@samrat4bjp एक निर्दोष निरपराध युवा की जघन्य हत्या को मुठभेड़ कहते हुए शर्म नहीं आयी।वो तुम्हारी बिरादरी से नहीं था इसलिए उसकी हत्या को जायज ठहरा रहे हो। प्रायश्चित करिए सम्राट जी अन्यथा इस क्रूर जघन्य हत्या का दंड आज नहीं तो कल आपको या आपके परिजनों को भोगना ही पड़ेगा।
@neha_laldas उसका सरनेम ही आज के सिस्टम के लिए सबसे बड़ा अपराध है।जहां हर दिन हर नेता हर अधिकारी कर्मचारी नेता वर्बली या फिजीकली इनकाउंटर करता ही है।जिस प्रकार से सभ्यता संस्कृति धर्म के रक्षकों को विनष्ट करने का सामूहिक प्रयास हो रहा है अगले 50-100 वर्षों में हमारा सभ्यतागत विनाश हो सकता है।
@VijayVst0502 चंपतराय जी की निष्ठा भले ही असंदिग्ध हो लेकिन उनके अनुचर ड्राइवर आदि का इसमें इनवालमेंट उनकी ही विफलता मानी जाएगी। इतना अनुभवी ज्ञानी समर्पित त्यागी योद्धा व्यक्तित्व धारक अपने अनुचरों पर निगरानी रखने में विफल या विवश कैसे हो सकता है।
@atsshow7 जब एक विशुद्ध जातिवादी राजनेता जिसका पूरा राजनीतिक जीवन जाति जाति करते हुए फला फूला हो वह एक पल के लिए भी निष्पक्ष नहीें होगा।तो उसके निर्णय भी उसी सोच विचार से दुष्प्रभावित होंगे।सम्राट चौधरी एक दो माह में बिहार का विफल मुख्यमंत्री बन गये हैं।उसे ब्रह्म हत्या का महापाप ले डूबेगा
@vinod_bansal त्रुटि तो बहुत बड़ी हुई है बंसल जी। लोगों के विश्वास को गहरा आघात लगा है जिसकी छतिपूर्ति शायद नहीं हो पाएगी।ट्रस्ट के सदस्यों के नाक के नीचे यह अक्षम्य अपराध होता रहा और वे मूंदहु आंख कतहु कछु नाहीं करते रहे।इस महापाप के जाने अनजाने भागीदार वे सब है।प्रभु के प्रकोप से वचेगे नहीें
नृपेंद्र मिश्रा ने कह दिया है कि राम मंदिर चंदा डकैती के विषय में मुख्य दायित्व SBI के लोगों का था। यानी, किसी छोटे कर्मचारी आदि को बलि का बकरा बनाया जाएगा।
किसने गिनने वालों को (या चुराने वालों को) सुरक्षा की क्लीयरेंस दी, आखिर नोटों की गड्डियाँ मंदिर के त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र के बाद भी ले जाने में इतनी ढील किसके कहने पर बरती गई?
आभूषणों का ऑडिट दैनिक/साप्ताहिक/मासिक कभी हुआ है? क्या उसकी गिनती, भार आदि का कोई वीडियो है? असली चुरा कर कोई नकली रख दे, क्या उसके लिए कोई व्यवस्था है?
मंदिर से जुड़े लोगों की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी, उनके परिजनों की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी भी जाँच के दायरे में होनी चाहिए। पर ऐसा कुछ नहीं होगा, क्योंकि उसमें उच्च पदस्थ लोग भी अपराधी दिखेंगे।
हिन्दुओं की आस्था के साथ ऐसा खिलवाड़ @narendramodi और @myogiadityanath के शासनकाल में होगा, यह मेरे स्वप्न में भी नहीं था। भाजपा और उनके ‘भारत मंडपम्’ समर्थकों का चुप्पी बहुत कुछ कहती है।
यह दोनों कांग्रेस के राहुल गांधी के थिंक टैंक के सदस्य हैं
एक मुकेश कुमार है आप इसके ट्विटर हैंडल पर देखेंगे तो कांग्रेस का कट्टर समर्थक है दूसरा प्रोफेसर अपूर्वानंद है जो राहुल गांधी के साथ कई मंचों पर उपस्थित रहा है
यह हमारे और आपके टैक्स के पैसे से सैलरी लेता है
यह प्रोफेसर अपूर्वानंद कह रहा है की वर्तमान में हर एक हिंदू के घर में कम से कम एक संभावित हत्यारा और बलात्कारी मौजूद है और अगर वह बलात्कारी नहीं कर पा रहा तो कल्पनाओं में बलात्कार करने वाला बलात्कारी मौजूद है
सोचिए राहुल गांधी को हिंदुओं का वोट भी चाहिए और अपने पाले हुए कुत्तों से इस तरह से हिंदुओं को अपमानित कर रहे हैं
क्या यह प्रोफेसर अपूर्वानंद यही बात मुसलमानो के लिए बोल सकता था ?
