"500 साल की प्रतीक्षा के बाद जो मंदिर बना, उसकी निधि से चोरी।
CM योगी ने तय किया यह बर्दाश्त नहीं होगा।
15 दिन में SIT रिपोर्ट, FIR, 8 नामजद, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां।
राम भक्तों के साथ किए वादे का यह सम्मान है।
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भारत की अगली आर्थिक छलांग केवल महानगरों से नहीं आएगी।
वह उन राज्यों से आएगी जो बड़े पैमाने पर निवेश, नवाचार और रोजगार के लिए नए केंद्र बन रहे हैं।
उत्तर प्रदेश आज उसी दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।
Vision 2031के तहत विकसित हो रहे कमर्शियल कॉरिडोर, GCC कैंपस, डेटा सेंटर और AI
इकोसिस्टम राज्य को नई अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहे हैं।
बेंगलुरु के डेवलपर्स द्वारा ₹29,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव इस बात का संकेत हैं कि उद्योग जगत उत्तर प्रदेश की विकास क्षमता को गंभीरता से देख रहा है।
यह केवल वर्तमान की उपलब्धि नहीं, भविष्य की तैयारी है।
आपका एक वोट सिर्फ सरकार नहीं चुनता, वो हजारों जिंदगियों की दिशा तय करता है।
PM नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने झुग्गीवासियों को पक्के घर देकर सिर्फ छत नहीं दी, सम्मान दिया, सुरक्षा दी और एक बेहतर कल का भरोसा दिया।
सालों की उपेक्षा खत्म, सालों का इंतजार खत्म।
यही है सुशासन - जहाँ हर गरीब का सपना, सरकार की प्राथमिकता बन जाता है।
दिल्ली को प्रदूषण मुक्त और विकसित राजधानी बनाने का संकल्प अब हकीकत बन रहा है।
भाजपा सरकार की स्पष्ट नीति, मजबूत इच्छाशक्ति और दूरदर्शी सोच से वो काम हो रहे हैं जो सालों से फाइलों में बंद थे।
न वादों की राजनीति, न बहानों का खेल - सिर्फ काम, सिर्फ परिणाम।
यही है भाजपा का सुशासन मॉडल - जो बोलता कम है, करके दिखाता ज्यादा है।
किन सवल यह है कि अगर यह सिर्फ साजिश है
राजनीति में आरोप और प्रत्यारोप चलते रहते हैं,
लेकिन जनता की सामूहिक स्मृति इतनी आसानी से नहीं बनती।
वह अनुभवों से बनती है, पीढ़ियों तक चलती है
और एक दिन सड़कों पर लिखी हुई दिखाई देने लगती है।
#SamajYadav_Party
सपा के समर्थक इन होर्डिंग्स को राजनीतिक साजिश कह सकते हैं।लेकिन सवाल यह है कि अगर यह सिर्फ साजिश है, तो इसकी भाषा इतनी परिचित क्यों लगती है?
क्यों अलग-अलग क्षेत्रों में लोग एक जैसी बातें याद करते हैं?
क्यों शासन के वर्षों बाद भी वही शिका��तें सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बनी हुई हैं?
यूपी ने दो तरह की राजनीति देखी है—
एक जो पहचान के आधार पर समर्थन मांगती है,
और दूसरी जो विकास और शासन के आधार पर अपना मूल्यांकन चाहती है।
फैसला हमेशा जनता के हाथ में रहता है।
#SamajYadavParty
Quick TV और Story TV जैसे ऐप्स को लगता होगा कि विवादित वि��्ञापन चलाकर लोग ज्यादा क्लिक करेंगे, ज्यादा चर्चा होगी और ऐप तेजी से बढ़ जाएगा।
लेकिन एक बात याद रखनी चाहिए, बदनामी से चर्चा मिल सकती है, भरोसा नहीं। और जिस ऐप पर परिवार भरोसा न कर सके, उसकी बढ़त लंबे समय तक नहीं चलती।
घर के पवित्र रिश्तों को बेशर्मी ��े साथ पेश करना Story TV का पेशा बन चुका है बिना सोचे समझे कुछ भी Ads में चलाना सही नहीं है
इन Ads को चलाने की permission कैसे मिल जा रही हैं इन Apps को…चल क्या रहा है ये सब ?
@singh_kikki इस तरह के बेबुनियाद निजी आरोप सिर्फ देश को गुमराह करने के लिए लगाए जा रहे हैं, जबकि इथेनॉल नीति से देश के करोड़ों अन्नदाता किसानों को सीधा लाभ और आर्थिक मजबूती मिल रही है।
Story TV और Quick TV, सिर्फ app downloads के लिए इतनी घटिया और शर्मनाक marketing करना बंद करो। पहले बेहूदा content बनाना और फिर उसे Ads के जरिए लोगों की feeds में धकेलना बेहद गैरजिम्मेदाराना है।