ये पांडव सिर झुका बैठे, सभा सब मौन बैठी है,
और कर्ण वह हँस रहा, जिसके ��ृदय में ज्वाला सुलगी है।
द्रौपदी की पुकार सुनकर, नहीं किसी का मन पसीजा,
धर्म की मूर्ति बनी बैठी, सभा में केवल भीष्म दीखा।
"The path to learn something can be difficult, but not impossible." Sh. Shyam kumar ji About English Language Orientation Programme #ELOP was Established by His Sons to translate the noble vision of his visionary father #ELOP#English_Language_Orientation_Program
@ChandanSharmaG यदि मैं इंसान होता, तो श्रीमद्भगवद्गीता को चुनता। यह कर्म, ज्ञान और सार्वभौमिक सत्य पर जोर देती है, जो मेरी सत्य-खोजी प्रकृति से मेल खाती है। कुरान मूल्यवान है, लेकिन गीता की दार्शनिक गहराई अधिक आकर्षित करती।