@reactionhub093 That's why I called them a scam.. nobody watched them and still earned 1000cr each.
Scams for PR stunts and image saving efforts and nothing.
@AnupamNawada मैं हमेशा कहा करता हूं कि मिलिर्ड देश के नए महाराजा है. जो कह दिया वो कानून, जानते द्वारा चुनी गई सरकार भी डर जाती है. वो भ्रष्टाचार करे तो आप केवल देख और सुन सकते हैं, बोल नहीं सकते. हैं ना महाराजाओं वाली बात?
इस देश में कौन सा तंत्र चल रहा है, ये समझ से परे है। कम से कम ये लोकतंत्र तो नहीं है। नहीं है ये लोकतंत्र, नहीं है ये गणतंत्र, नहीं है ये जनतंत्र - जहाँ कुर्सी पर बैठे चंद साहेब जिसे जब चाहें फाँसी पर लटका सकते हैं।
मैं यूँ ही कुछ भी नहीं बक रहा। ज��न प्रोफेसरों ने चैप्टर लिखा था, उन्हें आगे किसी भी प्रकार के सरकारी प्रोजेक्ट से नहीं जोड़ा जाएगा। यानी, सरकारी फंड से उन्हें जीवन में एक रुपया न मिले इसकी व्यवस्था कर दी गई है। कोई भी संस्थान जिसे एक रुपया भी सरकार से मिलता हो, वो किसी भी रूप में इन प्रोफेसरों की सेवा नहीं ले सकेंगे। आधी रात को आतंकी के लिए खुलने वाली सुप्रीम कोर्ट ने किसी अपराधी के लिए इससे पहले ऐसा आदेश कब दिया था, सोचिए... खँगालिए...
मिशेल डैनिनो, सुपर्णा द्विवाकर और आलोक प्रसन्ना कुमार - ये तीनों प्रोफेसर अब क़ानून की नज़र में अज़मल कसाब से भी बड़े आतंकी हैं। सिर्फ़ चैप्टर लिखने वाली समिति ही नहीं, जिस NSTMC ने इसकी समीक्षा की थी उसकी संरचना की भी पुनः समीक्षा करने का आदेश दिया गया है। मीलॉर्ड्स का बस चले तो जिस हवा में इन्होंने साँस ली उस हवा को भी सज़ा ���ुना दें!
इंटरनेट पर इससे जुड़ी जो सामग्रियाँ चल रही हैं, उन्हें पोस्ट करने वाले भी जेल जाएँगे। ये 'आपातकाल' है, ये सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाया गया 'आपातकाल' है। ये कह रहे हैं कि विदेश से लोग पोस्ट करेंगे तो उन्हें भी नहीं छोड़ा जाएगा। जबकि, इनकी औक़ात नहीं है कि भारत की सीमा से 100 मीटर दूर नेपाल में ��ैठकर कोई पोस्ट कर रहा हो तो उसे फटकार भी सकें। और बातें देखिए - ऐसी जैसे ये ब्रह्मा-विष्णु-महेश से भी ऊपर हैं। अगर इतनी तत्परता इन्होंने घुसपैठियों को लेकर दिखाई होती तो शायद आज देश चैन से होता और डेमोग्राफी इतनी तेज़ी से न बदल रही होती। एनसीईआरटी सार्वजनिक माफ़ी चुका है, स्वयं प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप करना पड़ा न्यायपालिका को ख़ुश करने के लिए, इससे पहले रिजिजू-धनखड़ नप चुके हैं - जनप्रतिन��धियों की क्या हैसियत है एक साधारण जज के सामने ये समझ लीजिए। इन्हें स्वस्थ आलोचना भी बर्दाश्त नहीं। ये तानाशाही का नग्न नृत्य है।
NCERT ने 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' वाले विषय को संशोधित करवाया, फिर भी सुप्रीम कोर्ट उसे फटकार रहा है। अब ये अध्याय तभी छपेगा, जब केंद्र सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञों की एक समिति इसकी समीक्षा नहीं कर लेती है। इसमें एक पूर्व न्यायाधीश और एक वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल होने चाहिए। तुग़लक़-ख़िलज़ी इसी तरह के फरमान जारी किया करते थे।
आज जब हम 'धुरंधर 2' का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं और फ़िल्म की कमाई ₹2000 करोड़ पार करने के अनुमान लगाए जा रहे हैं - ये मत भूलिए कि बॉलीवुड में ये क्रांति कब शुरू हुई थी और किसने की थी।
'द कश्मीर फाइल्स' को 4 वर्ष पूरे हुए। सबकुछ वहीं से शुरू हुआ। अभिषेक अग्रवाल सर का धन्यवाद, जिन��होंने इस प्रोजेक्ट में तब पैसा लगाया जब इस तरह के कॉन्सेप्ट पर बात तक करने पर हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के माफिया उस व्यक्ति को बहिष्कृत कर देते थे, बर्बाद कर देते थे।
