@mktyaggi जरूरी नहीं कि शर्मा ब्राह्मण हो ।
OBC केटेगरी में आने वाला "नाई" जाति ही शर्मा लिखता आया है ।
यूपी, बिहार, दिल्ली जैसे उत्तरी राज्यों में शर्मा मतलब नाई ।
कोई ब्राह्मण वाला शर्मा है तो उसे अलग से बताना पड़ता है कि ब्राह्मण है ।
@swatntra_anuj@iPragyesh SC ST जैसा एकतरफा कानून लाकर सबसे पहले यूपी में लाकर तुमने ही सवर्ण विरोधी कार्य किया है ।
कभी ब्राह्मण क्षत्रिय तुमको अपने सर आंखों पर बिठाकर रखते थे, लेकिन गद्दारी तुमने की ।
अब कितना भी लीपापोती कर लो, ब्राह्मण और क्षत्रिय तुम्हारे साथ नहीं आने वाले ।
@Ramji6077865456@aksharmaBharat@EMofficeUP@UPPCLLKO@mvvnlAyodhya@AIMEANEWDELHI@RamBachan_ स्मा��्ट मीटर लगाना अनिवार्य नहीं उपभोक्ता की इच्छा ��र निर्भर करता है ।
ठीक वैसे ही जैसे सरकार कोरोना वैक्सीन किसी को जबरदस्ती नहीं लगवाई थी वैसे ही स्मार्ट मीटर भी जबरदस्ती नहीं लगाया जा रहा ।
जैसे वैक्सीन से आजतक कोई नहीं मरा, वैसे ही स्मार्ट मीटर की रीडिंग बिलकुल सही है।
@premkumarcbn01 SBI Cards & Payment Services Ltd. में मैने भी किया है 12-15 घंटे काम और संडे को भी छुट्टी नहीं ।
कपड़े धुलने, खाना बनाने का भी समय नहीं रहता था ।
मैं गांव का लड़का, चाहे जितनी मेहनत करा लो लेकिन 8 घंटे की नींद चाहिए ।
2 महीने बाद नौकरी छोड़ दी ।
@swetasamadhiya पहले कर्म के आधार पर जाति होती थी जैसे लोहे का काम करने वाले लोहार, सोने का काम करने वाले सोनार (सुनार) बाल काटने वाले नाई इत्यादि।
बाद में आए अंग्रेज और पिछड़ा, दलित, सामान्य बनाए।
भारत आजाद हुआ।
दलित बन गए SC (अनुसूचित)
पिछड़ा बन गया OBC
और सामान्य बन गए GEN
अब जाति ही महान
पहले मैं कांग्रेस को ही वोट करता था, कांग्रेस की सरकार में जीवन बसर अच्छे से चलता था।
फिर साल 2014 में एक दिन कुबुद्धि सूझी, "अंधभक्त" की चपेट में आ गया,आज ना काम है, ना रोजगार बस पांच किलो मुफ्त राशन पर ज���ंदगी गुजार रहा हूं।
पहले मै प्राइवेट कंपनी मे कार्य करता था कम सैलरी थी...
फिर सैलरी बढ़ाने के लिए मैने आंदोलन किया और उस कंपनी को ही जला दिया फूंक डाला....
कंपनी ही बंद हो गयी🥴
दो-तीन क्रिमिनल केस भी लग गए
सैलरी तो बढ़ी नही अब मै बेरोजगार हू और जेल थाने कोर्ट कचहरी के चक्कर लगा रहा हूं 😭
और मुझे भड़काने वाले वामपंथी कामरेड दारू और सिगरेट पीकर मौज कर रहे हैं
@PrarthaSingh83 सरकारें सिर्फ हिंदू मुस्लिम भिड़ा रही हैं।
आप सभी मूर्ख ना बने
कुंभ/नवरात्रि में नॉनवेज की दुकानें बंद कराना और रोजे में चाय की दुकान बंद कराना दोनों गलत कार्य है।
और दोनों तरीके के लोग��ं को धर्म से नहीं बल्कि धर्म के धंधे से मतलब है और ऐसे वाद विवाद करने से मार्केटिंग होता है
@TiwariRBL01 इसीलिए क्योंकि "समता का अधिकार" जो संविधान का मू�� अधिकार है उसका शुरू से ही अनादर किया जाता रहा है।
SC/ST का वोट शेयर ज्यादा है ।
3-10 तक बच्चे पैदा करते हैं, खाने-खिलाने की दिक्कत है नहीं, सरकार देगी ।
भोजन, पानी, घर/आवास, भूमि/पट्टा, पढ़ाई, नौकरी सब सरकार देगी ही, वोट लेना है।
@REAL___HINDUVT इससे मै 100% सहमत हूं ।
कमजोर विपक्ष समस्याएं ही लाता है ।
इस कमजोरी का एक ही उपाय है, कांग्रेस को विपक्ष से हटाकर सत्ता में बिठाना ।
जबतक भाजपा विपक्ष में थी, दमदार प्रदर्शन के दम प��� कार्य कराती थी ।