@CensusIndia2027 महोदय भीषण गर्मी के कहर के बावजूद अमरोहा जनपद के प्रगणकों ने 80-85% मकान सूचीकरण कार्य पूर्ण कर लिया है उसके बाद भी प्रचंड लू मेें काम करने वालों प्रगणकों पर चार्ज अधिकारियों के द्वारा अनैतिक दबाव देना अनुचित है वह भी जबकि अभी 12 दिन की निर्धारित समयावधि शेष है।
@CensusIndia2027
विभिन्न राज्यों में मकान सूचीकरण कार्य 22 मई से 20 जून तक निर्धारित किया गया है किन्तु उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद के चार्ज अधिकारियों के द्वारा इस भीषण गर्मी में लगभग आधा समय अवशेष होने पर भी तत्काल अभी मकानसूचीकरण गलत सही पूरा करने हेतु परेशान किया जा रहा है--
@myogiadityanathआदरणीय अभिवादन प्रणाम के साथ निवेदन है कि UPERC के द्वारा के ईंधन प्रभार सरचार्ज पर रोक के बावजूद UPPCL ने मई के बिजली बिल के साथ 10% ईंधन प्रभार सरचार्ज लगा दिया है। UPPCL का यह कृत्य जनाक्रोश के साथ आपकी व सरकार की छवि को हानि पहुंचाने वाला है।कृपया संज्ञान लें
@CMOfficeUPआदरणीय अभिवादन प्रणाम के साथ निवेदन है कि UPERC के द्वारा के ईंधन प्रभार सरचार्ज पर रोक के बावजूद UPPCL ने मई के बिजली बिल के साथ 10% ईंधन प्रभार सरचार्ज लगा दिया है। UPPCL का यह कृत्य जनविरोधी के साथ आपकी व सरकार की छवि को हानि पहुंचाने वाला है।कृपया संज्ञान लें 🙏🙏
मेरे पूज्य दादा स्वर्गीय श्री साहिब राम ने भारत पाकिस्तान के विभाजन में अपना सबकुछ खो दिया उनके पास 14 अगस्त 1947 की रात तीन ही विकल्प थे १. मुसलमान बन जाओ, २. मरने के लिए तैयार हो जाओ, ३. अपना सब कुछ छोड़ कर भारत जाओ ! मेरे दादा ने 450 बीघा जमीन छोड़ दी पर मुसलमान होना स्वीकार नहीं किया उनका सब लूट लिया किंतु फिर भी वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ कर हिंदुओं की सेवा करते रहे ! ऐसे में लोग मुझसे अपेक्षा करते हैं झुक जाने की मैं दादा के साथ गद्दारी नहीं करूँगा सत्य पर अडिग रहूँगा !
