' मैं घर से बताकर नहीं आई हूं. मां को झूठ बोलकर आई हूं .मेरे घर वाले सब बीजेपी भक्त हैं '
'मेरी मम्मी ने कहा है कि अगर तू गई तो घर में मत आना '
'हम लाठी खाकर भी फिर आए हैं '
'हम सब क्या एंटीनेशनल हैं ? इनसे एक इस्तीफा नहीं हो रहा है . फेविकोल लगाकर चिपके हैं '
सुनिए इन बेटियों को
पूरा ��ीडियो थोड़ी देर में मेरे यूट्यूब चैनल पर
#BREAKING "Don't waste our time," CJI Surya Kant on plea against police action on student protesters during #CJP march.
"We are not interested in videos, we don't have time to watch," CJI tells lawyer who said there are videos showing police atrocities.
मध्याह्न भोजन की गुण���त्ता से कोई समझौता नहीं
आज माननीय शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी जी ने विभागीय सभागार में मध्याह्न भोजन योजना से संबद्ध स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों और आपूर्तिकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक में कई निर्देश दिए।
#MDM
#BiharEducationDept
श्री सोनम वांगचुक जी को ‘बल-प्रयोग’ करके, ज़बरदस्ती उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय समाचार है। आज सुबह घटी ये घटना थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है। सारी दुनिया और देशभर में श्री सोनम वांगचुक जी को लेकर गहरी चिंता है और भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ आक्रोश भी। जो लोग सादी वर्दी में इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए धोखे से अचानक घुसे थे, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए।
ये हमारी पु��ज़ोर माँग है कि श्री सोनम वांगचुक जी की चिकित्सा ‘न्यायिक निगरानी’ में हो क्योंकि श्री सोनम वांगचुक जी का जीवन मानवता, पर्यावरण-संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवा ऊर्जा की प्रेरणा, साइंस और इनोवेशन के लिए अनमोल है।
हमारे देश की जनता व समस्त विश्व इस समय भाजपा सरकार को संदेह और सवाल भरी संदिग्ध नज़र से देख रहा है। दमनकारी राजनीति करनेवाली भाजपा सरकार की इस अवांछनीय कार्रवाई ने इंटरनेशनल लेवल पर हमारे देश की मानवीय और डेमोक्रेटिक इमेज को बेहद धूमिल और खंडित करने का काम किया है।
भाजपा ने न कभी गांधी जी में विश्वास किया, न कभी उनके गांधीवादी तौर-तरीक़ों में।
भाजपा की नकारात्मक विचारधारा ही ‘विवाद’ की है; संवाद की नहीं।
भाजपा निराशा का पर्याय बन चुकी है।
भाजपा सरकार नहीं, अहंकार है!
भाजपा की सोच दरारवादी है, इसीलिए जहाँ भी एकता, सौहार्द और एकजुटता होती है, भाजपा डरकर प्रतिक्रियावादी बनकर आंदोलनों को तितर-बितर कर देती है लेकिन भाजपा भूल गयी है कि आज की नई पीढ़ी ‘डिजिटल यूनिटी’ के माध्यम से वैचारिक क्रांति लाने में सक्षम है. ऐसा हुआ है, हो रहा है और होगा भी…
@Wangchuk66
I would like to express my deepest gratitude to Samajwadi Party Leader and MP @dimpleyadav ma’am for joining our protest at Jantar Mantar and extending support to our movement.
बिहार के सरकारी स्कूलों का निजीकरण शुरू हो चुका है। आने वाले समय में सभी मॉडल स्कूल निजी कोचिंग वालों को दे दिए जाएंगे। आम जनता को जोरशोर से बताया जाएगा कि ये सब आपके भले के लिए हो रहा है। लेकिन इस निजीकरण का दुष्प्रभाव क्या होगा आप भी जानते हैं!
