राजस्थान कौंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स (AIFDE से सबंधित )डिप्लोमा इंजीनियर्स के अधिकार, सेवा सुधार व एकता हेतु समर्पित | स्थापना: 1974 |
मुख्यालय:जयपुर
स्थायी जूनियर इंजीनियरों (JEN) के होते हुए संविदाकर्मियों को उनके समकक्ष शक्तियां देना सरकारी सिस्टम को कमजोर करने जैसा है। बिना SOP के अधिकारों का बंटवारा बर्दाश्त नहीं! विभाग में 'कुर्सी और कलम' की ये जंग विकास को रोक रही है।@madan_dilawar@RDPR_Rajasthan@RDPRJEnUNION@RajCMO
भाजपा विधायक जयदीप बिहानी ने दलित सरकारी इंजीनियर छगनलाल बैरवा के साथ मारपीट कर उन्हें ही गिरफ्तार करवा दिया। राजस्थान के निर्लज्ज मीडिया ने बिना किसी पड़ताल और तथ्य-जांच के इंजीनियर को दोषी ठहराते हुए मनगढ़ंत सुर्खियाँ गढ़ दीं।
तू इधर उधर की न बात कर, ये बता कि क़ाफ़िला क्यूँ लुटा,
मुझे रहज़नों से गिला नहीं, तेरी रहबरी का सवाल ���ै।
पत्रकारिता का पहला नियम है दोनों पक्षों को सुनो। दूसरा नियम है जो पहले से सत्य मान लिया हो, उसे भी प्रमाण की कसौटी पर रखो। और तीसरा नियम, जो शायद सबसे कठिन है जब आपका राजनीतिक सहानुभूति-केंद्र किसी एक तरफ हो, तब और भी सतर्क रहो।
बीजेपी विधायक होने का फायदा भरपूर उठाया जयदीप बियानी ने... अधिकारियों को पीट भी लिया और आरोप लगाकर जेल भी भेज दिया... जमानत के बाद अधिकारी चोट दिखा रहे हैं...सच्चाई भी बता रहे हैं
Dozens covered the story, but Parul reported it the way it deserved to be reported. While others ran with whatever narrative came their way, she went back, checked, cross-checked, and gave every side its fair hearing. No shortcuts, no agenda. She corroborated what needed corroborating, contextualized what needed context, and presented the full picture without flinching. That’s the kind of journalism that reminds you why this profession still matters. @parul_kuls
विधायक धरती के भगवान है ।कांग्रेस हो या बीजेपी ,दलित पीटे जाने के लिए ही बना है ।हालांकि कांग्रेस इस बात के लिए प्रशंसा की पात्र है की मलिंगा को दिखावे के लिए ही सही लेकिन एक बार जेल तो भेजा,बिहानी ने तो पीटा भी और जेल भी कर्मचारी को ही भेज दिया ।नहीं सहेगा राजस्थान वाले दिखावे में ज़्यादा विश्वास करते है चाहे विधायक पुत्री न��यब तहसीलदार नक़ली सर्टिफिकेट से बने या विधायक पुत्र दादागिरी करे आम आदमी को सहना तो पड़ेगा
#Rajasthannews
#Ganganagar
@BhajanlalBjp
घटना बेहद गंभीर है, जिसने भाजपा सरकार की प्रशासनिक विफलता पूरी तरह उजागर कर दी है।
इस बयान के अलावा एक और वीडियो देखा, जिसमें AEN श्री जगनलाल बैरवा के शरीर पर चोटों के निशान हैं, आँख के ��ास सूजन है।
पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। AEN की चोटों की मेडिकल बोर्ड से जांच हो, और जो भी दोषी पाया जाए, उन पर कड़ी कार्रवाई हो। @RajCMO
1-2022 को बाड़ी में डिस्कॉम ऑफिस के अंदर विधायक और उनके समर्थकों ने एईएन (AEN) हर्षाधिपति वाल्मीकि पर हमला किया था
2 - अब श्रीगंगानगर में RUIDP एईएन जगनलाल बैरवा को विधायक ने थप्पड़ मारें, जातिसूचक गालियां दी गईं और विधायक के समर्थकों ने लात-घूंसों और पाइपों से पीटा। #Rajasthan
कांग्रेस के शासन में जो भाजपाई एईएन से मारपीट के आरोपी विधायक पर कार्रवाई नहीं करवा पाए थे, वे अब अपनी सरकार से एईएन से मारपीट के आरोपी विधायक पर कार्रवाई करवा लें।
मौका है आपके पास
गत दिनों श्रीगंगानगर में भाजपा विधायक द्वारा अधिकारियों पर मारपीट के संगीन आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। अब जो घटनाक्रम सामने आया है, उसमें संबंधित अधिकारी AEN श्री जगनलाल बैरवा ने जमानत मिलने के बाद प्रेस वार्ता के दौरान विधायक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें अभद्र भाषा का प्रयोग, कपड़े फाड़ना, प्रताड़ित करना तथा शरीर पर चोट के निशान दिखाना शामिल है।
वीडियो और फोटो में साफ़ दिखाई दे रहा है कि संबंधित कर्मचारी को बेरहमी से गंभीर चोटें पहुंचाई गई हैं। इस प्रकार का व्यवहार पूरी तरह निंदनीय है।
यह पूरा मामला बेहद गंभीर है। इस प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। जांच प्रक्रिया पारदर्शी हो ताकि कानून पर आमजन भरोसा कायम रहे।