नानक, बुद्ध, कबीर , समर्थ रामदास, रामतीर्थ, स्वामी विवेकानंद, श्री लीलाशाहजी आदि नामी अनामी भगवदपाद महापुरुषों के कारण ही समाज में सुख-शान्ति, संयम, सदाचार दिखाई दे रहा है। आज विश्व की सामाजिक,नैतिक अराजकता को देखते हुए क्या #जीवन_में_संतों_का_महत्व आवश्यक है ? #savehindu
एक आंदोलन मोबाइल नेटवर्क कंपनियों के खिलाफ किया जायेगा।
गांव देहात से लेकर शहर के सामान्य यूजर हर महीने 5G के लिए 400-500 रुपए का रिचार्ज करवाते हैं और नेटवर्क 2G का आता है।
इससे बड़ा स्कैम और क्या होगा 🙏🙏🙏🙏
₹3.5 लाख करोड़ का कोचिंग बाज़ार सिर्फ एक उद्योग नहीं, शिक्षा व्यवस्था की असफलता का प्रमाण है।
जब नौकरी का सपना स्कूल और विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि कोचिंग संस्थान तय करने लगें तो समझ लीजिए शिक्षा नहीं, परीक्षाओं का व्यापार चल रहा है।
युवाओं का भविष्य अब सीखने से नहीं, फीस भरने की क्षमता से तय होने लगा है।
#EducationCrisis #ExamIndustry #CoachingCulture #EducationReform #YouthOfIndia #SystemFailure #UPSC #NEET #JEE #IndianEducation #EducationForAll #StudentsNotCustomers #SaveEducation @RahulGandhi
सोशल मीडिया से अच्छी मदद मिलती है बस उपयोग करने का तरीका सही होना चाहिए 🙏🏻🙏🏻
सोशल मीडिया से जुड़े सभी लोगों को समर्पित है यह सम्मान आप सब की बदौलत ही संभव हो पाता है ।सभी से निवेदन है की मदद वाली पोस्ट को शेयर नहीं करो तो वेरीफाई करके कॉपी पेस्ट कर दिया करो 🙏🏻मदद लेने वाले लोगों से भी निवेदन है संभव हो तो वापिस भी मदद करें ।
Sadhna Bharat Sethi जी आपका बहुत बहुत आभार 🙏🏻
उधर से मुर्ख रिपोर्ट करवा रहे है और इधर से हनुमान सेना के योद्धा रिपोस्ट पें रिपोस्ट कर रहे है... इसलिए मुकाबला नहीं कर पाओगो मूर्खो......
#राजस्थान_का_CM_मुर्खाधिराज
अगर राजस्थान में अभी कांग्रेस सरकार रही होती
तो ये TV चैनलों पर डिबेट का विषय बन गया होता है।
जैसलमेर के डंपिंग यार्ड में सैकड़ों गायों के ��व पड़े हैं, तस्वीर हृदयविदारक है। मगर गौमाता के लिए आउटरेज सलेक्टिव है
ऑयल बॉन्ड की देनदारी 3 लाख करोड़ थी, 4 करोड़ वसूल लेते, 44 लाख करोड़ की वसूली क्यों हुई?
अगर जब चंगा है तो डॉलर के मुकाबले रुपया 97 क्यों पहुंच गया? निर्यात क्यों घट रहा? उत्पादन क्यों घट रहा? अमेरिका के निर्देश पर तेल क्यों ले रहे?
- आशुतोष
• कांग्रेस के समय पेट्रोल महंगा हो तो “जनता पर बोझ”।
• बीजेपी के समय पेट्रोल महंगा हो तो “देशहित में योगदान”।
• कांग्रेस के समय डॉलर महंगा हो तो “अर्थव्यवस्था खतरे में”।
• बीजेपी के समय डॉलर महंगा हो तो “ग्लोबल फैक्टर”।
• कांग्रेस के समय बेरोजगारी हो तो “युवा बर्बाद”।
• बीजेपी के समय बेरोजगारी हो तो “स्टार्टअप करो, पकौड़े तलो, स्किल सीखो”।
• कांग्रेस के समय महंगाई हो तो सरकार फेल।
• बीजेपी के समय महंगाई हो तो “दुनिया में देखो क्या हाल है, भारत फिर भी बेहतर है।”
• मतलब तुलना भी सुविधा के हिसाब से, सवाल भी सुविधा ��े हिसाब से और राष्ट्रवाद भी सुविधा के हिसाब से।
• जब श्रेय लेना हो तो भारत विश्वगुरु है।
जब जवाब देना हो तो भारत पाकिस्तान से बेहतर है।
• यही बीजेपी और मीडिया हाउसों का असली दोगलापन है।
1 लाख 32 हजार करोड़ का कच्चा तेल विदेशों से आया, जिसमें से 52 हजार 876 करोड़ का तेल दूसरे देशों को बेच दिया गया 🤔😱
जनता से पेट्रोल ��ीजल कम उपयोग करने की अपील करने वाले ने, कंपनी से तेल निर्यात न करने की अपील क्यों नहीं की ??
Mobile data हुआ है…
jisne इंसान को फोन में इत���ा उलझा दिया गया कि अब उसे आसपास क्या हो रहा है, उसी पर ध्यान नहीं ।उसे अपनी बेरोज़गारी तक का एहसास नहीं|
चौंकाने वाली बात!! 🤯
भारतीय पेट्रोलियम कंपनियां भूटान में 67 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल बेचती हैं, लेकिन भारतीयों से 100 रुपये प्रति लीटर वसूलती हैं।
क्यों?