@Abhinav_Pan चमत्कार को नमस्कार होता है बेटा।तुम जिस चश्मे से देखते हो वैसा चश्मा आजकल सब लगाते हैं।हवा में उड़ने वाले एक दिन जमीन में गिरते ही हैं।चाहे वो खान साहब हो या कोई और हो।कल एक दूसरे साहब भी पकड़ाए थे,अभी जेल में ही हैं लेकिन आप चुप रहे।पर खान साहब पर लाल लाल हो रहे।दूकान जो चलती है
यह सर्वविदित है कि किसी भी व्यक्ति को जन्म से पूर्व अथवा जन्म के पश्चात अपनी जाति चुनने की स्वतंत्रता प्राप्त नहीं होती। इसके बावजूद वर्तमान में अधिकांश राजनीतिक दल जातिगत आधार पर निर्मित तथा निरंतर बढ़ाए जा रहे नियमों, नीतियों और व्यवस्थाओं का न केवल विरोध करने से बचते हैं, बल्कि अनेक अवसरों पर उन्हें प्रोत्साहित भी करते दिखाई देते हैं।
जब किसी पूरे वर्ग को बिना व्यक्तिगत आधार या तथ्यात्मक परीक्षण के सामूहिक रूप से उत्पीड़क, सम्पन्न अथवा विशेषाधिकार प्राप्त घोषित कर दिया जाता है, तब यह न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की भावना के विपरीत है। किसी भी समुदाय को केवल उसकी जन्मजात पहचान के आधार पर दोषी ठहराना, अपमानित करना अथवा उसके विरुद्ध सामाजिक और राजनीतिक अभियान चलाना स्वस्थ लोकतंत्र के लिए उचित नहीं माना जा सकता।
ऐसी प्रवृत्तियाँ प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध हैं तथा समाज में विभाजन, अविश्वास और वैमनस्य को बढ़ावा देती हैं। सामाजिक समरसता, समान नागरिक अधिकारों और अवसरों की वास्तविक स्थापना तभी संभव है जब प्रत्येक व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी जाति नहीं, बल्कि उसके व्यक्तित्व, आचरण, योग्यता और योगदान के आधार पर किया जाए।
इन्हीं उद्देश्यों को लेकर राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों तथा जागरूक नागरिकों के सहयोग से एक वैकल्पिक जनआंदोलन के रूप में कार्य कर रहा है। इसका लक्ष्य समाज में समानता, न्याय, समरसता और सभी नागरिकों के लिए समान अवसरों पर आधारित व्यवस्था के पक्ष में जनमत तैयार करना है, ताकि देश की राजनीति जातिगत विभाजन के बजाय राष्ट्रीय एकता और नागरिक अधिकारों के आधार पर आगे बढ़ सके।
तेलंगाना का एक युवक है कार्तिक राव पंथाम…
बक़रीद के दिन मोहल्ले में बकरे कटने की वजह से
कार्तिक के घर के बाहर खून फैल गया था…
इस चीज़ का फ़ोटो खींच कर कार्तिक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया…!!
और तेलंगाना पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए…
कार्तिक पर केस दर्ज कर लिया है…
पुलिस का कहना है कि इससे धार्मिक भावनाएँ भड़क सकती है…
और दंगे हो सकते हैं…
आप ये पोस्ट पढ़िए…
और हैरान होइए… इस देश में कांग्रेस शासित राज्यो में हिन्दुओ की अभिव्यक्ति की आज़ादी का ये हाल है…!!
(1):- 24 सितंबर 2025:- सोनम वांगचुक ने विदेशी ताकतों के इशारे पर लद्दाख को जला दिया चार युवक मारे गए 70 से ज्यादा गंभीर रूप से घायल हुए
और आज सत्ता से डील करके सोनम वांगचुक आजाद हैं अपनी शानदार लाइफस्टाइल जी रहे हैं उनकी अमेरिकी पत्नी उनके साथ हैं
और इस हिंसक का आंदोलन में 300 से ज्यादा युवक क्रिमिनल केस का सामना कर रहे हैं उनके खिलाफ मुकदमा चल रहा है
(2):- 25 अगस्त 2015 :- हार्दिक पटेल ने बीजेपी की आनंदीबेन सरकार के खिलाफ और पटेल आरक्षण के लिए एक सभा बुलाई.. सभा में उन्होंने कहा की आनंदीबेन पटेल यही मंच पर आकर मुझसे बात करें और उसके बाद उन्होंने कहा कि अब आप लोग हिंसा करिए और भीड़ ने अहमदाबाद में दंगा कर दिया नतीजा पुलिस गोलीबारी में 18 पटेल युवकों की मौत हुई
