@arvindchotia कह रहे हैं कि उसने परिवार को गाली दी आम आदमी पार्टी का विधायक कमीशन मांग रहा है यह दिल्ली है सर सारी जगह कैमरे है कोई किसी से नहीं डरता और शायद प्रवेश वर्मा जी भूल गए इसलिए फस गए।
कीतना पाखंड और अंधविश्वास है। इसलिए गरीब देश को रखना है। लोगों को पढ़ने लिखने नहीं देना है। ताकि ये दुकानदारी चलती रहे। ये तो सीधे साधे लोगों के साथ धोखा है।
जिस इस्लाम को दिन रात गालियाँ देते हैं उसमें नमाज़ के लिए इक़बाल ने लिखा है
एक ही सफ में खड़े हो गए महमूद-ओ-अयाज़
न कोई बंदा रहा और न कोई बंदा-नवाज़
यानी मस्जिद में सुल्तान महमूद और उनका नौकर अयाज़ एक ही पंक्ति में खड़े होते हैं।
मंदिरों में तो VIP कल्चर बढ़ता ही जा रहा।
UPI पेमेंट पर चार्ज के मामले में अश्नीर ग्रोवर ने सरकार की पोल खोल दी है...जरूर सुनिए और पक्का आज अश्नीर ग्रोवर को चैनल पर बुलाए जाने के लिए कुछ लोगों को डांट पड़ेगी।
Bhai Chandra sahab ke ₹22,000 crores maaf nahi karte to India mein UPI agle 20 saal tak free chal jaata by government’s number of ₹8,000 crores subsidy.
Also NPCI - which runs UPI has ₹6,119 hard cash on its balance sheet and pre tax operating profit of ₹1,900 crores. NPCI apne cash pe and profits par zindagi bhar UPI free chala sakti hai. Government ka kuchh lena dena hi nahi hai. Government earned ₹1,000 crores tax from NPCI last year.
CM शुभेन्दु अधिकारी ने माछ (मछली / fish) खाकर .. साबित किया कि अमूमन तमाम बंगाली लोगों की तरह वो भी नॉनवेज सेवन करते है!
ये भोग की तस्वीर इसलिये ही सार्वजनिक की गई क्योंकि वो पिछले हफ्ते गी बाबा बागेश्वर धीरेन्द्र शास्त्री के साथ उसी मंच पर थे, जहा बाबा बागेश्वर ने दुर्गा पूजा पंडालों में नॉनवेज खाने वाले लोगों को पाखंडी कह डाला था!
मासूम बिटिया रागिनी अब अपने पैरों पर चल सकेगी। CM योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। CM राहत कोष से पूरा इलाज होगा। बिटिया 2 दिन बाद वाराणसी के BHU मेडिकल कॉलेज जाएगी, वहां सारी जांचें होंगी। उसकी रिपोर्ट से ही इलाज चलेगा।
> फिजिक्स वाला के अलख पांडेय ने बिटिया को 10 लाख रुपए भेजे हैं।
> AAP ने व्हीलचेयर और 25 हजार रुपए दिए हैं।
> DM ने ट्राइसाइकिल और गिफ्ट दिए हैं।
📍बलिया, उत्तर प्रदेश
सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था जरूरत के मुताबिक है ही नहीं। इसमें एक दो नहीं बल्कि 10 गुना सुधार की जरूरत है।
सुधार की जो प्रक्रिया भी है वह बहुत धीमी है। दुनिया के विकसित देश ऐसी न्यूज देखकर माथा पकड़ते होंगे।
हम लोग 2047 में विकसित होने का दंभ भरते हैं, लेकिन जब हॉस्पिटल ही बेहतर नहीं होगा तो यह कैसे संभव है?
