ये आज़ादी झूठी है! देश की जनता भूखी है!!
देश की आज़ादी के अगले ही दिन समाजहित में क्रांति का पहला नारा लगाने वाले लोकशाहिर, साहित्यरत्न अन्नाभाऊ साठे जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि।
आपने जिन जिलों का जिक्र किया है,उनमें से एक भी जिला आदरणीया बहन जी ने किसी अन्य जिले के नाम को बदलकर नहीं बनाया था।
आदरणीया बहन जी सभी जिले नए बनाये ,न कि किसी जिले का नाम बदलकर रखा।
अतः गलत खबर मत दो। पहले बीएसपी के शासनकाल के बारे में गहराई से अध्ययन करो।
योगी आदित्यनाथ ने भदोही जिले का नाम बदलकर फिर से संत रविदास नगर कर दिया.
यह फैसला संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर लिया गया.
बहन मायावती जी ने अपने शासनकाल में कई जिलों का नाम बदलकर बहुजन समाज के महापुरुषों के नाम पर किया था.
अमेठी का नाम छत्रपति शाहूजी महराज नगर
कानपुर दिहात रमाबाई नगर
अमरोहा ज्योतिबा फुले नगर
हाथरस महामाया न���र
हापुड़ पंचशील नगर
शामली प्रबुद्ध नगर
संभल भीमनगर
आज तक ये बात समझ में नही आई किसके सलाह पर अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री बनते ही इन जिलों का नाम बदल दिया. पार्क बनाकर ब्राह्मण ज्ञानेश्वर मिश्रा के नाम पर रख दिया.
योगी आदित्यनाथ भी वोट की राजनीति के ल���ए केवल एक जिले का नाम बदल रहे हैं. अखिलेश यादव को वादा करना चाहिए अगर वो दुबारा CM बने तो इन सभी जिलों का नाम बहुजन महापुरुषों पर रखेंगे.
1. जैसाकि सर्वविदित है कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा आमचुनाव अब बहुत नज़दीक आ रहा है, जिसकी तैयारी हेतु मेरे खुद के द्वारा प्रदेश की पिछली कई राज्य स्तरीय बड़ी बैठकें लखनऊ पार्टी प्रदेश कार्या��य में ली गई हैं और आगे भी ज़रूरत के अनुसार ली जायेंगी, जिसमें पार्टी के उम्मीद्वार तय करने के लिए पार्टी के ख़ासकर प्रदेश व मण्डल स्तरीय पदाधिकारियों को ज़रूरी दिशा-निर्देश दिये गये हैं, जिसके तहत् ही अभी तक मेरे द्वारा उनका इन्टरव्यू आदि लेकर लखनऊ में लगभग 2 दर्जन से ज़्यादा उम्मीदवार तय/फाइनल कर दिये गये हैं और आगे भी सभी सीटों पर मेरे द्वारा ही उम्मीदवार तय किये जायेंगे, जिसके बारे में अब ��ार्टी के राष्ट्रीय संयोजक श्री आकाश आनन्द को लेकर क़िस्म-क़िस्म के भ्रम फैलाये जा रहे हैं जिसमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।
2. जबकि अकेले यू.पी. में ही नहीं बल्कि पूरे देश में जहाँ-जहाँ भी समय-समय पर विधानसभा के आमचुनाव होते हैं, या देश में लोकसभा के भी आमचुनाव होते हैं तो वहाँ भी उम्मीदवारों को अन्तिम रूप मेरे द्वारा ही दिया जाता है।
3. यहाँ यह भी अवगत कराना है कि यू.पी. की जिन विधानसभा की सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार तय कर दिये गये हैं तो वहाँ मेरी अनुमति से ही पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा छोटी-बड़ी जनसभायें करके उनका ऐलान भी किया जा रहा है, जिसके तहत् ही कुछ सीटों के उम्मीदवार का ऐलान श्री आकाश आनन्द भी पार्टी की जनसभा करके करेंगे।
4. हालाँकि इससे पहले देश के कई राज्यों में अभी हाल ही में विधानसभा के आमचुनाव हुये हैं जहाँ मेरे दिशा-निर्देशन में ही चुनावी जनसभा लेने के लिए ���ार्टी के राष्ट्रीय संयोजक श्री आकाश आनन्द को भेजा गया और पिछले लगभग एक वर्ष से इनकी पूरे देश में पार्टी संगठन की समीक्षा बैठकें व जनसभा आदि करने के लिए भी इनको भेजा जा रहा है और वे भी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अपनी ज़िम्मेवारी को निभा रहे हैं।