नतीजा :- आज हार्दिक पटेल उसी बीजेपी में विधायक हैं जी बीजेपी के खिलाफ उन्होंने पटेल युवकों को मूर्ख बनाकर उनकी बलिदान लेकर अपनी राजनीतिक कैरियर बनाया
(3):- 26 अगस्त 2011 दिल्ली में केजरीवाल और अन्ना हजारे का रामलीला मैदान में आंदोलन चल रहा था मंच से घोषणा की गई कि आप सब लोग अपनी नौकरी छोड़कर हमारे साथ आइए
स्टेज पर ही दिल्ली पुलिस के दो कांस्टेबलों ने इस्तीफा देने की घोषणा की थी और कई युवकों ने गूगल माइक्रोसॉफ्ट जैसी मल्टीनेशनल कंपनी से रिजाइन करके केजरीवाल के साथ आये ऐसे ही अमेरिका से याहू की नौकरी छोड़कर आए हैं कि युवक ने स्टेज पर अरविंद केजरीवाल को अपनी नीली वैगन आर दी थी तो काफी प्रसिद्ध हुई थी हालांकि सत्ता में आने के बाद अरविंद केजरीवाल कभी नीली वैगन आर में नजर नहीं आए
लेकिन अफसोस किसी ने यह पता करने की कोशिश नहीं कि केजरीवाल ने अपनी खुद की पत्नी का इस्तीफा नहीं करवाया था उनकी पत्नी अपने इनकम टैक्स कमिश्नर की ड्यूटी निभा रही थी और उनकी पत्नी ने सरकारी नौकरी तब छोड़ी जब अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बन चुके थे
जितने लोगों ने अपनी-अपनी सरकारी या मल्टीनेशनल कंपनियों की नौकरी छोड़ी वह सब बाद में वीडियो बनाकर बोले कि हम पछता रहे हैं अब हम सड़क पर आ गए और अरविंद केजरीवाल उसी कीचड़ में लोटने लगे जिस कीचड़ से हम सबको दूर रहने की बड़ी-बड़ी बात करते थे
भारत के सबसे प्रसिद्ध आंदोलन जीवी योगेंद्र यादव की पत्नी प्रोफेसर हैं और उनका बेटा लंदन में पढ़ाई करके लंदन में ही जॉब करता है
भारत के दूसरे बड़े आंदोलन जीवी प्रशांत भूषण के तीन बेटे हैं जिसमें से एक विदेश में है और बाकी दो अपने-अपने फील्ड में वेल सेटल है और शानदार लाइफस्टाइल जी रहे हैं मुंबई और लंदन और अमेरिका में उनके घर हैं
एक और आंदोलनजीवी कपिल सिब्बल है जो अक्सर युवाओं को भड़काते हैं उनका बेटा अपने बाप के बनाये गल्ले पर बैठकर वकालत करके करोड़ों रुपए फीस लेकर दिल्ली के पास इलाके में एक शानदार जिंदगी जी रहा है
एक और आंदोलन जीवी ध्रुव राठी है जो अक्सर भारत के युवाओं को भड़काते हैं जर्मन महिला से शादी करके जर्मनी में वेल सेटल है यूट्यूब और सोशल मीडिया पेड प्रमोशन से 30 करोड रुपए के आसपास मंथली कमा रहे हैं
और यह बात आपको उन्होंने कभी नहीं बताया कि पिछले 1 सालों में जर्मनी में गैस और डीजल पेट्रोल की कीमतें तीन गुनी बढ़ चुकी हैं
वह कभी जर्मन सरकार पर सवाल नहीं उठाते की कीमतें क्यों बढ़ा रहे हो ? जब जबकि वह खुद जर्मनी के नागरिक हैं
जर्मनी में बेरोजगारी इतनी चरम सीमा पर है कि आप गूगल पर सर्च कर सकते हैं आज वहां 60% युवा डिलीवरी बॉय यानी गीक्स वर्कर का काम करते हैं उन्हें कोई लोकल सोशल सिक्योरिटी नहीं मिलती बल्कि वह थर्ड पार्टी एम्पलाई होते हैं और थर्ड पार्टी उनका खतरनाक शोषण करती है क्योंकि वह दूसरी डिलीवरी कंपनियों से पैसे लेकर डिलीवरी करने वाले लोगों को प्रति घंटे तीन यूरो कम भुगतान करती है और इस बात पर जर्मनी के गिग्स वर्कर ने आंदोलन भी किया था लेकिन ध्रुव राठी ने इस पर कोई वीडियो नहीं बनाया था
मतलब यह इन सब आंदोलन की कड़वी सच्चाई है यह आंदोलन युवाओं के दिमाग से खेलने के लिए तैयार किए जाते हैं
एक शातिर व्यक्ति सत्ता और लग्जरी जीवन का का मजा लेने के लिए लोगों के दिमाग से खेलता है लोगों की बलि चढ़ता है हजारों लोगों को अनंत काल तक मुकदमेबाजी क्रिमिनल केस में झोंक देता है
लेकिन खुद सत्ता से समझौता करके सत्ता का मजा लेता है