#Power_Of_TrueWorship
Sant Rampal Ji Maharaj
वेद बताते हैं पूर्ण परमात्मा की सतभक्ति से रोगियों के रोग नाश होते हैं और संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों को ये लाभ मिल भी रहे हैं।
#Power_Of_TrueWorship
Sant Rampal Ji Maharaj
भूत-प्रेत, पित्तर-भैरव-बेताल जैसी आत्माऐं सतभक्ति करने वाले परिवार के आसपास नहीं आती। देवता उस भक्त परिवार की सुरक्षा करते हैं।
#Power_Of_TrueWorship
Sant Rampal Ji Maharaj
सतभक्ति करने से इस दुःखों के घर संसार से पार होकर वह परम शान्ति तथा शाश्वत स्थान (सनातन परम धाम) प्राप्त हो जाता है (जिसके विषय में गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में कहा है) जहाँ जाने के पश्चात् साधक फिर लौटकर संसार में कभी नहीं
#Power_Of_TrueWorship
Sant Rampal Ji Maharaj
🔅सत भक्ति करने से मनुष्यों को दैविक शक्तियां पूर्ण लाभ देती हैं और साधक परमेश्वर पर आश्रित रहने से बगैर किसी चिंता के जीवन जीता है।
#Power_Of_TrueWorship
Sant Rampal Ji Maharaj
🔅सत भक्ति करने से मनुष्यों को दैविक शक्तियां पूर्ण लाभ देती हैं और साधक परमेश्वर पर आश्रित रहने से बगैर किसी चिंता के जीवन जीता है।
#Power_Of_TrueWorship
Sant Rampal Ji Maharaj
सतभक्ति न करने वाले या शास्त्रविरूद्ध भक्ति करने वाले को यम के दूत भुजा पकड़कर ले जाते हैं जबकि सतभक्ति करने वाला व्यक्ति परमात्मा के साथ विमान में बैठकर अविनाशी स्थान यानी सतलोक चला जाता है।
#Power_Of_TrueWorship
Sant Rampal Ji Maharaj
सतभक्ति न करने वाले या शास्त्रविरूद्ध भक्ति करने वाले को यम के दूत भुजा पकड़कर ले जाते हैं जबकि सतभक्ति करने वाला व्यक्ति परमात्मा के साथ विमान में बैठकर अविनाशी स्थान यानी सतलोक चला जाता है।
#Power_Of_TrueWorship
Sant Rampal Ji Maharaj
मनुष्य जन्म प्राप्त करके जो व्यक्ति भक्ति नहीं करता, वह कुत्ते, गधे आदि-आदि की योनि में कष्ट उठाता है। कुत्ता रात्रि में आसमान की ओर मुख करके रोता है।
#Power_Of_TrueWorship
Sant Rampal Ji Maharaj
मनुष्य जन्म प्राप्त करके जो व्यक्ति भक्ति नहीं करता, वह कुत्ते, गधे आदि-आदि की योनि में कष्ट उठाता है। कुत्ता रात्रि में आसमान की ओर मुख करके रोता है।
#Satlok_Vs_Earth
Sant Rampal Ji Maharaj
🏡काल लोक/पृथ्वी लोक में पांच तत्व का शरीर होता है।
लेकिन सतलोक में हमारा पांच तत्व का शरीर नहीं होता। वहाँ हमारा नूरी शरीर होता है। जो नश्वर नहीं होता।
#Satlok_Vs_Earth
Sant Rampal Ji Maharaj
काल लोक/पृथ्वी लोक पर साधना करके जीव कुछ समय स्वर्ग रूपी होटल में चला जाता है। फिर अपनी पुण्य कमाई खर्च करके वापिस नरक तथा चौरासी लाख प्राणियों के शरीर में जाता है।
सतलोक में भक्ति नष्ट नहीं होती
#Satlok_Vs_Earth
Sant Rampal Ji Maharaj
🏡काल लोक/पृथ्वी लोक में जन्म-मृत्यु और वृद्धावस्था सबसे ब��़े दुख हैं।
जबकि सतलोक में सर्व सुख हैं। न ही जन्म-मृत्यु का दुख, न ही वृद्धावस्था का दुःख।
#Satlok_Vs_Earth
Sant Rampal Ji Maharaj
सतलोक अविनाशी लोक है। जहाँ ऊंच-नीच की अवधारणा नहीं है। इस कारण द्वेष उत्पन्न नहीं होता।
जबकि पृथ्वी लोक पर ऊंच-नीच, छोटे-बड़े की आग में सारा संसार जल र��ा है।
#Satlok_Vs_Earth
Sant Rampal Ji Maharaj
काल लोक/पृथ्वी लोक में सब कर्म बंधन से बंधे हैं। जीव को तीनों गुणों के प्रभाव से विवश कर सब कार्य करवाया जाता है।
जबकि सतलोक में किसी गुण का कोई दवाब नहीं है। जीव पूर्णतया स्वतंत्र है।
#Satlok_Vs_Earth
Sant Rampal Ji Maharaj
काल लोक/पृथ्वी लोक में सब कर्म बंधन से बंधे हैं। जीव को तीनों गुणों के प्रभाव से विवश कर सब कार्य करवाया जाता है।
जबकि सतलोक में किसी गुण का कोई दवाब नहीं है। जीव पूर्णतया स्वतंत्र है।
#GodMorningMonday
कड़वी शराब रूपी पानी जो पीता है, वह उस पाप के कारण सत्तर जन्म तक कुत्ते के जन्म प्राप्त करके कष्ट उठाता है। गंदी नालियों का पानी पीता है।