मेरा कोलेजियम जजों से बस इतना सवाल है कि
चमार कहने वाले का इरादा कैसे पहचानोगे खासकर जब झगड़े का मैटर हो?
झगड़े के समय तो आरती उतारने के इरादे से तो चमार कहेगा नहीं।
बोलने का सबूत तो वही है जब तक वो स्वयं ना कबूले
किसान का अपमान, देश का अपमान है!
भाजपा ने किसान के मुँह पर लात मरवाकर पूरे देश के किसानों को धमकाने का जो कुकृत्य किया है वो अक्षम्य है।
उप्र की भाजपा सरकार द्वारा किसान नेताओं पर थाने में थर्ड डिग्री की मार-पीट करके प्रताड़ना देना दर्शाता है ���ि हार के डर से वो कितनी बौखलाई है। जिन्हें भाजपा किसानों के आगे ढाल बनाकर साथ में खड़ा करना चाहती थी वो ढाल भी निम्नलिखित कारणों से, किसानों के आक्रोश की आग के कारण मोम की ढाल ही साबित हुई है।
जो भाजपा सरकार :
- कुछ लोगों के हाथ में खेती-किसानी, भंडारण, विदेशी बीज-खाद- पैदावार का व्यापार-विपणन देने के लिए विदेशियों से डील करती है।
- एमएसपी के लिए तैयार नहीं होती है।
- ख़रीद के लिए मुकर जाती है।
- खाद की अंतहीन लाइन में किसानों को लगाती है।
- भूमि अधिग्रहण व तीन काले क़ानून लाकर, किसानों का सब कुछ हड़प लेना चाहती है।
- किसान आंदोलन में 700 से भी अधिक किसानों की शहादत पर चुप रहती है।
- किसानों की आत्महत्याओं पर शोक तक प्रकट नहीं करती है।
- किसानों पर गाड़ी चढ़ाक�� मारनेवाले अपने लोगों का क्लीन चिट देती है…
उस भाजपा सरकार से इससे अधिक उम्मीद क्या की जा सकती है कि वो किसानों के हित के नाम पर उनके तथाकथित हितैषियों से समझौता करके अपनी स्वार्थ सिद्धी में लगी रहकर ‘किसान नेताओं’ को थर्ड डिग्री देगी और कुछ नहीं।
देश भर के किसान देख लें कि भाजपा और उसके सहयोगी किस तरह सत्ता सु�� में लीन रहकर किसानों पर अत्याचार कर रहे हैं।
इस मामले की गहरी जाँच हो और हर दोषी के ख़िलाफ़ सख़्त दंडात्मक कार्रवाई हो और बर्खास्तगी भी।
घोर निंदनीय!
किसान कहे आज का , नहीं चाहिए भाजपा!
Around 80 % of the population in Bagru village belongs to the General category.
- Not a single child from the general category goes to that school.
- Some children from SC category go to that school.
- When CJP spokesperson Ashutosh was going to that school, BJP goons from the general category beat him up so that no SC category student could study in a good school.
-Why GC Hate SC/ST/OBC Students?
- I'll post some pictures of the school.
लवणेन भोज्यम
सवर्णों का मसीहा फट्टू है। 800 फालोवर वाले अकाउंट से डर गया 🤭
अभी तक इसने एक भी फोटो जंतर-मंतर की नहीं डाली।
वीडियो बना और पैसे कमा नहीं तो अगले हफ्ते स्कैनर डालना पड़ जाएगा।
Requesting media to not blame the villagers for today’s incident. People were sent from outside to incite violence. It was the villagers who had requested us to come and inspect the school.
I have been told that the local BJP counsellor was seen distributing money to some goons.
मेरठ में मोहित जाटव और दिग्विजय भाटी के साथ पुलिस हिरासत में हुई बर्बरता कानू��-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल करने वाली हैं।
पीड़��तों का आरोप है कि तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय ने दोनों को अपने कार्यालय बुलाकर गालियां दीं और चैंबर बंद कर उनके साथ मारपीट की। इसके बाद SOG के हवाले कर उन्हें पैर बांधकर उल्टा लटकाने और फट्टों-लाठियों से बेरहमी से पीटने का भी आरोप है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, यह पुलिसिंग नहीं, बल्कि वर्दी की ताकत का खुला दुरुपयोग और हिरासत में यातना है। किसी भी अधिकारी को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
@UPGovt तत्काल CCTV फुटेज सुरक्षित कराए, पीड़ितों का स्वतंत्र मेडिकल परीक्षण कराए और आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो।
वर्दी कानून से बड़ी नहीं है और आम नागरिकों की आवाज को पुलिसिया ताकत के बल पर दबाना किसी भी कीमत पर स्वीक���र नहीं किया जा सकता।
@India_NHRC
When Ambedkarite people take charge of the country's governance and administration, the condition of the country will certainly improve.
These are merely one or two examples.
योगी, योगी...
योगी जातिवादियों की सुन नहीं रहे हैं...
आदित्यनाथ सरकार से कुछ जातिवादी लोग सवाल कर रहे हैं,
“हमारे Tax के पैसे से SC/ST/OBC को Free Coaching, Hostel और Scholarship क्यों?”
इस argument की पहली गलती ही है...“हमारा Tax” बनाम “उनका Benefit” जैसी caste-wise binary बन���ना...
2026–27 के Union Budget में Centre का Gross Tax Revenue लगभग ₹44 लाख करोड़ है, Direct Taxes करीब ₹27 लाख करोड़ और Indirect Taxes करीब ₹17 लाख करोड़ हैं...
