पॉडकास्ट सुनने के बाद सबको अपनी सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए। इस तरह के लोग जो प्रधानमंत्री तक से संपर्क का दावा कर रहे हैं, हिंसा की बात कबूल कर रहे हैं, किसी के लिए भी ख़तरा बन सकते हैं। सबसे पहले तो प्रधानमंत्री को ही आगे आकर पूछना चाहिए कि अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई है।
अकेले दम पर पूरी नदी
साफ की, वीडियो वायरल
मध्य प्रदेश से सामने आई यह कहानी हौसले की मिसाल है. जहां लोग नदियों को कचरे से पाटने में लगे हैं, वहीं 20 साल के बिट्टू तबाही ने एक ऐसी नदी को दोबारा ज़िंदगी देने की ठान ली, जिसे लोग कब का नाला जैसा मान चुके थे.
कभी अजनार नदी का हाल इतना बदहाल था कि उसमें पानी से ज़्यादा कचरा नजर आता था. गंदगी के चलते नदी एक बदबूदार नाले में बदल चुकी थी. लेकिन बिट्टू ने हालात के आगे घुटने नहीं टेके. बिना किसी बड़ी टीम या मदद के, उसने अकेले ही नदी की सफाई शुरू कर दी.
देखते ही देखते उसकी मेहनत रंग लाने लगी. करीब दो साल तक लगातार सफाई करने के बाद अजनार नदी का स्वरूप बदल गया और उसमें फिर से पानी बहने लगा.
बिट्टू की इसी अनोखी पहल का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. कभी उसकी कोशिशों पर हंसने वाले लोग आज उसी युवक की मेहनत को सलाम कर रहे हैं.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने UP सरकार को बड़े सबक वाला फैसला दिया है।
13 अप्रैल को नोएडा में मज़दूर प्रोटेस्ट के दौरान हुई हिंसा हुई थी। उस मामले में एक्टिविस्ट आकृति चौधरी पर NSA लगा कर जेल में डाल दिया। तब नक्सल,फॉरेन कनेक्शन की बातें सरकार की तरफ से हुई थी।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा- सरकार की कहानी मनगढ़ंत है। तुरंत रिहाई के आदेश। साथ ही नोएडा की DM, IAS मेघा रूपम की तनख़्वाह से काटकर 5 लाख मुआवजा भी देने को कहा
UP के Balia की रागिनी की गुहार सुनिए DM साहब!
रागिनी जब 6 महीने की थी, तब एक्सीडेंट में उसका एक पैर टूट गया था।
7 बरस की बच्ची को 400 मीटर दूर स्कूल ऐसे जाना होता है। इस बच्ची को हारने मत देना DM साहब...
@UPGovt@dmballia
सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई से 25 जुलाई के बीच हुए छात्र प्रदर्शनों से जुड़े देशभर में दर्ज FIR को रद्द कर दिया है।
इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया।
कोर्ट ने यह कहा कि यह आदेश छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए दिया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि परीक्षा अवधि के दौरान आत्महत्या से जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को तीन महीने के भीतर मुआवजा दिया जाए।
इस 15 साल की बच्ची का मोदी की ट्रोल आर्मी ने जीना हराम कर दिया है।
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री 15 साल की बच्ची से लड़ रहे हैं।
ग़ज़ब हाल है।
इस देश में बेरोजगारी की हालत देखनी हो तो कल का KBC एपिसोड जरूर देखिए। यह आपको सोचने पर मजबूर कर देगा।
हॉट सीट पर पहुंचा विवेक दिहाड़ी मजदूरी करता है। उसके पिता और मां भी मजदूरी करते हैं। विवेक के ₹1 लाख जीतने पर अमिताभ बच्चन ने उसके पिता से पूछा—“अब तो खुश हैं?”
