लाल घेरे में बैठा हुआ ये व्यक्ति अब मुख्य चुनाव आयुक्त है, इनका नाम अनूप चंद्र पांडेय है।
ये पहले यूपी के सीएम योगी के सचिव थे कब मुख्य चुनाव आयुक्त है।
अगले साल यूपी में चुनाव होने है, लेकिन चुनाव आयोग एक स्वतंत्र व स्वायत्त संस्था है
बाकी आप समझदार है
देश में पहला आमचुनाव 1952 में हुआ था,तब जिन्ना/पाकिस्तान या हिंदू-मुसलमान हमारे चुनावी मुद्दे नहीं हुआ करते थे बल्कि चुनावी विमर्श में रोटी,कपड़ा,मकान के साथ-2 एक समता-मूलक समाज के निर्माण का संकल्प हुआ करता था.2013-14 से हमने 'अंधी गुफा' में उलटे पांव की यात्रा शुरू कर दी है!!
अमीरों की भाजपा ने भूमिअधिग्रहण व काले क़ानूनों से ग़रीबों-किसानों को ठगना चाहा। कील लगाई, बाल खींचते कार्टून बनाए, जीप चढ़ाई लेकिन सपा की पूर्वांचल की विजय यात्रा के जन समर्थन से डरकर काले-क़ानून वापस ले ही लिए।
भाजपा बताए सैंकड़ों किसानों की मौत के दोषियों को सज़ा कब मिलेगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी की विजय रथयात्रा के समर्थन में उमड़ी किसानों नौजवानों की भारी भीड़ देखकर भाजपा सरकार को मजबूरन कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा। सभी किसानों नौजवानों को रथयात्रा का समर्थन करने के लिए धन्यवाद।
पूर्वांचल में जहां किसान आंदोलन अधिक प्रभावकारी नहीं रहा वहाँ @yadavakhilesh की गाजीपुर से लखनऊ की यात्रा में उमड़े जनसैलाब ने इनकी नींद उड़ा दी थी। उन्होंने कल्पना करी होगी कि लखनऊ से ग़ाज़ियाबाद की यात्रा का क्या होगा जहां पश्चिम में किसान आंदोलन अधिक प्रभावकारी है??
एक साल पहले की तस्वीर याद करें। गोदी मीडिया किसान आंदोलन को आतंकवादी कहने लगा। उस अफ़सर को याद करें जिसने किसानों का सर फोड़ देने की बात कही और सरकार उसके साथ खड़ी रही। किसानों ने विज्ञान ��वन में ज़मीन पर बैठकर अपना खाना खाया। उन कीलों को याद करें जो राह में बिछाई गई।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानो ने भाजपा के रास्ते पहले ही बंद कर दिए थे।पूर्वांचल मैं 24 घंटे चले @yadavakhilesh के विकास रथ ने स्पष्ट कर दिया कि विनाश��ारी भाजपा को अब जगह मिलने वाली नहीं।एक ही दिन में मवाली,खलिस्तानी,दलाल सब भूल कर माफ़ी पर आ गए।किसान-नौजवान सब को बधाई
किसानों को बधाई। उन्हें भी,जिन्होंने किसानों को आतंकवादी,आंदोलनजीवी कहा। किसानों ने देश को जनता होना सिखाया है,जिसे रौंद दिया गया था। आवाज़ दी है। गोदी मीडिया आज भी किसानों की बात किसानों के लिए नहीं ‘उनके’ लिए करेगा।किसानों ने समझा दिया कि किसानों को कैसे समझा जाता है।
फ़ीता आया लखनऊ से और नयी दिल्ली से कैंची आई
सपा के काम का श्रेय लेने को मची है ‘खिचम-खिंचाई’
आशा है अब तक अकेले में बैठकर लखनऊवालों ने ‘समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे’ की लंबाई का आँकड़ा रट लिया होगा।
सपा ‘बहुरंगी पुष्पवर्षा’ से इसका उद्घाटन करके एकरंगी सोचवालों को जवाब देगी।
2016 में समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के भूमिपूजन के शुभ अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव जी।
"जितनी रफ्तार बढ़ती है उतना विकास बढ़ता है"।
"कहाँ जाता है कि अमेरिका ने सड़कें बनाई ���र सड़कों ने अमेरिका को बना दिया"।
10-12 लेन की सड़क बनाने की बातें कहीं हैं।
2016 में समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के भूमिपूजन के शुभ अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव जी।
"जितनी रफ्तार बढ़ती है उतना विकास बढ़ता है"।
"कहाँ जाता है कि अमेरिका ने सड़कें बनाई और सड़कों ने अमेरिका को बना दिया"।
10-12 लेन की सड़क बनाने की बातें कहीं हैं।
समाजवादी पार्टी के कारवाँ की राह में रोड़े अटकाना, भाजपाई संकीर्ण सोच का प्रतीक है और भाजपाई हताशा का भी। जिनकी मंशा लोगों का रास्ता रोकने की है वो ‘एक्सप्रेस-वे’ क्या बनाएँगे।
भाजपा से आक्रोशित उप्र की जनता ने भाजपा के लिए ज़मीनी रास्ते बंद कर दिये हैं, हवाई मार्ग ही विकल्प है।
रिपोर्टर- योगी जी के काम पर 10 में से कितना नंबर दोगे ?
बच्चा : 10 से हम 0 नंबर भी नहीं देंगे, हम कलम तक नह़ी चलाएंगे
वाह बेटे वाह ! तुम तो पक्के ड्राइवर निकले 😂😂