आंकड़े इंटरनेट से लिए गए हैं, थोड़ा बहुत ऊपर नीचे हो सकते हैं, आप लॉजिक समझिए...आम खाइये, गुठली गिनने से क्या हासिल होग���...
हाँ, Direct Tax का हिस्सा बड़ा है, लेकिन इससे यह कैसे साबित हुआ कि Taxpayer = General Category और Beneficiary = SC/ST/OBC हैं?
SC/ST/OBC में भी salaried employees, professionals, businessmen और करोड़ों consumers हैं, Income Tax न देने वाला गरीब व्यक्ति भी taxable consumption के जरिए indirect-tax system का हिस्सा है, और जनसंख्या के अनुसार अनुपात निकलोगे तो 85 प्रतिशत जनसंख्या एक बड़ी आबादी है...
और सबसे महत्वपूर्ण...
Tax देना और Government की हर scheme का व्यक्तिगत beneficiary होना दो अलग बातें हैं,
मैं tax देता हूँ तो क्या मु��े Government Hospital का पैसा वापस मिलना चाहिए क्योंकि मैं बीमार नहीं पड़ता?
जिसके बच्चे नहीं हैं, क्या वह Government School के लिए tax देना बंद कर दे?
नहीं...
राज्य कोई cashback counter नहीं है,
Public revenue का इस्तेमाल constitutional obligations, public needs और social priorities के अनुसार होता है...
अब Affirmative Action समझिए:
SC/ST/OBC के लिए targeted hostel, scholarship या coaching का उद्देश्य “हर व्यक्ति को गरीब मानकर पैसा बांटना” नहीं है, इसका उद्देश्य है...historical और structural disadvantage को कम करके access और representation को बढ़ाना,
अगर General Category के economically weaker students को पर्याप्त सहायता नहीं मिल रही, तो मांग बिल्कुल कीजिए... कि...
“GC के लिए सहायता बढ़ाइए।”
लेकिन ये कैसा लॉजिक है कि...
“SC/ST/OBC को मिलने वाली सहायता बंद करो और GC को दीजिए”? ये binary क्यों बना देते हैं?
गरीब General को ऊपर उठाने का रास्ता गरीब SC/ST/OBC को नीचे खींचना नहीं हो सकता,
और ये आंकड़े भी समझिए... मैंने ये इंटरनेट से उठाये हैं वेरिफाइड नहीं हैं, लेकिन फिर भी समझने के लिए पर्याप्त हैं;
latest HCES 2023–24 में भी social-group consumption gaps साफ हैं। ग्रामीण भारत में average MPCE ST ₹3,363, SC ₹3,878, OBC ₹4,206 और Others ₹4,642 था,
Urban India में ST ₹6,030, SC ₹5,775, OBC ₹6,738 और Others ₹7,832....
लगभग consumption पर भारत सरकार tax लेती है...
इसलिए यह कहना कि SC/ST/OBC “tax नहीं देते, केवल tax का लाभ लेते हैं”...इस डेटा से भी साबित नहीं होता,
एक बात समझिए Social Justice केवल Reservation नहीं है...
Reservation → Representation
Land Reform → Asset Redistribution
Public Education → Capability
Scholarship/Hostel → Access
Caste Census → Evidence-based Policy
इसलिए सवाल यह होना चाहिए...
“किस समुदाय की कौन-सी deprivation है और उसे दूर करने की सबसे प्रभावी policy क्या है?”
न कि...
“मेरे Tax के पैसे से उसे क्यों मिल रहा है?”
Democracy में अपने अधिकार बढ़ाने की मांग कीजिए,
दूसरे वंचित के अधिकार को घटाने की नहीं...
टैक्स आप अकेले नहीं देते हैं, भिखारी भी बिस्किट का पैकेट खरीदता है तो उसका indirect tax भरता ��ै,
और आबादी के हिसाब से data का अनुमान तो अभी लगाया ही नहीं है मैंने, यदि SC, ST, OBC की आबादी 85 प्रतिशत के करीब है तो संभवतः उनका Indirect tax में भी योगदान ज्यादा हो सकता है,
इसका कोई empirical data मौजूद नहीं है लेकिन आप inference draw तो कर ही सकते हैं।
तो अगली बार जो भी जातिवादी यह तर्क दे कि जनरल कैटेगरी ही टैक्स देती है, इसलिए आरक्षण नहीं होना चाहिए, इसलिए सोशल जस्टिस नहीं होना चाहिए, उनको ये data और तर्क जरूर दीजिए।
वैसे तो दक्षिणपंथियों में बेसिक रीजनिंग और कंप्रीहेंशन नहीं होता है, फिर भी समझाने का प्रयास कीजिए।
#reservation #yogiadityanath #hostelscholarship #SCSTOBC
Caste census has open ended caste question which will result in numerous caste categories.
One option is list down the castes already in NCBC,NCSC,NCST in a menu card which will cover 98% of the castes in the country. The rest 2% can be placed in others categories.
This will give a more accurate representation.
Also No caste can be a column.
This has been successfully done in British caste census, Bihar caste census and Telangana caste census.
This best practice should be followed
भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी न राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्मृति में 2014 में स्वच्छ भारत अभियान को प्रारंभ किया था।
इस वीडियो ( चलचित्र ) के माध्यम से भ्रामक खबर को फैलाया रहा है। जबकि यह व्यक्ति राष्ट्र प्रेम की कमी से पीड़ित जान पड़ता है।