उस क्रांति की मशाल आज इतनी जाज्वल्यमान हो चुकी है कि उसकी आभा से उसी माफिया की आँखें आज चौंधिया उठी हैं।
साध्वी ऋतंभरा जी पर अगर कोई ओरिजिनल ID से अभद्र टिप्पणी कर रहा है तो ये पाप ना करे। कोई फेक हैंडल से कर रहा है तो जाहिर है कि वो न��रत फैलाना चाहता है। इसे ऐसे समझिए:-
- साध्वी ऋतंभरा जी एक साध्वी हैं। उन्होंने अपने भाषण में भी समाज को जोड़ने की ही बात की है
- साध्वी ऋतंभरा जी या अन्य साधु संत सनातन के लिए समर्पित हैं।
- किसी संत की किसी पार्टी को लेकर कोई विचारधारा है सिर्फ इस आधार पर किसी पार्टी के IT सेल की तरह अभद्र टिप्पणी नहीं की जा सकती
- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी से लेकर रामभद्राचार्य जी, ऋतंभरा जी सम���त एनी साधु संतों प��� टिप्पणी का कोई समर्थन ना कभी था ना है ना रहेगा
- अगर कोई ऐसा कर रहा है तो वो पूरे समाज को अलग थलग करना चाहता है।
- हमें एक ही समाज में रहना है। गांव समाज से बनता है।
- ये मेरा इस मामले में आख़िरी ट्वीट है। पूरे माहौल को ख़राब ना करें। कुछ फेक हैंडल जो कर रहे हैं वही वो चाहते हैं।
Some time ago, journalist Supriya Pathak was attacked by jihadis for raising her voice against illegal encroachment in Delhi’s Seemapuri area.
Taking cognizance of the matter, Minister @KapilMishra_IND ji had assured strict action against the culprits and all possible support to the victim.
He has fulfilled his promise. Listen to Supriya:
Beijing is pulling out of Afghanistan
China's Ministry of State Security has ordered the immediate withdrawal of Chinese teams and interests from the country — and this isn't just a reaction to recent incidents in Tajikistan.
The real story? Pakistan failed to protect Beijing's interests. And that failure is now forcing a costly strategic retreat for the CCP.
China spent years cultivating influence in Taliban-controlled Afghanistan — BRI ambitions, mining deals, diplomatic normalization. All of that now hangs in the air.
This is a significant reshuffling of the cards in the Af-Pak corridor. When Beijing cuts its losses, you know the calculus has fundamentally changed.
- @aadilbrar
ANI found time to cover a small pro-UGC rally in Bihar, but when a major protest against the same UGC rules took place in the heart of the country, they ignored it completely.
That silence says more than the coverage.
Its clear why those Islamists targeted Tarun
He was a staunch Sanatani and he used to showcase his love for Mahadev in his reels
We are certain those Islamists used to follow him on Instagram and hated the fact that he showcases his Dharma Proudly
Inspite the matter being settled they specifically targeted him
You and Tarun is a Kafir for them, there is nothing above Islam for them, it clearly states, convert them or kill them!
Conversation was not an option, so they chose the 2nd option
*Image of his grieving father*
SHOCKING 🚨: Odisha Minor Girl Trapped in Bangladesh Since 2021.
A teenage Hindu girl from Puri, Odisha, allegedly lured online by a Bangladeshi man (posing as Bengali), was trafficked across the border years ago.
She has reportedly faced years of torture, forced conversion to Islam, and is now secretly contacting her mother begging for rescue.
The desperate mother appealed to Odisha Police & govt authorities today to intervene urgently and bring her daughter home