पिता ने हाथ जोड़कर कहा—“अगर यहां बैठे किसी व्यक्ति के पास मेरे बेटे के लिए छोटी-सी भी नौकरी हो, तो दे दीजिए। जिंदगी भर दुआ करेंगे।”
यह अपील सुनकर अमिताभ बच्चन ने भी दर्शकों से विवेक को नौकरी देने की अपील की।
पूरे संवाद के दौरान विवेक सिर झुकाए बैठा रहा।
सोचिए, जो युवा अपने ज्ञान के दम पर KBC की हॉट सीट तक पहुंच सकता है, उसे इस देश में एक छोटी-सी नौकरी के लिए भी अपील करनी पड़ रही है। यही तस्वीर हमारी बेरोजगारी की हकीकत दिखाती है।
त्रासदी के मौक़े पर भी संयम के साथ रिपोर्टिंग… न ज़बरदस्ती कीचड़ में घुसने की कोशिश और संवाद में न कोई ‘extra efforts’ डालने का ड्रामा… बिलकुल old NDTV style रिपोर्टिंग… @DeoSikta stands out when it comes ground reporting…
Understand the Subash Chandra Fiasco, well decoded by @JhaSanjay
Subash Chandra
Founder Zee TV
Loan Dues - ₹22 006 Crores
Repayment Approved- ₹6.5 Crores
Lender’s Haircut - 99.97%
And let’s harass and arrest a common man if he defaults a ₹1 Lakh Loan 🤷♀️‼️🤬
A second flight has just taken off, carrying 37.5 tonnes of HADR material, medicines & food packets for Nepal.
India remains in close and continuous touch with the Nepalese authorities. We will continue to strongly support the ongoing relief efforts.
🇮🇳🇳🇵
प्रभु श्रीराम का मंदिर लूटने के बाद अब हज यात्रियों को भी लूटा जायेगा।
एथरा अल ख़ैर कंपनी और मोदी सरकार के बीच क्या रिश्ता है?
पिछले वर्ष की ख़बर में इसी कंपनी को ठेका दिया गया, जिससे प्रति हज यात्री 6 हज़ार का बोझ पड़ा इस वर्ष फिर कंपनी को ठेका मिल रहा है, जिससे प्रति हज यात्री 30 हज़ार रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
आख़िर तकनीकी समिति की मंज़ूरी के बावजूद L-1 की जगह L-3 कंपनी को ठेका क्यों दिया गया?
कितना कमीशन खाया गया
@narendramodi जी
पड़ोसी और मित्र देश नेपाल में आई इस आपदा की घड़ी में भारत नेपाल के साथ खड़ा है। भारतीय वायुसेना का विमान जरूरी राहत सामग्री और मेडिकल सप्लाई नेपाल पहुंचा रहा है।
भारतीय हाजियों को सुविधाएं मुहैया कराने के नाम पर हज कमेटी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारी हर साल सैकड़ों करोड़ का घोटाला कर रहे हैं। हज 2027 में यही खेल फिर दोहराया जा रहा है। घोटाला Comprehensive Service Package (CSP) Tender से जुड़ा है, जिसमें भारतीय हज यात्रियों पर लगभग ₹300–350 करोड़ का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
हुआ ये है कि सऊदी अरब सरकार ने इस बार अलग-अलग सेवाओं के बजाय एकीकृत पैकेज का मॉडल अपनाया ताकि हज लागत घटे और पारदर्शिता बढ़े। लेकिन भारतीय अधिकारी अपने खेल में लगे हैं।
माॅडस ऑपरेंडि देखिए। हर बार सऊदी समय सीमा से महज़ दस-बारह दिन पहले टेंडर नोटिफिकेशन होता है ताकि समय सीमा का हवाला देकर मनमानी की जा सके। घोटाला निश्चित है क्योंकि सबसे अधिक बोली के बावजूद हर साल एक ही कंपनी को काम मिल रहा है।
इस बार खेल अलग ही स्तर पर है। भारत के Ministry of Minority Affairs ने Tender Evaluation Committee (TEC) ने जिस कंपनी की तकनीकी क्षमता, प्रेजेंटेशन और काम करने की सलाहियत के आधार पर स्पष्ट सिफ़ारिश की, उसको ही पत्र लिखकर पूछ लिया गया कि तुमने इतनी कम बोली क्यों दाख़िल की?
