ओ तेरी भाई साहब ने जीते जी अपनी पत्नी का पिण्डदान कर दिया ..गया जी जाकर बाल मुड़वाकर पण्डित जी को 5000₹ का दान दक्षिणा कर आए..
कारण ये गाँव के व्यक्ति है और इनकी पत्नी इंस्टा पर हॉट हॉट रील्स बनाकर अपलोड करती हैं और लोग इन्हें दिखाकर कहने लगे ..द��ख ओकरे मौगी हौ कइसन कइसन वीडियो डालेली 😓😁
ये बिजनेस नहीं तो और क्या...😱
महिलाओं को अपनी इज्जत बचाने के लिए ₹10 देने पड़ रहे हैं।
अयोध्या में हर जगह देखो तो पैसों के बिना कुछ बात नहीं होती, VIP दर्शन करने हो तो पैसा ��गेगा कपड़े चेंज करने हो तो कैसा लगेगा।
यह घाघरा नदी के किनारे मच्छरदानी जैसा टेंट चेंजिंग रूम है, खुद की कीमत ₹400 से ज्यादा नहीं होगी।
लेकिन वहां की पुजारी ने इसको अपना धंधा बना दिया है जो लोग दिन में लगभग ₹1000/-₹1500 कमा लेते हैं?
ईद और रंजिश
सूर्य को ईद पर बकरा हलाल करते देखने के लिये बुला कर उसे ही काट देना । कारण चाहे रंजिश हो तरीका अलार्मिंग है ।
बेहद अफसोसजनक, मज़हब के बारे में गलत संदेश फैलाने वाली इस हत्या पर चुप्पी एक दुखद आश्चर्य है ।
इसकी भर्त्सना ज़िम्मेदार लोगों द्वारा होनी चाहिये थी, जो नहीं हुई ।
इस देश की तथाकथित सिविल सोसाइटी ने इ��की निंदा नहीं की
हर मामले पर आवाज उठाने वाले योगेंद्र यादव सयमा ध्रुव राठी राहुल गांधी अखिलेश यादव अरविंद केजरीवाल ममता बनर्जी तेजस्वी यादव संजय सिंह रवीश कुमार योगेंद्र यादव इसके अलावा ग्लोबल मीडिया अल जजीरा न्यू यॉर्क टाइम्स वाशिंगटन पोस्ट डॉयचे वेले DW बीबीसी किसी ने इसकी निंदा नहीं की
न ही खबर को ट्वीट किया या रिपोर्ट किया
क्योंकि इस घटना में एक मुस्लिम युवक ने एक हिंदू युवक का बेदर्दी से कत्ल किया
अब आप जरा इसका उल्टा सोचिए
होली मिलने के बहाने अगर किसी हिंदू युवक ने किसी मुस्लिम युवक को बुलाकर इस तरह से कत्ल किया होता तो क्या भारत की सिविल सोसाइटी यह सारे सेकुलर मीडिया राहुल गांधी अखिलेश यादव अरविंद केजरीवाल तेजस्वी यादव ममता बनर्जी योगेंद्र यादव सयमा आरफा खानम शेरवानी इस घट��ा पर चुप होते ??
अब तक यह लोग नंगा नाच मचा देते खोड़ा को एक पवित्र तीर्थ घोषित करके वहां डेरा डालकर पड़े होते पूरी दुनिया की मीडिया का सबसे बड़ा केंद्र खोड़ा बन जाता
सोचिये ऐसे विचार का संक्रामक हो जाना कितना खतरनाक हो सकता है ।
ध्यान रहे हमारी चुप्पी भी अपरोक्ष रूप से समर्थन में गिनी जाती है ।
अफ़सोस कि इसकी निंदा पहलू खान तबरेज की हत्या की तरह नहीं हुई ।
कारण आप तला��िये ।
मुझे बस यही कहना है कि इस मुद्दे पर चुप रहने से कहीं ग़ैरमज़हबी बकरे न हों जायें ।
आपको भी इसी तरह कभी हलाल न कर दिया जाए
यद्यपि पुलिस की कार्यप्रणाली ने बेहतर जवाब दिया ।
दरिंदे असद का एनकाउंटर हो चुका ।
वह सूअर जहन्नुम जा चुका