From today I am going to attend the Virtual Commonwealth Youth Parliament. The Commonwealth Youth Parliament (CYP) is an opportunity for young people from the Commonwealth countries to experience aspects of parliamentary democracy,
#VirtualCYP2020@CPA_Secretariat
मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फ़ीस लगाने का रास्ता खोल दिया है।
अब ₹2,000 से ऊपर के merchant UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है। इन ट्रांजैक्शंस की संख्या भले ही सिर्फ़ 5% हो, लेकिन UPI के कुल transaction value का करीब 65% इन्हीं में है।
सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फ़ीस नहीं ली जाएगी। लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फ़ीस आखिर आएगी कहां से? कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से।
अमेरिकी payment कंपनियां लंबे समय से भारत की zero-MDR नीति का विरोध करती रही हैं। अब मोदी सरकार ने ठीक उसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल दिया है।
US Trade Deal की तरह ही, Compromised PM मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने surrender कर रहे हैं।
नासिक, महाराष्ट्र में आज आदिवासी छात्र-छात्राओं के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिसमें अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल कर रहे छात्र भी शामिल थे।
उनकी समस्याएं और मांगें ध्यान से सुनीं।
हर छात्र को पढ़ाई के लिए एक सम्मानजनक, सुरक्षित और अनुकूल माहौल मिलना उसका हक़ है। वंचित समुदायों से आने वाले छात्रों को सिस्टम की अनदेखी नहीं, उसके सहयोग और हर संभव मदद की जरूरत है।
शिक्षा कोई विशेषाधिकार नहीं - यह भारत के हर छात्र का अधिकार है।
#ChhatronKiGoonj
बिहार के उन छात्रों और युवाओं से मिला, जिन्होंने सिर्फ परीक्षा व्यवस्था में धांधली के खिलाफ आवाज़ उठाने पर भयंकर पुलिस बर्बरता झेली।
पुलिस की लाठियों, AK-47 और पिस्तौल से चली गोली ने कई छात्रों को घायल कर दिया। सेना में जाकर देश की सेवा करने की ख्वाहिश रखने वाले एक युवा का पैर AK-47 से गोली मारकर तोड़ दिया - साथ ही उनकी जिंदगी का सपना भी।
ये युवा सिर्फ निष्पक्ष अवसर, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और अपने अधिकार मांग रहे थे। ऐसी मांग पर लाठियां और गोलियां चलाने की क्या जरूरत थी?
और इतनी बड़ी बर्बरता की जिम्मेदारी सिर्फ कुछ छोटे अधिकारियों पर डालकर सरकार बच नहीं सकती। यह कार्रवाई या तो ऊपर के आदेश का नतीजा है या फिर सत्ता की घोर नाकामी।
बिहार सरकार कुछ भी कर ले मैं इन युवाओं के साथ खड़ा हूं। इनकी हर संभव मदद करने को तैयार हूं।
BJP याद रखे - युवाओं की आवाज़ दबाने वाली हर सत्ता को एक दिन जनता के सामने जवाब देना पड़ता है। वह दिन अब दूर नहीं है।
#ChhatronKiGoonj
“हम आदिवासी हैं, RSS-BJP हमें वनवासी बनाना चाहते हैं।”
नासिक और महाराष्ट्र के आदिवासी छात्रों की लड़ाई सिर्फ़ शिक्षा, रोज़गार, हॉस्टल और खाने की नहीं - अपने वजूद और आदिवासी अस्मिता की भी है।
इन साहसी छात्रों से मिलकर खुशी हुई, जिन्होंने महाराष्ट्र सरकार के सामने डटकर अपने हक़ की आवाज़ उठाई और जीत हासिल की।
छात्रों से वादा किया है - उनके अधिकारों की हर लड़ाई में कांग्रेस और मैं उनके साथ खड़े हैं।
#ChhatronKiGoonj
बालाघाट, मध्य प्रदेश में 30 आदिवासी बच्चों की मृत्यु की खबर बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक है।
इस घातक बीमारी के साथ पीने के पानी, पोषण, और समय पर इलाज जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बच्चों की जान ले रहा है।
ये सरकार की पूर्ण विफलता है। मुख्यमंत्री स्वयं इसका समाधान करें और क्षेत्र में तत्काल जांच, इलाज और राहत उपलब्ध कराएं। बच्चों की ज़िंदगी से समझौता नहीं हो सकता।
दिल्ली NCR महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो चुका है कि एक नाबालिग बच्ची के साथ एक स्लीपर बस में 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ - ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक।
हैरानी की बात है कि पूरी दिल्ली या नोएडा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली का रिंग रोड, बॉर्डर - सब पार कर गई, बिना एक भी चेकपोस्ट पर रोके गए।
बस की सीटों पर पर्दे लगे थे, ताकि अंदर क्या हो रहा है कोई देख न सके। और अपराधियों में प्रशासन का कोई डर भी नहीं।
निर्भया के बाद इतने सालों में, इतनी घटनाओं के बाद भी ऐसी बसों की जाँच और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा?
