1194 रेंजर,1258 डिप्टी रेंजर, 4194 वनपाल,14024 वनरक्षक के साथ 20670 कार्यपालिक अमला,4708 लिपिककर्मचारियों के साथ कुल मिलाकर 25378 की संख्या में वन विभाग का अमला कार्यरत है जिनके द्वारा 15728 JFM का संचालन किया जा रहा है,अगर इस संख्या बल के आधार पर हुंकार भर दी तो सोचो क्या होगा?
हमारी मांगे जायज है,हमने अपनी मेहनत से म���्य प्रदेश को टाइगर स्टेट,चीता स्टेट,लेपर्ड स्टेट, घड़ियाल स्टेट बनाकर सबसे ज्यादा वन क्षेत्र उन्नत किया है |फिर भी हमको दरकिनार किया जा रहा है |
@ChouhanShivraj
@minforestmp
@MPRanger4
हमारी मांगे जायज है,हमने अपनी मेहनत से मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट,चीता स्टेट,लेपर्ड स्टेट, घड़ियाल स्टेट बनाकर सबसे ज्यादा वन क्षेत्र उन्नत किया है |फिर भी हमको दरकिनार किया जा रहा है |
@ChouhanShivraj@minforestmp@MPRanger4
फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में पदस्थ कंप्यूटर-ऑपरेटर,वनरक्षक, वनपाल,उपवन-क्षेत्रपाल, एवं वनक्षेत्रपाल(rangers) यदि धरना,और हड़ताल नहीं कर रहे हैं,तो इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी कोई मांगे नहीं है|हमारी भी मांगे पूरी करो और वेतन विसंगति को दूर करो|
@OfficeofSSC@minforestmp@MPRanger4
फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में पदस्थ कंप्यूटर-ऑपरेटर,वनरक्षक, वनपाल,उपवन-क्षेत्रपाल, एवं वनक्षेत्रपाल(rangers) यदि धरना,और हड़ताल नहीं कर रहे हैं,तो इसका मतलब यह नहीं है कि उनकी कोई मांगे नहीं है|हमारी भी मांगे पूरी करो और वेतन विसंगति को दूर करो|
@OfficeofSSC@minforestmp@MPRanger4
@ShishupalAhir12@ChouhanShivraj@minforestmp@MPRanger4 मप्र की अमूल्य वनसंपदा की सुरक्षा में 24*7 कार्यरत वन अमले की मांगों को दरकिनार न किया जाए।
मप्र को वन एवं वन्य प��राणी संरक्षण में प्रथम स्थान दिलाकर वन अमले ने अपनी कर्त्तव्यपरायणता को सार्थक किया है। वन अमले की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किये जाने का निवेदन है।