सीपीआईएम त्रिपुरा राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी ने दिल्ली में आरएसएस के “जनजाति सुरक्षा मंच” कार्यक्रम में “घर वापसी” के नाम पर आदिवासियों की प��चान, संस्कृति और अधिकारों पर हो रहे हमलों पे अपनी बात रखी
@Jitendra1958
https://t.co/nGq17I2pzO
After the Communist Party of India (Marxist) supported the formation of the government in Tamil Nadu, TVK chief C. Joseph Vijay met party leaders, including Polit Bureau members K. Balakrishnan and U. Vasuki, and State Secretary P. Shanmugam, and thanked them.
தவெக ஆட்சி அமைக்க #CPIM ஆதரவளித்துள்ளதையடுத்து #TVK தலைவர் சி.ஜோசப் விஜய், #CPIM அரசியல் தலைமைக்குழ��� உறுப்பினர் கே.பாலகிருஷ்ணன், உ.வாசுகி, மாநிலச் செயலாளர் பெ.சண்முகம், உள்ளிட்ட தலைவர்களை சந்தித்து நன்றி தெரிவித்தார். இந்த நிகழ்வில் #CPIM மத்தியக்குழு உறுப்பினர்கள் பி.சம்பத், என்.குணசேகரன், கே.பாலபாரதி, அகில இந்திய கட்டுப்பாட்டு குழு தலைவர் ஜி.ராமகிருஷ்ணன், மூத்த தலைவர் டி.கே.ரங்கராஜன், சட்டமன்ற உறுப்பினர் ஆர்.செல்லசுவாமி உள்ளிட்டோர் உடனிருந்தனர்.
It's not the end, it's a new beginning from Domkal.
CPI(M) alone got 2,839,067 votes (excluding other Left parties). That number is defiant. It shows deep faith in ideology. They will protect their party at any cost.
Red salute to the red flag 🌹✊🏽❤️
#CPIM
आज़ाद करने के आंदोलन की नींव रखी गई, और इस तरह क्लास रूल, गुलामी और शोषण को खत्म किया गया। पेरिस से लेकर पेट्रोग्राड और पुन्नप्रा-वायलार तक, उनके विचारों ने समाज को बदलने के लिए क्रांतिकारी कामों को गाइड किया और उन्हें बढ़ावा दिया। मार्क्स का नाम हमेशा अमर रहेगा, और उनका काम भी।
आज कार्ल मार्क्स की 208वीं जयंती ���ै, वो इंसान जिन्होंने सोशलिज़्म को साइंटिफिक बुनियाद दी। मार्क्स ने दुनिया के इतिहास की सोच में क्रांति ला दी और कैपिटल और लेबर के बीच के रिश्ते को साफ़ किया, जिससे साइंटिफिक सोशलिज़्म और कैपिटलिस्ट समाज को उखाड़ फेंकने और आज के प्रोलेटेरिएट को/1
जो लोग घोषणा कर रहे हैं, वाम ख़तम हो गया है। केरल में चुनाव हार जाने के बाद, वो लोग सपने से जाग जाएं।
हम वाम है, जब तक नहीं मिलेगा बेरोजगारों को काम और मज़दूर-किसानों को सही दाम तब तक जिंदा रहेगा वाम✊
Comrades Amra Ram, AA Rahim, Arun Kumar, V Sivadasan, and the GS himself, were stopped by UP Police, on the way to meet the detained leaders of workers' struggle in Noida. They started a sit-in at the spot! Comrades are on the way now as the administration has bent their knees
लोकसभा में मोदी की हार जबरदस्त रही।
मगर यह पहला मौका नहीं है जब संसद में प्रधानमंत्री मोदी को हार का सामना करना पड़ा हो।
इससे पहले 2015 में राज्यसभा में भी सरकार को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था।
मौका था राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का।
इसमें एक संशोधन सीपीएम के सीताराम येचुरी ने रखा था।
उस पर वोटिंग में सरकार को बुरी तरह हारना पड़ा था।
अब यह राज्यसभा के बाद लोकसभा में दूसरी हार है।
सरकार ने बहुत कोशिश की थी कि येचुरी अपना संशोधन वापस ले लें मगर यह येचुरी ने संशोधन वापस लेने से इनकार करते हुए विपक्ष को एकजुट किया था और नतीजा सरकार की हार के रूप में सामने आया था।
उस समय की बड़ी घटना।
हुआ यह था की प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने आए और विपक्ष के नेताओं के नाम ले लेकर खूब आरोप लगाए।
और जैसा कि करते हैं भाषण दिया और चले गए।
राज्यसभा में परंपरा है कि विपक्ष को स्पष्टीकरण मांगने का मौका मिलता है तो वह नहीं मिला।
उसके बाद वोटिंग शुरू होने लगी तो संशोधन प्रस्ताव आमतौर पर वापस ले लिए जाते हैं लेकिन यह येचुरी का जो प्रस्ताव था काले धन पर की राष्ट्रपति की अभिभाषण में जो उसको विदेश से वापस लाने का जिक्र नहीं है उसके खिलाफ तो उन्होंने इसे वापस लेने से इनकार कर दिया।
ये��ुरी का कहना था कि वे वापस ले लेते मगर प्रधानमंत्री तो अपना भाषण देने के बाद रुके ही नहीं।
अब मेरे प्रस्ताव पर मतदान होगा।
और मतदान कराया गया येचुरी के पक्ष में 118 वोट मिले और उसके विरोध में यानी कि सरकार के पक्ष में केवल 57।
याद रहे इस बार भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर यही हुआ था।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया प्रधानमंत्री जवाब देने नहीं आए।
और राज्यसभा में जवाब दिया तो वहां विपक्ष स्पष्टीकरण मांगता रह गया लेकिन उसे मौका नहीं दिया गया।
आज डाॅ भीमराव अम्बेडकर जयन्ति के अवसर पर आदिवासी जनाधिकार एका मंच राजस्थान की ओर से मध्यप्रदेश रतलाम के साथी कान्तिलाल लाल ननोमा के प्रयास से प्रदेश अध्यक्ष दुलीचन्द मीणा, प्रदेश उपाध्यक्ष गौतम डामोर व प्रदेश संयुक्त सचिव फाल्गुन भराडा के साथ ग्राम पंचायत चाचा कोटा के /
एक गांव मे वनाधिकार कानून को ईमानदारी से लागू करने, माही डेम के बेक वाटर की अपनी जमीन के परम्परागत खेती के अधिकार को बहाल रखने सहित विभिन्न मांगो को लेकर संघर्ष करने का निर्णय लिया गया। एवं कमेटी का गठन किया गया।