नेपाल : यह देखना किसी चमत्कार से कम नहीं था, तीन दिन बाद मौत को पीछे हटना पड़ा और जिंदगी जीत गई। तीन दिन तक आपदा के कीचड़ में दबी छह साल की बच्ची को नेपाल के सुरक्षा बलों ने रेस्क्यू किया।
घटना नेपाल के रसुवा जिले के टिमोरे गांव की है। बाढ़ और भूस्खलन के मलबे में दबी रहने के बाद 6 साल की बच्ची मनीषा को जिंदा बाहर निकाला गया।
#NepalFloods #Rasuwa #Rescue #Miracle #Nepal
@PMishra_Journo सर गांव में जब यह छुआ छूत होती है तो कोई नहीं बोलता, क्योंकि उन्हें वहीं पर रहना है पुलिस तो आएगी और चली जाएगी लेकिन जो दबंग लोग वहां रहते हैं वह कभी भी मारपीट कर सकते हैं उनसे तो वह सोचते कि यही हमारे नसीब में लिखा हुआ है और वह नसीब को सोच के ही बस सब कुछ करते रहते हैं
यहां साला एक आम आदमी पूरा जीवन टैक्स भरते-भरते मर जाता है। कोख से निकलने से लेकर मृत सैय्या पर राख होने तक वह टैक्स देता है। बदले में उसे क्या मिलता है? टूटी सड़क, जहरीली हवा, बिना डॉक्टरों के अस्पताल और असमय मौत का ईनाम। इसके बाद विजय माल्या, नीरव मोदी, ललित मोदी जैसे चोट्टे हमारा पैसा खाकर डकार तक नहीं मारते। सुभाष चंद्रा पर 22 हजार करोड़ रुपए का कर्ज था, उसे महज 6.5 करोड़ रुपए में कैसे सैटल किया जा रहा? क्या आम आदमी, किसान इसी सुविधा के आधार पर चंद लाख या हजार रुपए भी सैटलमेंट करवा सकता है? आखिर इनका जो पैसा माफ किया जा रहा, क्या वह सरकार का है? वह हमारी मेहनत का पैसा है। इसके खिलाफ भी आंदोलन होना चाहिए। हमारे टैक्स के पैसों का ऐसा दुरुपयोग नहीं होने देना चाहिए।
ZEE टीवी के मालिक सुभाष चंद्रा में 'सुरख़ाब के पर' लगे हैं क्या भाई?
कर्ज था 22006 करोड़ का , चुकाया 6.5 करोड़ और कर्जमुक्त मुक्त हो गए ?
यानि कुल कर्ज का सिर्फ 0.03 फ़ीसदी चुकाकर फ्री हो गए ?
इसी देश में लाख - दो लाख के बकाये पर बैंक वाले रिकवरी एजेंट भेज देते हैं . कुर्की का ऑर्डर ले आते हैं और लाला जी पर ऐसी मेहरबानी?
NCLT में बैठे लोगों ने किसके कहने पर ये किया ?
Nepal flood –
नेपाल में बाढ़ के बाद रसुवा जिले में तबाही का मंजर देखिए। न जाने कितनी ही बिल्डिंग लापता हो गईं। हर तरफ सिर्फ मलबा है। कितने ही लोग इस मलबे में दब गए होंगे, जो भाग नहीं पाए होंगे। एकदम धराली (उत्तराखंड) जैसा दृश्य है।
एक दिन होगा तो कुछ ऐसा ही
हमारी जिंदगी अपने रुटीन पर चल रही होगी
अचानक से एक जलजला आएगा और सब कुछ समेट ले जाएगा। हमें भी।
और ट्विटर की ये तमाम बहस-भसड़ हमारे मोबाइल में ही रह जाएगी।
नेपाल-चीन बॉर्डर के एक नाके पर जो जल तांडव का दृश्य कैमरे में कैद हुआ है, वो आंखें खोल देने वाला है।
न आपको सावधान रहने को कहा जाएगा
न आपको सुरक्षित रहने की हिदायत दी जाएगी