताक़त से सच कभी दबाया नहीं जाता,हक़ की आवाज़ को हमेशा के लिए मिटाया नहीं जाता।
वक़्त चाहे जितनी कठिन परीक्षाएँ ले ले,
सच्चाई का सूरज कभी छुपाया नहीं जाता।
अगर न्याय की माँग करना गुनाह कहलाता है,
तो इस गुनाह से पीछे हटना हमारी हिम्मत नहीं।
@laljiraika01
बहुत-बहुत ���न्यवाद माननीय नागौर सांसद आरएलपी सुप्रीमो श्री हनुमान बेनीवाल जी का जिन्होंने प्रेस कांफ्रेंस करके कल हमारे Dnt समाज के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के बारे में बताया किस तरह पशुपालक भोली भाली कमजोर वर्ग की सरकार आवाज दबा नहीं सकती है @hanumanbeniwal @RajCMO
जयपुर में अपनी जायज़ मांगों को लेकर शांतिपूर्ण महापड़ाव कर रहे घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु (डीएनटी) समुदाय पर पुलिस का बल प्रयोग बेहद निंदनीय और भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता का परिचायक है।
लोकतंत्र में दमन नहीं, संवाद ही समाधान है। सरकार को लाठी और आंसू गैस नहीं, संवाद का रास्ता अपना चाहिए क्योंकि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को लाठियों से नहीं दबाया जा सकता।
सरकार डीएनटी समाज के प्रतिनिधियों से संवाद कर सकारात्मक अप्रोच दिखाएं एवं जनहित में निर्णय लें। @RajCMO
आज राजधानी जयपुर में घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू (DNT) समाज की महापंचायत के उपरांत राजस्थान की भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज निंदनीय है | लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने, अपनी समस्याओं को सरकार के समक्ष रखने और मुख्यमंत्री से मिल��े का पूरा अधिकार है। यदि महापंचायत के बाद समाज के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे, तो सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए था। लेकिन दुर्भाग्य है कि भाजपा सरकार ने बातचीत के बजाय लाठियों को अपना माध्यम बना लिया।
जो सरकार जनता की आवाज़ सुनने से डरती हो, वह संवाद नहीं, दमन का रास्ता चुनती है।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से पूछना चाहता हूं कि क्या य��ी भाजपा का सुशासन है ? सत्ता के अहंकार में डूबी सरकार को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र लाठी के बल पर नहीं, ��नता के विश्वास और संवाद से चलता है।
घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू समाज पर हुआ यह लाठीचार्ज केवल एक समुदाय पर हमला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है।
@RajCMO
अरावली पर्वतमाला पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला…
सौ मीटर से कम ऊँचाई वाले पहाड़ अरावली पर्वतमाला नहीं कहलाएँगे…
इस पर हमारे वाइल्डलाइफ़ एक्टिविस्ट जगदीश पूनियाँ को सुनिए…!!!