बाड़मेर में गुडडु प्रजापत की मुलाकात श्री रविन्द्र सिंह भाटी ���ी से हुई। (MLA) उन्होंने उन���ी भारत यात्रा के बारे में जाना और उनकी डायरी में अपने हाथों से शुभकामनाएं लिखीं।
राजस्थान के खजुराहो के नाम से विख्यात सीमांत क्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं स्थापत्य विरासत के अद्भुत प्रतीक किराडू मंदिर के समग्र विकास हेतु ₹5 करोड़ 43 लाख की ���जट स्वीकृति समस्त क्षेत्र के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है।
इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर समय-समय पर विधानसभा पटल पर सरकार का ध्यान आकर्षित कराया। इसी क्रम में लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व राजस्थान में पहली बार किसी जनप्रतिनिधि को पुरातात्विक धरोहर के संरक्षण हेतु ‘स्मारक साथी’ का दायित्व सौंपा गया। इस दायित्व का निर्वहन करते हुए हमारी टीम ने मंदिर परिसर में पह���ँचकर कंटीली झाड़ियों की हाथों से कटाई कर व्यापक सफाई अभियान चलाया, ताकि इस अमूल्य विरासत के संरक्षण की दिशा में एक सार्थक शुरुआत हो सके।
अब आमजन के सहयोग से शीघ्र ही “Save Kiradu” जन-अभियान प्रारंभ किया जाएगा, जिसका उद्देश्य किराडू मंदिर के संरक्षण, संवर्धन और समग्र विकास को जनभागीदारी से गति देना है। हमारा प्रयास है कि यह अद्वितीय पुरातात्विक धरोहर विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित ह�� और पर्यटक स्थल के रुप में विकसित हो सके। साथ ही भविष्य में यूनेस्को विश्व धरोहर (UNESCO World Heritage) सूची में अपना स्थान प्राप्त कर सके।
किराडू मंदिर के साथ-साथ देवका स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर एवं बिस्सू स्थित ऐतिहासिक मंदिर के संरक्षण एवं विकास के लिए भी निरंतर प्रयास जारी हैं। ये दोनों स्थल भी हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण केंद्र ह��ं और इनके संरक्षण, संवर्धन तथा पर्यटन विकास की दिशा में सकारात्मक पहल की जा रही है।
निस्संदेह, यह बजट आवंटन हमारी सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, पर्यटन को नई गति प्रदान करने, स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर समस्त क्षेत्रवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
राजस्थान में मराठी भाषा के अध्ययन केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। यह स्वागतयोग्य है। ���ारत की हर भाषा हमारी साझा सांस्कृतिक धरोहर है और हमारे युवाओं को हर भारतीय भाषा सीखने का अवसर मिलना चाहिए।
लेकिन एक सवाल आज पूरे राजस्थान की आत्मा पूछ रही है, क्या अपनी ही मातृभाषा को सम्मान दिए बिना दूसरी भाषाओं के संवर्धन की बात न्यायसंगत है?
जिस राजस्थान ने डिंगल, पिंगल और समृद्ध लो��� साहित्य को जन्म दिया, उसी राजस्थान की अपनी राजस्थानी भाषा आज भी अपने अधिकार और सम्मान की प्रतीक्षा कर रही है।
इसी भावना से मैंने पिछले विधानसभा सत्र में संविधान के अनुच्छेद 345 के तहत राजस्थानी भाषा को राजस्थान की राजभाषा का दर्जा देने के लिए प्राइवेट मेम्बर बिल प्रस्तुत किया था। दुर्भाग्य से वह पिछले छह महीनों से लीगल सेल में लंबित है।
मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि हम सभी संस्कृतियों ���ा सम्मान करते है और हर भारतीय भाषा का सम्मान करते हैं, लेकिन अपनी मातृभाषा की उपेक्षा स्वीकार नहीं कर सकते।
राजस्थान की जनता अब बहाने नहीं, निर्णय चाहती है। राजस्थानी भाषा को उसका सम्मान मिलना ही चाहिए।
@RajCMO
@BhajanlalBjp
इसे कहते है अनुशासन और संस्कार का परिचय देना
शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी का हजारों गाड़ियो का काफिला जिसमे एक भी पुलिस की गाड़ी नही थी फिर भी पूर्ण रूप से सभ्य तरीके से काफिला गुज़रा
और दूसरी तरफ़ कल जो घटना घटित हुई उसने साबित कर दिया कि हमारा एक ही मकसद है अराजकता फैलाना।
ये पाकिस्तान की संसद है जहाँ #राणा_सांगा और #महाराणा_प्रताप को संसद मे कितना सम्मान दिया जा रहा है
एक हमारे देश भारत मे आये दिन भाजपा सरकार अपमान पर अपमान कर रही है
गजेंद्र सिंह शेखावत ने ख़ुद को दुर्गादास राठौड़ जी का अनुनाई क्या बताया , वो ख़ुद सवालों में घिर गए ॥
उनके इस ट्वीट में राजपूत समाज के साथी कमेंट करके पूछ रहे हैं कि जब दुर्गादास जी को भाजपा ने तेली घोषित किया था उस वक़्त आपके मुंह में दही जम गया था क्या उस वक़्त बोले क्यो नहीं ॥
@gssjodhpur@rajput_of_india
विद्युत विभाग और जिला प्रशासन होश में आओ!
एक सप्ताह पूर्व आए बारिश, आंधी-तूफान के कारण गिरे विद्युत पोल आज भी कई स्थानों पर आमजन के लिए परेशानी और खतरे का कारण बने हुए हैं। यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही को उजागर करती है।
बुनियादी सुविधाओं की शीघ्र बहाली प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन अब तक समाधान नहीं होना चिंताजनक है। आमजन लगातार असुविधा झेल रहा है और जनसुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।
मेरा जिला प्रशासन और विद्युत विभाग से आग्रह है कि तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई करते हुए गिरे हुए विद्युत पोलों के स्थान पर नए पोल लगाए जाए तथा विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
यदि समयबद्ध व्यवस्था सुचारू नहीं होती है तो आगे की प्रक्रिया हेतु जिला प्रशासन और विद्युत विभाग स्वयं जिम्मेदार होंगे।
आंदोलन के 55वें दिन मजदूर ने तोड़ा दम, विधायक रविंद्र सिंह भाटी बोले- सिस्टम ने ली एक घर के चिराग की जान
बाड़मेर के शिव क्षेत्र में 55 दिनों से धरने पर बैठे मजदूर जैसाराम की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई. घटना के बाद विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सरकार और ��्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. परिजन और ग्रामीण एक करोड़ रुपये मुआवजा तथा मृतक की पत्नी और भाई को नौकरी देने की मांग को लेकर धरने पर डटे हुए हैं.
पूरी खबर https://t.co/UiO0OYvBmj
#Barmer #Jaisaram #RavindraSinghBhati #RajasthanNews
अपनों के लिए जहाँ भी बैठना पड़ा बैठूँगा:— भाटी
शिव की जनता का अनमोल रत्न, सुख दुख का साथी !
नीचे सड़क पर अपनों के लिए लड़ाई ल���़ते हुए….!!!!
#जैसाराम_मेघवाल_न्याय_दो
ये गिरल धरने पर मृतक जैसाराम के पिता है एक बुजुर्ग पिता के शब्द कह देना उसको की अब जाकर कर ले काम चालू
लानत है हुक्मरानों सत्ताधारियों इन्हीं बुजुर्गों ने ही आपके पार्टी के वट वृक्ष को सींचा है
#गिरल_रोजगार_आंदोलन