ईश्वर की मधुरता के बिना जीवन में जो कुछ भी मिलता है फिर भी अंदर से सुख की, शांति की भूख-भूख में आदमी शराब पीता है, पान-मसालें खा���ा है, दुराचार करता है, ना जाने क्या-क्या करता है, केवल रस के लिए....।
#AsharamjiBapuQuotes
मामला खारिज नहीं हुआ, बस दूसरी बेंच को ट्रांसफर हुआ है—लेकिन आसाराम बापू की सेहत के लिए समय बहुत कम है। 88 वर्ष की उम्र में हर पल अहम है। #CriticalHealth
भगवत् कथा सुनने से आयु, आरोग्य और पुष्टि होती है। श्रवण मनन से दुःख निवृत्त होते हैं। अगर संसार की वार्ता सुनोगे तो राग द्वेष पैदा होगा, उत्तेजनाएं पैदा होगी। आपकी औरा और ऊर्जा ज्यादा क्षीण होगी। जब भगवत् कथा सुनोगे तो सहनशक्ति, क्षमाशक्ति, ब्रह्मचर्य शक्ति, शौर्य शक्ति, उदार शक्ति आपकी खिलेगी और सब ��क्तियों का भंडार जो रब है उसमें ध्यान करने की भी रुचि पैदा होगी और उसके नाम उच्चारण करने की भी रुचि पैदा होगी। #AsharamjiBapu
उपवास करने से पहले सुबह भगवान नारायण को प्रार्थना करना चाहिए कि आज तुम्हारी प्रीति के लिए, भगवदभक्ति, भगवदज्ञान, भगवदप्राप्ति के लिए मैं आज ये व्रत करूंगा... फिर भगवान की पुष्पों से पूजा करें, धूप-दीप करें, एकादशी की रात्रि का जागरण करें, इस प्रकार एकादशी का व्रत करने से बड़े बड़े अनर्थ भी दूर हो जाते हैं।
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#निर्जला_एकादशी
इष्ट मंत्र की माला गले में रखना चाहिए। मासिक धर्म है तो फिर माला नहीं घुमाना और ॐ कार नहीं जपना। बिना माला के मानो ॐ नमः शिवाय गुरु मंत्र है तो शिव, शिव, शिव, शिव 15 मिनट जपे। हरि ओम है तो हरि, हरि, हरि, हरि ता 15 मिनट। ॐ नमः भगवते वासुदेव है तो वासुदेव, वासुदेव, वासुदेव ऐसा जपो। ॐ कार नहीं जपना मासिक धर्म में और माला नहीं छूना और शौचालय में माला ले गए तो माला सहित स्नान करो। पीपल के पत्ते पर माला ��ख के उसको दूध से स्नान कराओ, पानी से स्नान कराओ। माले, माले, महा माले, पातक नाशिनी, पुण्यदायिनी अपने गले में रखो। #AsharamjiBapu
जो एकादशी के दिन चावल खाते हैं उनको शारीरिक दोष तो प्राप्त होता है बीमारियां आदि, लेकिन मानसिक खिन्नता भी उनकी बढ़ती है एकादशी के दिन चावल खाना निषेध कहा गया शास्त्रों में और एकादशी के दिन उपवास रखने का बड़ा भारी माहात्म्य ��हा गया है।
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#निर्जला_एकादशी
जो समाज अपने मूल्यों की रक्षा करता है, वही भविष्य का निर्माण करता है। — संत श्री हितेन्द्र कृष्ण जी महाराज
सत्य, न्याय और संस्कार किसी भी सभ्य समाज की आधारशिला हैं। Sant Samaj का आग्रह है कि न्याय प्रक्रिया निष्पक्ष रहे और लंबे समय से ल��बित मामलों में न्याय मिले। #ReleaseInnocent
सुख लेने की चीज नहीं है। सुख देने की चीज है। मान लेने की चीज नहीं है। आप मान लेंगे न , तो आप अहंकारी बन जाएंगे। मान के गुलाम हो जाएंगे। मान की इच्छा ना करो। आप घाटे में मत पड़ो। मान लेने की चीज नहीं है।
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आओ श्रोता तुम्हें सुनाऊं, महिमा लीलाशाह की।
सिंध देश के संत शिरोमणि, बाबा बेपरवाह की।
जय जय लीलाशाह
दुःख को हरते,सुख को भरते,करते ज्ञान की बात जी।
जग की सेवा लाला नारायण, करते दिन-रात जी।
जीवनमुक्त विचरते हैं ये, दिल है शंहांशाह की।
आओ श्रोता तुम्हें सुनाऊं..
#AsharamjiBapuQuotes
बाल संस्कार केंद्र, व्यसनमुक्ति अभियान, महिला उत्थान और सेवा कार्य—इन माध्यमों से समाज को मजबूत बनाने का प्रयास किया गया। समर्थ और जागरूक समाज ही किसी भी प्रकार के लालच आधारित #Dharmantaran को रोक सकता है।
धन, निःशुल्क सामग्री और चमत्कारी उपचार के प्रलोभनों के माध्यम से होने वाले #Dharmantaran पर गंभीर चर्चा आवश्यक है। संत श्री आशारामजी बापू द्वारा चलाए गए सेवा, संस्कार और जागरण अभियानों ने अनेक लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया।
गोपियों ने श्रीकृष्ण से किया अद्भुत प्रश्न!
जो महापुरुष समाधि में स्थित रहते हैं,
उन्हें कैसे ज्ञात होता है कि —
कौन उनसे प्रेम करता है?
कौन उनके लिए तड़पता है?
और कौन उनसे नफरत करता है?
जानने के लिए अवश्य देखें —
ऋषि दर्शन
मई 2024 | पार्ट 5 | अंक 149
#RishiDarshan#AsharamjiBapu
भोग में पराधीनता है, योग में स्वाधीनता है। भोग में वस्तु चाहिए, व्यक्ति चाहिए, भोग का सामर्थ्य चाहिए और बदले में शक्तिहीनता, जड़ता और पराधीनता मिलती है। योग में कुछ नहीं चाहिए। खाली वासनाओं का त्याग करते हैं। अपने आप में बैठना है। वासना पूर्ति में गुलामी है, पराधीनता है, शक्ति का ह्रास और नीची योनियों की प्राप्ति है; और वासना छोड़ने में ईश्वर की प्राप्ति है। और वासना सब अपनी पूरी नहीं होती है, ये पक्की बात है। सब इच्छाएं किसी की पूरी नहीं हुई। तो फिर इच्छा, वासना का त्याग कर दो, आवश्यकता पूर्ति हो जाएगी।
#AsharamjiBapu
दुःख भी आ जाए तो उसका मजा लो, मैं दु:खी हूँ ऐसा सोच सोचकर दुःख में डूबें क्यों !!
वेदांत ऐसा नज़रिया दे देता है ���ि आप संसार का पिट्ठू होकर दब के मत मरो। दुःख का भी मजा लो और सुख का भी मजा लो ।
दुःख आया तो हम देख रहे हैं, आया है तो जाएगा भी। आप इस संसार को, शरीर को, विकारों को, अपने ऊपर हावी मत होने दो। ये हावी हो गए तो आपको नोच डालेंगे और अगर आप युक्ति से निकल गए तो ये आपके दास हो जाएंगे।
#AsharamjiBapuQuote