भोजपुर जिले के शाहपुर रेफरल अस्पताल की यह तस्वीर देखकर दिल दहल जाता है। अस्पताल में सब कुछ है इमारत है, कुर्सियाँ हैं, शायद डॉक्टर भी होंगे, लेकिन जो सबसे जरूरी था, वो नहीं था... "ऑक्सीजन"।
सिस्टम की इस घोर नाकामी और लापरवाही की वजह से आज हमारे मासूम भाई ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। क्या सरकार और स्वास्थ्य विभाग के बड़े-बड़े दावे सिर्फ कागजों और विज्ञापनों तक ही सीमित हैं?
जब एक रेफरल अस्पताल में जीवन रक्षक ऑक्सीजन ही उपलब्ध नहीं है, तो जनता कहाँ जाए?
CM तो CM! DM साहब भी कम नहीं!
सबकी अपनी अपनी तानाशाही! अपना अपना हनक!
बिहार में अफसरशाही की यह पराकाष्ठा है कि वैशाली DM कार्यालय के कथित रसोइया बहाली में भ्रष्टाचार की खबर उजागर करने वाले पत्रकार के घर अचानक पहुंची मद्यनिषेध पुलिस बल!
शराब सेवन का आरोप लगाकर करना चाहती थी गिरफ्तार!
लेकिन पत्रकार शराब नही पीता था!
आप आम नागरिक हैं, आपका काम केवल वोट देना है और अपने छोटे-मोटे योगदान से बिहार के अफसर और BJP JDU के सत्तारूढ़ नेताओं को अपने-अपने भ्रष्टाचार के द्वारा अमीर बनाना है, उनका भ्रष्टाचार और अहंकार सहते जाना है!सवाल करोगे तो आपको दबाया जाएगा, बेवजह परेशान किया जाएगा!
@yadavtejashwi
#RJD #bihar
महामनाव का विदेश भ्रमण का पैटर्न!
हाँथ हिलाते हुए प्लेन में चढ़ जाओ !
दूसरे देश पहुंचते ही नाच गाना देख लो।
बढ़िया खाओ-पियो, ठहाके लगाओ!
NRI से कहलवाओ “मोदी जी आप महान हैं”
फिर Mute Mode में नेताओं से बात करो।
फिर छुट्टी एंजॉय कर लौट आओ!
देश के लिए क्या आया कोई खबर नहीं!
आम आदमी का बच्चा यही झेलेगा? किसी माननीय या अफसर का सुपुत्र जाएगा इस भीड़ में?🧐
अरे दूर सेंटर भेजते ही क्यों हो जब वहाँ पहुंचने लायक प्रबंध करने की हैसियत नहीं है सरकार?
हिंसा ग़लत है, पर इस बर्बाद व्यवस्था पर Bihar के ज़���म्मेदार जवाब देंगे?
#Bihar @samrat4bjp
इस निर्णय का स्वागत है।
यदि सरकारी शिक्षक अपना पूरा समय और ऊर्जा सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को दें, तो शिक्षा व्यवस्था निश्चित रूप से बेहतर होगी।
���गर इसके साथ सरकार की भी जिम्मेदारी बनती है कि शिक्षकों से शिक्षण के अतिरिक्त अनावश्यक कार्य न करवाए जाएँ, सर्वे, चुनाव, गणना, कागजी कार्यवाही और दर्जनों गैर-शैक्षणिक काम भी बंद होने चाहिए। और उनका वेतन व सुविधाएँ ऐसी हों कि बढ़ती महंगाई के दौर में उन्हें अतिरिक्त आय के साधन तलाशने की आवश्यकता न पड़े शिक्षक सम्मानपूर्वक जीवन जी सके।
भाजपा राज में विशेष कृपा प्राप्त लोगों ने नराई, लखनऊ में स्कूल की ज़मीन पर क़ब्ज़ा करके स्कूल बंद करा दिया है।
बच्चों की पुकार सुननेवाला कहीं कोई ‘संवेदनशील-सहृदय’ है?
घोर निंदनीय!
