शिवकुमार तिवारी को सवर्ण होने की वजह से ट्राइसाइकिल नहीं मिल रहा है!
जबकि केंद्र और राज्य सरकार दिव्यांगजनों को चलने के लिए निःशुल्क ट्राइसाइकिल मुहैया कराती है,
सरकार की नजर में तिवारी जी करोड़पति होंगे खुद खरीद लेंगे ट्राइसाइकिल अपने लिए,
देश में सबसे ज्यादा पीड़ित वर्ग सवर्ण समाज है।
नीले कबूतर हमारे ऊपर टिप्पणी करके ब्राह्मण मुर्दाबाद कर सकते हमारी बेटियों का हाथ मांगते गंदे शब्द बोलेंगे इस पर कोई धारा नहीं
लेकिन हमने इनको बिना गंदा बोले offend कर दिया तो हमारे ऊपर SC/ST एक्ट लग जाता हे
इनके ऊपर क्यों नहीं लागू होता संविधान ..?
#LucknowNorth
विगत रात लगभग 11:30 बजे घैला चौकी अंतर्गत गाजीपुर बलराम स्थित संभ्रांत दुकानदार के साथ पुलिस कर्मियों ने अभद्रता की दुकान खुली होने को लेकर जूता से मारने की बात व गाली गलौज किया पुलिस ने
श्रीमान @dcp_north पुलिस कर्मियों का व्यापारी के साथ ऐसा व्यवहार उचित नहीं
हरदोई में टीचर राजेंद्र कुमार ने छात्रा छमा दीक्षित को इतना मारा कि उसकी मृत्य हो गई उसकी गलती इतनी थी कि वो टीचर से अपने साथी की शिकायत करने गई थी बजाय समझाने के टीचर ने छमा दीक्षित को ही बुरी तरह से ���ंडों से मारा।
और एक बात बता दूं शिक्षक मोदी जी के पिछड़े वर्ग से आते हैं और क्षमा दीक्षित ब्राह्मण थी छमा के परिजन बहुत गरीब हैं पर सरकार के अनुसार तो टीचर ही गरीब और दबा कुचला माना जाएगा अतः मेरा मोदी जी से निवेदन है कि बच्ची के परिवार पर भी SC ST केस लगवा कर जेल में डलवा दो इन साले ब्राह्मणों को जीने का कोई अधिकार नहीं ��ै।
इति 🙏
देश में #ReservationReforms पर चर्चा हो रही है और बहुत लोग इसका समर्थन कर रहे है
मगर समय आ गया है की #PoliticalReforms पर भी चर्चा हो।
“अनुसूचित जनजाति” के कन्वर्टेड नेता ही जनजाति समाज र्का धर्मांतरण कर रहे है,
“रिजर्व ट्राइबल सीट” से टिकट लेकर,चुनाव जीतकर विधायक और सांसद तथा मंत्री बनकर खुलेआम मिशनरी माफियाओ का एजेंडा चला रहे है और सरकारी ग्रांट के नाम पर “सरकारी योजना” का पैसा जनजाति समाज का धर्मांतरण करवाने में खर्च हो रहा है।
#PoliticalReforms_In_ST_Seat
@narendramodi@AmitShah@blsanthosh@rashtrapatibhvn
PM Modi ने आजतक कौन सा ऐसा काम किया है जो हिंदुओं को एक करे?
हर पॉलिसी उन्होंने बनाई है जिसमें हिंदुओं आपस में बंटे हैं न कि एक हुए, जैसे UGC, St Sc Act में संशोधन, Sc St Act में ₹12 लाख और भी कई सारी है....
माँ के निधन के बाद पैतृक गाँव लौटा बेटा, अब जान बचाने की गुहार, SC-ST Act की धमकियों से हालात ऐसे कि कह रहा है: “या तो गाँव छोड़ना पड़ेगा, या मेरी जान चली ज���एगी!”
