57 मुस्लिम देश होते हुए भी किसी हुक्मरान में सद्दाम हुसैन जैसा जिगर नहीं और न ही ईमान , सद्दाम हुसैन ने इज़राइल पर 40 मिसाइलें दागीं और ये मुस्लिम देश हैं कि मिसाइलें तो छोड़िए जिस तरह से अमेरिका खुलकर इज़राइल के साथ खड़ा है ये उस तरह से फिलीस्तीन के साथ खड़े भी नहीं हैं......
#FreePalestine 🇵🇸
#सद्दाम_जिंदा_है
3 जून 2026
आज सुबह ईरानी ड्रोन और मिसाइली हमले के बाद कुवैत अंतरराष्ट्रीय ह��ाई अड्डे का टर्मिनल 1 धूं धूं करके जल उठा...
जिसमें कम से कम 1 व्यक्ति की मृत्यु और 60 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है......
3 जून 2026
आज सुबह ईरानी ड्रोन और मिसाइली हमले के बाद कुवैत अ���तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का टर्मिनल 1 धूं धूं करके जल उठा...
जिसमें कम से कम 1 व्यक्ति की मृत्यु और 60 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है......
💔 Dün gece anne ve babalarını kaybeden çocuklar...
Şimdi bir amca, sebepsiz yere yetim bırakılan kardeşinin evlatlarını teselli etmeye çalışıyor.
Gazze'de sadece hayatlar değil; aileler, çocukluklar ve gelecekler de enkaz altında kalıyor.
❗ Hiçbir çocuk bir gecede hem annesini hem babasını kaybetmemeli.
🌍 Dünya bu acıya daha ne kadar sessiz kalacak?
🇵🇸 FİLİSTİN'İ KORUYUN
#UnclaimedGaza | Sahipsiz Gazze
ऑस्कर विजेता अभिनेत्री सुसान सरंडन ने कहा:
मैंने गाजा में युद्धविराम की मांग की, और मुझे काम मिलना बंद हो गया…
यह सिर्फ किसी एक को कहानी नहीं.....मानवता के लिए आवाज़ बुलंद करने वा���ा, चाहे वह दुनिया के किसी भी कोने में हो, कोई कलाकार हो, पत्रकार हो, सामाजिक कार्यकर्ता हो या फिर सोशल मीडिया पर लिखने वाला एक साधारण एक्टिविस्ट ही क्यों न हो.... बहुत से लोग किसी न किसी रूप में इसकी कीमत चुका रहें हैं जबकि खामोश रहने वालों को पुरस्कृत किया जाता है..
लेकिन इतिहास गवाह है कि सच को दबाया जा सकता है, मिटाया नहीं...
"20 लठ्ठ अज़ीज़ ख़ान नाम के औऱ 20 दाढ़ी के नाम के.."
इन बुज़ुर्ग क��� सुनकर दिल रो गया। गांधी के भारत में मुसलमानों की ये हालत कर दी है इस संघी सरकार ने..
मेरठ में 70 वर्षीय अहसान ने यूपी के मुख्यमंत्री को गुंडा कह दिया, तो मेरठ पुलिस आनन फानन में उस 70 वर्षीय बुज़ुर्ग को गिरफ्तार कर लाई। पुलिस ने मुख्���मंत्री की नज़र में ‘नंबर बढ़ाने’ के लिए उस 70 वर्षीय बुज़ुर्ग का लंगड़ाकर चलते हुए वीडियो जारी किया। यहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कोई टिप्पणी पर कोई सवाल नहीं ��ै। यहां सवाल यह भी नहीं है कि, यूपी के मुख्यमंत्री को गुंडा कहने पर पुलिस तुरंत संज्ञान ले लेती है, लेकिन वही पुलिस एक पूरे समुदाय पर अभद्र टिप्पणी करने वाले सत्ताधारी दल के नेताओं पर कोई एक्शन क्यों नहीं लेती?
यहां सवाल यह है कि क्या यह झूठ है कि योगी आदित्यनाथ पर 28 मुकदमे दर्ज थे? क्या यह झूठ है कि योगी आदित्यनाथ पर दर्ज मुकदमों में 22 मुकदमे बहुत गंभीर थे? क्या यह झूठ है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार अध्यादेश लेकर आई और सभी मुकदमे वापस ले लिये गए? खेल एक है! तो खेल के नियम भी समान होने चाहिए। योगी आदित्यनाथ सरकार में ‘दूसरे’ नेताओं पर उनके परिवार समेत मुकदमे दर्ज हुए, सज़ाएँ हुईं। वहीं भाजपा नेताओं पर दर्ज मुकदमे अध्यादेश लाकर वापस लिए गए। यूपी सरकार ने नई इबारत तब लिखी, जब 2004 में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान BJP विधायक सलिल विश्नोई के साथ कानपुर में हुए दुर्व्यवहा�� के मामले को यूपी विधानसभा में लाया गया। यूपी विधानसभा ने अदालत लगाई, उस मामले के प्रशासनिक अधिकारियों से माफी मंगवाई और उन तमाम अधिकारियों को उत्तर प्रदेश विधानसभा द्वारा एक दिन की जेल की सज़ा सुनाई गई।
सवाल यह है कि ये सारे नियम कानून क्या केवल भाजपा की सरकार ही जानती है? सवाल यह है कि ये तमाम लोकतांत्रिक ‘सुविधाएं’ क्या विपक्ष के नेताओं के लिए नहीं हैं? सब कुछ सत्ता पक्ष के लिए ही है? सरकार के लोग अपने ऊपर तमाम गंभीर अपराध के मुकदमे वापस लेकर खुद को ‘पाक साफ’ करके दूसरों को माफिया कहेंगे, अपराधी कहेंगे। और अगर किसी ने उनके अतीत का हवाला देकर उन पर टिप्पणी कर दी तो सरकार के लोग उसे कान पकड़कर चलने को मजबूर करेंगे। पूरी दुनिया मदर ऑफ डेमोक्रेसी में होते इन तमाशों को देख रही है। क्या मदर ऑफ डेमोक्रेसी की न्यायपालिका भी देख रही है?
मेरी पत्नी चली गई...मेरी बेटी चली गई...मेरी दूसरी बेटी चली गई… मेरा पूरा परिवार चला गया...मेरे पास अब कोई नहीं बचा.....💔
ये सिर्फ एक गाज़ाईन की आपबीती नहीं है, बल्कि सभी गाजा वासियों का यही ह���ल है......