@yadavakhilesh निराशा में आंख का पानी
जब समुद्र बन जाता है
इंकलाब आता है
दौर जब नाइंसाफी का हद से बढ़ जाता है
वाह कितनी खूबसूरत कविता है👍
आपको कवि भी होना चाहिए
@BhaiPreetSingh@DelhiPolice@CPDelhi@DCPNewDelhi@AmitShah अपने घर पर रहे सुरक्षित रहे,
प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होता है, ये जो लोग है
इस भीड़ में इनकी मंशा ठीक नहीं है, यह भीड़ को गलत
रास्ते पर ले जा रहे है ।।
हमेशा राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करे संसद लोकतंत का मंदिर है, इसे पवित्र रखे 🙏 राधे राधे
@RahulGandhi इस्तीफा नहीं लिया
नैतिक जिम्मेदारी भी नहीं ली
जवाब भी नहीं दिया
आखिर वो ऐसा कर कैसे पा रहे है, लोकतंत्र में तो जवाब देना होता है ना 🤧
हम लोकतांत्रिक देश तो है ना 🙄
भगवान् श्री कृष्ण के लाख मन्नते करने के बाद
पाण्डवों को केवल 5 गाँव पर मान जाने के बाद भी
कौरव नहीं माने, दुर्योधन सुई की नोंक पर भी जमीन देने
के लिए भी तैयार नहीं हुआ...।।
तो परिणाम यह हुआ कि पाण्डवों ने शस्त्र उठाया और 18
दिन में ही दुर्योधन का घमंड चूर कर दिया
ठीक वैसे ही प्रशासन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए
कई बार कहा जंतर - मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते
संसद की तरफ नहीं बढ़ना चाहिए था....।।
तो हुआ यूं कि अब जंतर - मंतर भी खाली करा लिया गया
और आंदोलन भी ख़त्म करवा दिया गया 🙂
इस कहानी से हमे यह सीख मिलती है कि कभी भी कानून को अपने हाथ में ना ले शांतिपूर्ण तरीके से ही अपनी बात रखें, राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करें संसद जो कि लोकतंत्र का मंदिर है वहां कूद फान ना करें......... धन्यवाद 🙏
@JaikyYadav16 क्योंकि सरकार को पता है यह बस एक प्रयोग है
आज धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कल किसी दूसरे मंत्री का इस्तीफा मांगेगे।।
ऐसा सरकार ऐसे ही आंदोलनकारियों की हर बाते मानती रही तो फिर उसकी कैबिनेट ही खाली हो जायेगी
बंदे में है दम..…....वंदे मातरम्
उम्र के इस पड़ाव पर भी चेहरे की चमक काम करने का जज्बा और निरंतर बढ़ते रहने का साहस आदमी को बूढ़ा नहीं होने देती
इस तस्वीर में 2 लोग दिख रहे है आप लोग डिसाइड कीजिये कौन ज्यादा जवान है ..!!
आप नरेंद्र मोदी जी के समर्थक हो या आलोचक लेकिन आप भी यह जरूर मानते होंगे कि
!!आदमी है तो बहुत दमदार!!