"मैं राजपूत ठाकुर जाति से संबंध रखता हूँ और मेरा जिला बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश है। दरअसल, मैं काफी लंबे समय से दिल्ली में रह रहा था। अभी दो महीने पहले मेरी माता का निधन हुआ, तो मुझे अपने पैतृक गाँव में आकर रहना पड़ा।
तो यहाँ की स्थिति ये है कि मेरे पड़ोसी ��ो भीम आर्मी संगठन से जुड़े हुए हैं। उन लोगों ने मुझे इतना बुरी तरह से प्रताड़ित कर रखा है कि वे मेरे घर में जबरदस्ती घुसने का प्रयास करते हैं, मुझे हमेशा गालियाँ देते हैं, धमकियाँ देते हैं और आते-जाते हुए रास्ते में मुझे परेशान करते हैं।
मेरे पास वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं, जिसमें मुझसे ये तक कहा गया है कि, तू हमारी तरफ देखता क्यों है? तू हमारी तरफ देखेगा नहीं और तू जमीन कि तरफ नीचे नज़र करके च��ेगा, हमारे सामने।
मैंने पुलिस को भी इस संबंध में कई बार शिकायत दी है। एक महीने से मैं कई बार पुलिस को शिकायत दे चुका हूँ। पुलिस का हमेशा आश्वासन रहता है कि कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में आज सुबह मेरे साथ इन लोगों ने मारपीट की है, गाली-गलौज की है और मुझे धमकी दी है कि हम तुम्हें फर्जी एससी-एसटी एक्ट और महिला उत्पीड़न के केस में किसी न किसी तरह फँसाक��� जेल भेजवा देंगे। तुम्हें आज के आज यहाँ से जाना पड़ेगा, या तो तुम यहाँ से कहीं बाहर चले जाओ, नहीं तो हम तुम्हें जेल भेज देंगे।
मेरे घर में बहुत सारे लोग नहीं हैं। दरअसल, मैं अकेला हूँ और मेरे वृद्ध पिता हैं। मेरा बहुत बुरी तरह से शोषण और उत्पीड़न किया जा रहा है।
तो मेरा सभी संगठनों से, जो भी सवर्ण संगठन हैं या जो भी इस तरह के कुकृत्यों के संबंध में हम जैसे लोगों की रक्षा करते हैं या सुरक्षा करते ���ैं, उनसे निवेदन है कि मेरी सुरक्षा की जाए।
आज जिस तरह से मेरे साथ मारपीट की गई है, मुझे अपनी हत्या तक किए जाने का डर है। अगर मुझे कुछ होता है तो यही लोग, जिनके खिलाफ मैंने शिकायत और प्रार्थना पत्र में नाम दिया है, वही लोग उसके जिम्मेदार होंगे।
इन लोगों के द्वारा गलियों में तलवारें लहराई जाती हैं, गली में नीला गमछा डालकर और तरह-तरह से मुझे उत्पीड़ित किया जाता है।
तो मेरा यही निवेदन है कि सभी लो��� मेरी सुरक्षा सुनिश्चित करें, क्योंकि मैं पुलिस में भी कई बार कंप्लेंट दे चुका हूँ। आज पुलिस क�� द्वारा मुझे आश्वासन दिया गया है कि जो संबंधित लोग मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं, उनके खिलाफ आज मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
परंतु मेरा कहना ये है कि अगर मुझे इसी तरह प्रताड़ित किया गया और मेरे बचाव में कोई संस्था या कोई लोग नहीं आते हैं, या मेरे ऊपर किसी तरह का फर्जी मुकदमा दर्ज होता है, तो मेरे पास दो रास्ते होंगे। एक रास्ता होगा कि मैं अपने प्राणों की आहुति दे दूँ या अपनी जीवन समाप्त कर लूँ, क्योंकि मैं एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति हूँ और मुझे इस तरह प्रताड़ित करके या जेल भेजने का अगर काम किया जाएगा, तो मैं अपने प्राण देने के लिए मजबूर रहूँगा और मेरे पास इसके अलावा कोई रास्ता नहीं होगा।
