@DrDCSHARMAUPPSS माननीय प्रधानमंत्री जी को इसमें हस्तक्षेप कर संसद के माध्यम से थोपी गई 2017 के संशोधन को हटाकर देश के 25 लाख शिक्षकों को राहत देनी चाहिए। माननीय न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में अनुभव के आधार पर कॉलेजियम सिस्टम से नियुक्त हो जाएंगे बिना परीक्षा के । इसे ही चिराग़ तले
@DrDCSHARMAUPPSS विना परीक्षा के पाँच जज की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट मे कैसे जबकि शिक्षक निर्धारित योग्यता ���र 25 वर्षो से पढ़ा रहा है इसका मतलब विना TET के शिक्षको द्वारा पढ़ाया सभी विद्यार्थी अयोग्य - तो उन्हे भी कार्यगुक्त क रो
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Law के क्षेत्र में प्रोफेशनल डिग्री LLB लेकर वकील बनते हैं ।इसी प्रकार स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में प्रोफेशनल डिग्री बी एड या बीटीसी लेकर शिक्षक बनते हैं ।
simple एलएलबी की डिग्री लेकर बने अधिवक्ता बिना किसी परीक्षा के केवल अनुभव के आधार पर हाईकोर्ट के माननीय जस्टिस ,फिर चीफ जस्टिस ,��ुप्रीम कोर्ट के मा जस्टिस और फिर सुप्रीम कोर्ट के chief justice तक बन सकते हैं।
लेकिन बी एड या बीटीसी की डिग्री या डिप्लोमा लेकर बने शिक्षक को नियुक्ति के 25-30 वर्षों बाद प्रमोशन तो दूर नौकरी में बने रहने के लिए भी नई परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी और सफल न होने पर नौकरी से निकाल दिये जाएँगे ।क्या यह न्याय है?
हम माननीय प्रधानमन्त्री जी से अनुरोध करेंगे कि देश के 25 लाख शिक्षकों के साथ हो रहे इस अन्याय का संज्ञान लें और एनसीटीई द्वारा 23 August 2010 में निर्धारित योग्यता को आरटीई में सम्मिलित करने की कृपा करें ।🙏
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