"गधों का मेला? - बेशर्मी की पराकाष्ठा"
हास्य के नाम पर कटाक्ष करने वाले शब्दवीरों! हर शब्द का वज़न होता है, और जब शब्द किसी आस्था, परंपरा और समाज की अस्मिता पर चोट करें, तो वह महज़ हंसी नहीं, नफरत की विषबेल होती है। तेजाजी महाराज का मेला श्रद्धा का केंद्र है, धरोहर है, संस्कृति की जीवंत गाथा है। इसे "गधों का म��ला" कहना, केवल संवेदनहीनता ही नहीं, बल्कि एक मानसिक प्रदूषण है।
समस्या ये नहीं कि कोई व्यक्ति क्या बोल गया, समस्या ये है कि सोचने-समझने की शक्ति का ह्रास हो गया है। यह वही पीढ़ी है जो 'स्वतंत्र अभिव्यक्ति' के नाम पर विषवमन कर रही है।
हास्य और अपमान में जो बारीक रेखा होती है, उसे कुचलने का अधिकार किसी को नहीं। आपकी हंसी यदि किसी समाज, किसी आस्था, किसी जाति को नीचा दिखाकर उपजी है, तो वह हंसी नहीं, बल्कि मा���सिक दिवालियापन है।
अब होगा क्या? विरोध होगा, फिर माफ़ी का एक वीडियो आएगा, जिसमें नकली पश्चाताप छलकाया जाएगा और हम फिर ‘शांत’ हो जाएंगे - इस व्यवस्था की सबसे बड़ी कमजोरी यही है।
जब तक शब्दों की मर्यादा लांघने वालों को उनके शब्दों का ही भार महसूस नहीं कराया जाएगा, तब तक ये ‘स्वतंत्रता’ के नाम पर अराजकता का तांडव करते रहेंगे।
संस्कृति का सम्मान करना सीखिए, आज इसे किसी समाज पर कहा गया है, कल किसी और पर कह दिया जाएगा, और परसों आपकी बारी आएगी।
फिर......
शिव क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन के मामले में किसानों और कंपनी के बीच समझौता अब जल्द शुरू होगा काम…
इस मामले में ज़िला कलेक्टर ने कल शिव विधायक रविंद्रसिंह भाटी और भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा से की थी मुलाक़��त
केन्द्र में EWS सर���ीकरण के विषय में राजस्थान विधानसभा से केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भिजवाने हेतु राजस्थान विधानसभा के 46 सदस्यों से अब तक सहमति प्राप्त हुई है।
शेष रहे सभी विधायकों से सहमति लेने के लिए हमारा प्रयास जारी है, इसमें सभी से सहयोग की अपेक्षा है। 1/3
रविन्द्र भाटी, शिव से निर्दलीय विधायक, किसानों, गरीबों और वंचित लोगों की आवाज बनकर उभरे हैं। उनका नाम किसानों के हितों के लिए काम करने और उनके हक की लड़ाई लड़ने के लिए जाना जाता है।
उनकी आवाज को कोई दबा नहीं सकता पूरा राजस्थान ��ाटी के साथ खड़ा है। @RavindraBhati__
#किसान_हितैषी_भाटी
बायतु परिवार के गिड़ा ब्लॉक में कार्यरत शिक्षक प्रेमसिंह जी पांचला पिछले शनिवार को बस से जोधपुर जा रहे रहे थे मोबाइल बंद आने की वजह से अभी तक उनसे उनके परिजनों एवं अन्य किसी का संपर्क नहीं हो पा रहा है,मेरा आप सभी महानुभावों से अनुरोध है कि प्रेमसिंह जी आपको जहाँ भी मिले,दिखे या उनके बारे में कोई सूचना मिले तो त्वरित गोविंदसिंह जी पांचला से संपर्क कर उन्हें सूचित करें।
रविन्द्र की जैकेट को टारगेट करने वालो जरा सुने,
रविन्द्र भाटी जी राजनीती में फ़िलहाल कामयाब है और इनके पिता जी भी नोकरी करते हैं तो North Face Brand खरीदना इतना मुश्किल भी नहीं है , अब मुझे ही देख लीजिए मेरे परिवार में ना कोई नौकरी है और ना कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि है , एक सामान्य परिवार से हूँ और मैं भी North Face Brand को लाइक करता हूँ और अफोर्ड कर रहा हूँ ॥
टार्गेटियो होना कुछ नहीं है बस आप रीच ही ले सकते हैं और पल्ले कुछ नहीं पड़ेगा ॥
@RavindraBhati__@the_rajasthani4