इसके अलावा, मुझे पलायन करना पड़ेगा। मुझे समझ में नहीं आता कि मेरे कई पीढ़ियों से मेरे पूर्वज यहाँ पर रहे हैं, तो अचानक ऐसा क्या हुआ है कि मुझे यहाँ से भगाया जा रहा है।
चूँकि मेरा घर इस गाँव में अंतिम पंक्ति में है, ठाकुरों के गाँव में जो घर होते हैं, उसकी अंतिम पंक्ति में मेरा घर है। इन लोगों की कम्युनिटी ने चारों तरफ घर बनाकर हमें चारों तरफ से घेर रखा है।
तो अब इन लोगों का ये है कि इन्होंने मुझे वल्नरेबल समझ लिया है कि मैं इनके लिए बहुत ईज़ी टारगेट हूँ।
तो अगर मेरी किसी तरह हत्या हो जाती है या मुझे किसी केस में फँसाया जाता है, तो उसके लिए वही लोग जिम्मेदार होंगे।
मेरे पास दूसरा रास्ता ये भी है, जो मेरे दिमाग में आ रहा है, कि मुझे धर्म परिवर्तन कर लेना चाहिए, ताकि मेरे ऊपर से ये ठाकुर वाला दाग हट जाए। इसको मैं दाग कहूँगा।
एक्चुअली, मैं इस पर पहले गर्व महसूस करता था। गर्व इसलिए महसूस करता था कि हमारे पूर्वजों ने काफी वीरताएँ दिखाई हैं, युद्ध लड़े हैं और कई युद्ध जीते हैं। उन्होंने देश को आगे बढ़ाने में प्रयास किया है।
लेकिन अभी मुझे इस बात का भय है कि जिस जाति से मैं बिलॉन्ग करता हूँ, वही जाति मेरे प्राणों के लिए काफी कष्टकर साबित हो रही है।"
ज��तर-मंतर के उपद्रवियों की FIR हट सकती है…
तो स्वर्ण समाज पर लगाए गए झूठे SC/ST Act के मुकदमे क्यों नहीं?
अगर सरकार के पास FIR हटाने का रास्ता है,
तो न्याय सिर्फ कुछ लोगों के लिए क्यों?
अच्छा लग रहा है ये देखकर कि सवर्ण समाज भी अब अपने अधिकारों को लेकर एकजुट हो रहा है और गलत का विरोध कर रहा है।
अब आगे से कोई भी पार्टी ऐसा भेदभाव वाला कानून लाने से पहले 1000 बार सोचेगी।
"जाति खत्म करनी है, तो पहले तहसील से जाति प्रमाण पत्र बनाना बंद करो!" — ओम प्रकाश राजभर 🔥
UP विधानसभा में ओम प्रकाश राजभर ने कहा —सरकारी तंत्र ही कागजों पर ठप्पा मारकर जाति तय करता है।
जब तक तहसीलों से जाति प्रमाण पत्र जारी ह���ते रहेंगे, तब तक समाज से जाति प्रथा खत्म नहीं हो सकती!
@brajeshpathakup उसके बाद क्या होगा? आप जिम्मेदारी ले रहे है कि हम सवरनो की सारी बात आपकी केंद्रीय मंत्री मान लेंगे। पाठक जी जिस तरह का काम अपने किया है अगर हमारी मांगे उन लोगो ने नही मानी तो , याद रखिएगा आप ने एक ब्राह्मण को गद्दार बनाया है समाज आप को माफ नही करेगा
@brajeshpathakup@myogiadityanath@narendramodi
भैया इसकी बातो मत आना ये मोड़ी का दल्ला हैं..?
ये सब मिलकर बाबा को हटाना चाह रहें हैं
इससे पूछो पिछले 4.5 साल में अब तक कितने सवर्णो और ब्रह्मणो का क्या भला किया..?
भलाई तो छोड़िये उनके हक के लिये एक शव्द भी नहीं बोला...? गूंगा बन जाता हैं?
@brajeshpathakup पाठक जी आपने अपने समाज के लिए आज तक एक शब्द नहीं बोला ।
कब तक गुलामी करेंगे bjp की
अपने आने वाली पीढ़ी को क्या मुंह दिखाएंगे
कि मैं dupty cm होके भी कुछ न कर पाया