��िक्षा विभाग में शिक्षकों की समस्या के निवारण हेतु SOP तो जारी कर दिया लेकिन उसमें यह नहीं बताया की तय समय सीमा के अंदर समस्या का समाधान नहीं करने पर इसके लिए जिम्मेदार पदाधिकारी या कर्मियों को क्या सजा मिलेगी।
सजा के प्रावधान के बगैर यह पत्र भी रद्दी के टोकरी में ही जाएगा क्योंकि जब तक सजा का प्रावधान नहीं होगा समस्या का समाधान भी नहीं होगा। इस तरह के पत्र पूर्व में भी निकलते रहे हैं और ऐसे प��्रों को जिला शिक्षा कार्यालय रद्दी के टोकरी में डालता रहा है।
इसलिए माननीय मंत्री जी यदि शिक्षकों की समस्या का निवारण करने के संबंध में गंभीर है तो सबसे पहले तय समय सीमा के अंदर समस्या का समाधान नहीं निकलने पर सजा का प्रावधान करें।
ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर द्वंद्व:-
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१) सबका अनिवार्य ट्रांसफर हो
२) केवल ऐच्छिक ट्रांसफर हो
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१) पुरुषों का गृह प्रखंड से बाहर ही पोस्टिंग हो; महिला का गृह पंचायत से बाहर पोस्टिंग हो
२) कोई बाध्यता नहीं हो प्रखंड या पंचायत की; बाध्यता लगाने पर कानूनी अड़चन है
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१) पहले rationalisation हो
२) पहले choice based ट्रांसफर हो
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१) 3 या 5 वर्ष की न्यूनतम सेवा के बाद हो
२) न्यूनतम सेवा की कोई बाध्यता न हो ताकि TRE 3 और HT/HM को भी लाभ मिले
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१) हर 5 वर्ष पर अनिवार्य ट्रांसफर हो
२) कोई अनिवार्य ट्रांसफर नहीं हो
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इन्हीं बिंदुओं पर विभागीय बैठक में होना है निर्णय। उसके बाद नियमावली जाएगी कैबिनेट!
जिस घपले-घोटाले की सज़ा शिक्षामंत्री को मिलनी चाहिए उसकी सज़ा शिक्षक को क्यों दी जा रही है।
भाजपा अपनी कमियों, कमज़ोरियों और भ्रष्टाचार के लिए हमेशा ही किसी और को निशाना बनाती है। कभी ‘दानाजीवी’ तथाकथित पत्रकारों से मीडियाबाज़ी करवाकर शिक्षा से जुड़े यूट्यूबर्स पर बेबुनियाद आरोप लगवाती है और कभी उनके शैक्षिक संस्थान बंद क��वाती है। इसके लिए भाजपा संस्थान के भवनों के अवैध निर्माण का बहाना बनाती है। अगर कोई अवैध निर्माण हुआ है तो हम ‘प्रयागराज विकास प्राधिकरण’ के उन सभी अधिकारियों के निलंबन और उनसे वसूली की माँग करते हैं, जिनके समय में ये निर्माण हुआ या फिर जिन्होंने आज तक उस पर आपत्ति नहीं की। 24 घंटे में इस कार्रवाई की रिपोर्ट जनता के सामने रखी जाए।
भाजपा शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों की विरोधी है। देश के इ��ि��ास में अब ये पहली बार होगा कि शिक्षा के मुद्दे पर चुनाव लड़ा जाएगा। प्राइमरी के सरकारी स्कूलों को बंद करने; यूनिफ़ॉर्म, स्टेशनरी, मिड-डे मील जैसे घोटालों से लेकर कॉपी की हेराफेरी व भ्रष्ट-मूल्यांकन, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षण की हक़मारी, हर संभव परीक्षा धांधली, रिजल्ट में बेईमानी व कोर्ट में परिणाम फँसाने की भाजपाई चालबाज़ी जैसे विषयों पर चुनाव होगा और जनता भाजपा को हमेशा के ��िए बाहर कर देगी।