इस बार TEC ने M/s Mashareq Al Mutamayza को चुना था, जिसने सबसे कम दर (SAR 8,717.01 प्रति हाजी) और सर्वोच्च स्कोर (92.13) हासिल किया। इसके विपरीत, मंत्रालय ने M/s Ithra Al-Khair को चुना, जिसने सबसे ऊँची दर (SAR 9,777 प्रति हाजी) दी। इस कंपनी ने बेहद घटिया सेवाएं देने के बावजूद लगातार चौथी बार कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर लिया।
इसका सीधा मतलब है कि लगभग 1.22 लाख भारतीय हाजियों (सरकारी न्यूनतम संख्या) को प्रति व्यक्ति 1,059.99 रियाल ज़्यादा देना होगा, जो कुल मिलाकर ₹331 करोड़ के आसपास बैठता है। यह निर्णय TEC की सिफ़ारिश और पारदर्शी प्रक्रिया के ख़िलाफ है।
हज कमेटी ऑफ़ इंडिया और मंत्रालय के कई अधिकारी इस प्रक्रिया में शामिल रहे हैं, जिनके नाम सार्वजनिक रूप से सामने आ चुके हैं। इसलिए अब ज़रूरी है कि इस पूरे मामले की CBI जाँच हो और ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। प्रधानमंत्री कार्यालय @PMOIndia तत्काल संज्ञान ले और निम्नलिखित व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कराकर CBI जाँच शुरू कराए:
- Mohammad Afzal, Joint Secretary, Ministry of Minority Affairs @MOMAIndia
- Shahnawaz, CEO, Haj Committee of India @shanavas121
- Kausar Jahan @KausarJahan213
- Sadaf Chaudhary, Consul (Haj),
- Farhad Suri, CGI Jeddah
@CGIJeddah
यह मामला केवल एक कंपनी को फ़ायदा पहुँचाने का नहीं है, बल्कि लाखों भारतीय मुसलमानों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने का है। सार्वजनिक धन और धार्मिक यात्रा से जुड़ी इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए। आम लोगों, मुसलमान नेताओं को राजनीतिक दलों को भी हज यात्रियों की मेहनत की कमाई से जुड़े इस घोटाले की सच्चाई सामने लाने के लिए आवाज़ उठानी चाहिए।
इस सबमें मंत्री जी के साले की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। आख़िर हज आस्था का मामला है और यह घोटाला राम मंदिर चंदा चोरी मामले से किसी भी प्रकार कम नहीं है।
#Haj2027 #HajTender #Transparency #CBIInquiry #PublicProcurement #AntiCorruption #PMOIndia #MOMAIndia #HajCommittee
@javedaleekhan@SanjayAzadSln@ShayarImran@asadowaisi@Pawankhera@SupriyaShrinate@gurdeepsappal@yadavakhilesh@ArvindKejriwal@cpimspeak@OfficeOfDVS
The #Muhammad(ﷺ) who taught belief in one God (Allah), honesty, justice, mercy, charity&compassion. For humans,he is regarded as an exemplary model of character, mercy, his teachings continue to influence the lives of over billions of people around the world. #EidMiladunNabiﷺ
योगी जी हिंदू मुसलमान और घृणा के चक्कर में हमारे “स्वतंत्रता सेनानियों”का अपमान मत कीजिए।
मौ.मो.अली जौहर के नाम पर तो आपके प्रेरणा पुरुष अटल-आडवाणी जी ने 1978 में “डाक टिकट” जारी किया,उनका निधन 1931 में ही हो चुका था,तो पाकिस्तान बनाने के लिये मौ.मो.अली जौहर कैसे ज़िम्मेदार थे?