5. इसलिए उत्तर प्रदेश में भी इसी क्रम में इनकी भी कुछ सीटों पर पार्टी के तय किये गये उम्मीदवारों के ऐलान हेतु जनसभायें हो रही हैं। जबकि इससे पहले यू.पी. की राजधानी लखनऊ में दिनांक 9 अक्तूबर सन् 2025 को मान्यवर श्री कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर पार्टी की ऐतिहासिक महारैली भी हुई, जिसमें श्री आकाश आनन्द को बोलने का मौक़ा दिया गया। साथ ही, इसके पूर्व यहाँ लोकसभा के हुये आमचुनाव में भी इनको पूरे प्रदेश में व देश के अन्य राज्यों में भी पार्टी की चुनावी जनसभायें लेने के लिए भेजा गया था, यह सब सोशल मीडिया आदि पर मौजूद है।
6. जबकि यह सब पार्टी की रूटीन प्रक्रिया के तहत् हो रहा है। इसका श्री आकाश आनन्द के क़द को बढ़ाने व कम करने आदि से कोई लेना देना नहीं है और ना ही पार्टी के उम्मीद्वार भी तय करने से कोई लेना देना है। यह भी पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की तरह ही पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष के दिशा-निर्देशन में यू.पी. में कुछ स्थानों पर पार्टी के उम्मीद्वार के ऐलान के लिये जनसभा कर रहे हैं। लेकिन फिर भी इनके बारे में सोशल मीडिया आदि पर आए दिन अनाप-सनाप बातें करना यह ठीक नहीं है। पार्टी के लोग ऐसे सभी शरारती व जातिवादी तत्वों से हमेशा सावधान रहें।
1. जैसाकि मीडिया की ख़बरों से सर्वविदित है कि यूपी की वर्तमान सरकार ने, बी.एस.पी. सरकार द्वारा भदोही को राज्य मुख्यालय का दर्जा देते हुये संत रविदास नगर के नाम से नया ज़िला बनाया था और जिसे समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार ने अपनी संकीर्ण जातिवादी मानसिकता के तहत् बदल दिया था, इस�� अब फिर से संत रविदास नगर ज़िला स्थापित कर दिया है, जिसके लिये पार्टी राज्य सरकार की आभारी है।
2. वास्तव में बी.एस.पी. की यूपी में रही चारों सरकारों में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने व आम जनहित को बेहतर बनाने के मद्देनज़र अनेकों नये ज़िले, तहसील, विकास खण्ड तथा पुलिस ज़ोन व रेंज आदि बनाये गये और उनमें से कई ज़िलों के नाम दलित व अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) में समय-समय में जन्मे महान संतो���, गुरुओं व महापुरुषों के नाम पर रखे गये और इसी क्रम में संत रविदास नगर व छत्रपति शाहूजी महाराज नगर व भीम नगर आदि अनेकों नये ज़िले बने, जिनके नाम सपा सरकार ने केवल अपनी जातिवादी सोच, द्वेष व संकीर्ण राजनीति के कारण बदल दिये, जिसको लोग कभी भी भुला नहीं पायेंगे।
3. इतना ही नहीं बल्कि ब्रज क्षेत्र में कासगंज इलाके़ के समुचित विकास हेतु कासंगज को ज़िला मुख्यालय का दर्जा देते हुये मान्यवर श्री कांशीराम जी के नाम पर नया ज़िला बनाया गया, जिसका भी नाम सपा सरकार ने अपने पीडीए-पिछड़ा दलित व अक्लि़यत विरोधी रवैयों के कारण बदल दिया।
4. ऐसे में यूपी सरकार संत रविदास नगर की तरह ही, मान्यवर श्री कांशीराम जी व अन्य महा��ुरुषों के नाम पर बनाये गये नये ज़िलों के भी असली नाम बहाल कर दे तो यह उचित होगा और यह कार्य अगर मान्यवर श्री कांशीराम जी की दिनांक 9 अक्तूबर के परिनिर्वाण दिवस से पहले कर दिया जाये या उसी दिन ही कर दिया जाये तो बी.एस.पी. इसके लिये आभारी रहेगी।
समाजवादी पार्टी ने सद्गुरु रविदास जी महाराज के नाम पर बने हुए जनपद का नाम भी हटाने का पाप किया था...
