असुर नाग खग नर मुनि देवा।
आइ करहिं रघुनायक सेवा।।
जन्म महोत्सव रचहिं सुजाना।
करहिं राम कल कीरति गाना।।
असुर-नाग, पक्षी, मनुष्य, मुनि और देवता स��� अयोध्या में आकर रघुनाथ जी की सेवा करते हैं। विद्वान जन प्रभु के जन्म का महोत्सव मनाते हैं और श्री राम की सुंदर कीर्ति का गान करते हैं। #रामनवमी
Asur-Naag, Birds, Humans, Sages, and Devtas all converge in Ayodhya to serve Shri Raghunathji. People celebrate the auspicious occasion of the Prabhu's birth and sing praises of Shri Ram's glorious deeds. #RamNavami
रामनवमी के पावन पर्व पर सबको मामा की राम-राम!
राम हमारे अस्तित्व हैं, राम हमारे आराध्य हैं, राम हमारे प्राण हैं। रामनवमी का यह अवसर अभूतपूर्व है, 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद रामलला दिव्य और भव्य मंदिर में विराजित हुए हैं।
मैं प्रभु श्रीराम के चरणों में प्रणाम करता हूँ, प्रभु सबका मंगल तथा कल्याण करें।
।। जय श्री राम ।।
The first Ram Navami after the Pran Pratishtha in Ayodhya is a generational milestone, weaving together centuries of devotion with a new era of hope and progress. This is a day crores of Indians waited for. Innumerable people devoted their lives to this sacred cause.
May the blessings of Prabhu Shri Ram always remain upon us and guide our paths towards righteousness and peace, illuminating our lives with wisdom and courage.
सकल हंस में राम विराजे
आज विदिशा में रामनवमी के शुभ अवसर पर आयोजित शोभा यात्रा में शामिल होने का सौभाग्य मिला।
प्रभु की निराली छवि आंखों में बसी है। भगवन सबका कल्याण करें।
।। जय श्रीराम ।।
यह पहली रामनवमी है, जब अयोध्या के भव्य और दिव्य राम मंदिर में हमारे राम लला विराजमान हो चुके हैं। रामनवमी के इस उत्सव में आज अयोध्या एक अप्रतिम आनंद में है। 5 शताब्दियों की प्रतीक्षा के बाद आज हमें ये रामनवमी अयोध्या में इस तरह मनाने का सौभाग्य मिला है। यह देशवासियों की इतने वर्षों की कठिन तपस्या, त्याग और बलिदान का सुफल है।
है नीको मेरो देवता कोसलपति राम।
सुभग सरोरुह लोचन, सुठि सुंदर स्याम।।
देहि सकल सुख, दुख दहै, आरत-जन-बंधु।
गुन गहि, अघ-औगुन हरै, अस करुनासिंधु॥
जय जय श्री राम!
सत्यसंधान, निर्वानप्रद, सर्वहित, सर्वगुण-ज्ञान-विज्ञानशाली।
सघन-तम-घोर-संसार-भर-शर्वरी नाम दिवसेश खर-किरणमाली॥
सूर्यकुल भूषण श्री रामलला के ललाट पर सुशोभित भव्य 'सूर्य तिलक' आज अखिल राष्ट्र क�� अपने सनातन गौरव से आलोकित कर रहा है।
��य जय श्री राम!
'श्री राम नवमी' के पावन अवसर पर आज @GorakhnathMndr में शक्ति स्वरूपा कन्याओं के पूजन एवं उनको प्रसाद ग्रहण कराने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ।
आदिशक्ति ���ाँ भगवती की कृपा से सभी का जीवन क��्टों से मुक्त होकर सदाचार, प्रेम और समृद्धि की ओर अग्रसर हो, यही प्रार्थना है।
जय माँ भगवती!
झूलत राम पालने सोहैं।
भूरि-भाग जननीजन जोहैं।।
तन मृदु मंजुल मेचकताई।
झलकति बाल बिभूषन झाँई।।
सौंदर्य, शील, मर्यादा, करुणा और मानवता के महासिंधु, प्रभु श्री रामलला की जय!
कृपानिधान प्रभु श्री रामचन्द्र जी सबका कल्याण करें।
आज की रामनवमी एक अलग और अद्भुत अनुभव देने वाली है क्योंकि श्री रामलला विराजमान की भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होने के उपरांत यह पहली रामनवमी है और इस बार श्री राम लला के म��्तक पर सूर्य तिलक होने कि परंपरा का प्रारंभ हो रहा है यह जिस वैज्ञानिक विधि से हो रहा है उसे आज के आधुनिक युग में तो समझा जा सकता है परंतु ठीक ऐसा ही सूर्य किरणों का प्रयोग भारत के अनेक प्राचीन मंदिरों में होता था तो आज श्रीराम नवमी पर श्रद्धा के साथ साथ भारत की प्राचीन सनातन संस्कृति की वैज्ञानिकता पर गर्व का अनुभव भी कीजिए
नलबाड़ी की सभा के बाद मुझे अयोध्या में रामलला के सूर्य तिलक के अद्भुत और अप्रतिम क्षण को देखने का सौभाग्य मिला। श्रीराम जन्मभूमि का ये ब���ुप्रतीक्षित क्षण हर किसी के लिए परमानंद का क्षण है। ये सूर्य तिलक, विकसित भारत के हर संकल्प को अपनी दिव्य ऊर्जा से इसी तरह प्रकाशित करेगा।