पर्दे सिर्फ़ उस बस में नहीं डाले गए थे - साल दर साल सरकार द्वारा प्रशासन की नाकामियों पर डाले गए पर्दों का नतीजा है कि देश की राजधानी में भी महिलाएं एक सुरक्षित सफर नहीं कर सकतीं।
और कितनी महिलाओं और बच्चियों के साथ ऐसा होना बाक़ी है, तब जाकर केंद्र और राज्य सरकारें इस व्यवस्था को ठीक करेंगी?
क्या अमित शाह के अधीन दिल्ली पुलिस और आदित्यनाथ के अधीन UP पुलिस की जवाबदेही तय की जाएगी? कोई गुंजाइश ही नहीं - इस अपराध पर भी एक पर्दा डाल दिया जाएगा।
Women are the strength of India - its foundation, its present, and its future.
You belong to no one but yourself.
Be loud. Be proud. Fight for your space.
Smash the patriarchy!
#ChhatronKiGoonj
एक भारतीय महिला होने का क्या मतलब है?
मैं जानना चाहता हूँ कि आप क्या महसूस करती हैं।
समाज की नहीं, परिवार की नहीं - आपकी अपनी आवाज़ क्या कहती है?
आपके संघर्ष, आपकी रुकावटें, आपका नज़रिया और आपके सपने।
आपकी कहानी क्या है? सबसे जवाब की उम्मीद कर रहा हूं।
22 अगस्त | महिला विशेष महारैली
📍AISSMS कॉलेज ग्राउंड, पुणे
#ChhatronKiGoonj
आज साहिल लोचब के साथ, उनके साथ हुई पुलिस बर्बरता के खिलाफ FIR दर्ज कराने संसद मार्ग के DCP कार्यालय पहुँचा।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे साहिल पर पुलिस ने पैलेट गन से हमला किया। छर्रों से बुरी तरह घायल साहिल की एक आँख की रौशनी खतरे में है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ ऐसी बर्बरता कोई कानूनी कार्रवाई नहीं, एक गंभीर अपराध है। इस क्रूरता के लिए न गृह मंत्री अमित शाह ने छात्रों को कोई सफाई दी, न प्रधानमंत्री ने उनसे माफ़ी मांगी।
अब जब साहिल न्याय के लिए FIR दर्ज कराना चाहता है तो वो भी नहीं करने दिया जा रहा। इस तरह संविधान और संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है।
@AmitShah जी, न्याय से इतना क्यों घबरा रहे हैं? ये डर दिखा रहा है कि आप अपना अपराध कबूल कर रहे हैं।
FIR होगी। न्यायिक जाँच होगी। और ऊपर से नीचे तक जो भी इस बर्बरता के दोषी हैं, उन सभी पर कार्रवाई होगी।
साहिल और उसके जैसे पीड़ित हर छात्र को न्याय दिलाकर रहेंगे।
साहिल की FIR दर्ज हुई। यह न्याय की तरफ़ पहला क़दम है।
पर सोचिए - एक FIR लिखने की इजाज़त तक गृह मंत्रालय से आनी पड़ी। अब समझ आया कि न्याय पर लगाम किसने लगा रखी है।
Mama,
I last saw you and Papa together more than 35 years ago. Since the day Papa left, I have watched you face everything life threw at you with never-ending courage and dignity. Only Priyanka and I really know what you have been through, and how difficult your life after Papa truly was.
I am happy, and so proud, that your story - “Belonging: A Journey of Love” - will finally be read by the millions of people who love you. I know how hard it was for someone as private as you to tell the world your beautiful story.
Today, on his birthday, I can see Papa smiling and looking down proudly at his beautiful Sonia.
Love,
Rahul