वीर शिरोमणि राणा पूंजा भील जयंती के अवसर पर उन्हें सादर नमन।
मेवाड़ की माटी के वीर सपूत राणा पूंजा भील ने अपने अदम्य साहस, शौर्य और त्याग से इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने महाराणा प्रताप के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मेवाड़ की स्वतंत्रता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष किया तथा युद्धभूमि में अद्वितीय वीरता का परिचय दिया।
मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की परवाह किए बिना सर्वस्व न्योछावर करने वाले राणा पूंजा भील का जीवन त्याग, बलिदान, स्वाभिमान और संघर्ष की प्रेरणादायी गाथा है।
उनका ��ौर्य और बलिदान सदैव हमारी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
जय जोहार! जय भील प्रदेश !
इंसान के हाथ पैर तोड़कर अगर माफी मांगे और उसे माफ कर देना इंसाफ होता है क्या ????
तुम्हारी शर्म कहा गई कैसे बोल रहे हो कि माफी मांगली तो FIR क्यों ??
अरे भाई अगर लड़के ने सुसाइड कर लिया तो?
उसकी निजता का हनन हुआ है
दौसा का मीणा समाज का लड़का है इन माफिया को ��निशमेंट मिलना चाहिए
सादगी, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रतीक, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जीवन भारत के लिए समर्पण की अद्भुत मिसाल है।
भूमि सुधारों से लेकर हरित एवं दुग्ध क्रांति की नींव मजबूत करने तक, रेलवे में तीसरी श्रेणी समाप्त करने से लेकर बसों में महिलाओं के लिए सीटों की व्यवस्था तक और 1965 के युद्ध में देश को दृढ़ नेतृत्व देने तक; राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
गांधीवादी मूल्यों और उच्च विचारों से परिपूर्ण उनका सरल जीवन हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा।
‘जय जवान, जय किसान’ 🇮🇳