अब भदोही को फिर से संत रविदास नगर के नाम पर ही जाना जाएगा…
कुछ लोग आरक्षण हटाओ के इंस्टा पेज पर मिलियन फॉलोअर्स की बहुत खुशी माना रहे है
अब इनको कोन समझाए की SC-ST-OBC को इससे जरा सा भी नुकसान नहीं होने वाला है
आरक्षण तो रहेगा लेकिन ह��कतें नहीं सुधरी तो बीजेपी 2029 में बिना मतलब लपेटे में आ जाएगी।
#आरक्षण_हमारा_हक_है
@JaikyYadav16 सवर्णों को ये लड़ाई भी फाइनल लड ही लेना चाहिए साला रोज-रोज का झंजट ही खतम , इसी बहाने भैनछो भाजपा साफ भी हो जायेगी , पैसा ही पैसा होगा वाला सीन होगा
"शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मिटने वालों का यही निशां होगा"
कारगिल युद्ध में भारतीय सेनाओं के अदम्य स��हस व पराक्रम को शत-शत नमन करते हुए सभी देशवासियों को कारगिल विजय दिवस की हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं।
#Kargilvijaydivas
सारनाथ का यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होना पूरे देश के लिए गर्व और हर्ष का विषय है। भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेशस्थली को मिली यह वैश्विक मान्यता भारत की समृद्ध बौद्ध विरासत का सम्मान है।
सारनाथ ने पूरी मानवता को शांति, करुणा, समानता और मध्यम मार्�� का संदेश दिया। यह उपलब्धि हमारी ऐतिहासिक धरोहर को विश्व पटल पर नई पहचान देगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे।
सारनाथ की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ।
जय भीम! नमो बुद्धाय!
सम्मान के लिए अगर अपना सबकुछ दांव पर लगाना पड़े तो लगा दो। आत्मसम्मान के लिए विद्रोह की प्रतीक एवं महिलाओं की प्रेरणास्रोत वीरांगना फूलन देवी जी के शहादत दिवस पर उन्हें शत-शत नमन एवँ विनम्र आदरांजलि। #फूलन_देवी_अमर_रहे
पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर छात्रों और छात्राओं द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर 20 जुलाई को हुई बर्बरतापूर्ण सरकारी कार्रवाई के विरोध में आज भीम आर���मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने पूरे देश के जिला मुख्यालयों पर महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी के नाम ज्ञापन सौंपा। इसी क्रम में आज लखनऊ रहा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान जी का इस्तीफा छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक संघर्ष की एक महत्वपूर्ण जीत है। यह उन लाखों विद्यार्थियों की आवाज़ की जीत है, जिन्होंने अन्याय के सामने झुकने से इनकार किया।
लेकिन हमारी लड़ाई अभी खत्म नहीं ह���ई है। जब तक शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
इस संघर्ष से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी छात्र-छात्राओं, युवाओं और साथियों को हार्दिक बधाई एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामनाएँ।
-देश के छात्रों व युवाओं केे आन्दोलन के चलते आज केन्द्रीय शिक्षा मन्त्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान द्वारा इस्तीफा दिये जाने का फैसला उचित, जो यह पहले ही ले लिया जाता तो बेहतर होता। साथ ही, हमारी पार्टी केन्द्र सरकार से यह भी अपेक्षा करती है कि जिन पुलिसकर्मियों ने जन्तर-मन्तर पर शान्तिमय ढंग से प्रदर्शन कर रहे निहत्ते लड़के व लड़कियों पर बरबर्तापूर्वक लाठी, डन्डों आदि से चोट पहुँचायी है जिससे ये बड़ी संख्या में गम्भीर रूप से घायल हुए, उनपर सख़्त कार्रवाई की जानी चाहिये।
-और ख़ास तौर से जिन पुरूष पुलिसकर्मियों ने लड़कियों के साथ बेहूदा व शर्मनाक बदसलूकी की और बल प्रयाग किया, उनको चिन्हित करक���, उनके खिलाफ अनुशासनिक एवं क्रिमनल केस चला कर सख़्त से सख़्त क़ानूनी कार्रवाई की जानी चाहिये, जिससे कि भविष्य में इस तरह की घिनौनी हरकत करने की कोई हिम्मत ना कर सके।
- इसके साथ-साथ, सरकार को आन्दोलन कर रहे छात्रों व युवाओं के ख़िलाफ जो भी FIR या complaint दायर की गई है, उन सभी को वापस ले लिया जाये, जिससे इनको आगे चलकर थानों व कोर्ट कचहरी के चक्कर ना काटने पड़े और इस वजह से उनका भविष्य भी ख़राब ना हो, जिससे ��िर देश में सौहार्दपूर्ण वातावरण बन सके।
- साथ ही मेरा सभी आन्दोलनकारियों से यह कहना है कि वो इस मामले में किसी भी पार्टी को उनके इस संघर्ष का राजनीतिकरण ना करने दें तथा अपने भविष्य को भी ख़राब ना होने दें।