यही अंतर है SC ST एक्ट के दुरुपयोग को भारत की 70% आबादी झेल रही है किंतु इसके उपर कोई साथ नहीं दे रहा है ।
उसका कारण ये है के इतना बड़ा मुद्दा कभी वोट बैंक का मुद्दा ही नहीं बना ।
जंतर-मंतर आयेंगे तारीख वही बतायेंगे ।
इन तीनों काले कानूनों को समाप्त करा कर ही वापस आयेंगे।।
समानता हक है हमारा अब और बेड़ियां बर्दास्त नहीं ।
संविधान की आड़ में अब और दमन स्वीकार नहीं ।।
पूरे सवर्ण समाज से आग्रह है की एक होकर इस आने वाली क्रांति का हिस्सा बनें ।
बिना मनुवादी के शिक्षा की व्यवस्था चल ही नहीं सकती , लो मिल गया मनुवाद से आज़ादी ।
जोशी जी से हमारी बात हुई थी उन्होंने कहा था यूजीसी वापस होना चाहिए और अब तो मंत्रालय मिल गया ।
जोशी जी यदि आप ने यूजीसी वापस नहीं किया तो अगला इस्तीफ़ा आपका भी होगा ।
वैसे हम लोग बहुत जल्द विशाल संख्या में जंतर-मंतर आ रहे हैं यदि उसके पहले यूजीसी वापस हुआ तो ठीक है नहीं तो यूजीसी और एससी एसटी ख़त्म कराने के लिए प्रधानमंत्री का इस्तीफ़ा होगा ।
आपको इस काँटों की सेज रूपी शिक्षा मंत्रालय के लिए बधाई।
संघ और भाजपा के चाटुकारों को यह बकचोदी तुरंत बंद कर देनी चाहिए कि अब पंजाब और कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों का त्यागपत्र लेना चाहिए। मुझे यह बताओ कि ABVP वाले UGC के समय से जो निठल्लों की तरह सो रहे हैं, उनका गठन किस हेतु हुआ था?
इनके छात्र संगठन (और इनके स्वयं में भी) जुड़ने वाले लोगों का केवल एक ही उद्देश्य रह गया है: किसी तरह से राजनीति में घुस जाना। इनका ना तो कोई चरित्र है, ना विचारधारा है, ना आत्मसम्मान है।
ऊपर से नीचे तक ऐसे रीढ़हीन लोग भर चुके हैं कि किसी को कोर वोटर्स या कोर विषयों की कोई चिंता नहीं है, वो केवल मोदी के नाम की नाव पार उतर जाना चाहते हैं। इनके एक भी आनुषंगिक संगठन या राजनैतिक पदस्थापन से बैठे VC अथवा अध्यक्षों ने एक लेख तक नहीं लिखा इस पूरे विषय पर।
अभी भी जो IT सेलिया मोदी-शाह की राजनीति और चुनाव जीतने की क्षमता के गीत गा रहे हैं ना, उनको बता रहा हूँ, तुम्हें UGC की गर्मी अभी तक झेलनी नहीं पड़ी है। उत्तर प्रदेश का चुनाव आ रहा है, और यही अकड़ बनी रही तो तुम्हें 223 सीटें आ जाएँ, वह भी बहुत होंगी।
प्रधान ने त्यागपत्र दे दिया है। अब कॉकरोच क्या करेंगे? राहुल गाँधी अब कह रहा है कि कैबिनेट से ही हटा दो। फिर अब नई माँग हैं कि कमिश्नर माफी माँगे और पुलिस पर ही FIR की जाए।
साथ ही, हर दंगाई पर किया FIR निरस्त किया जाए चाहे वो प्रोटेस्टर छात्र थे या नहीं।
यह तमाचा जरूरी था सरकार के लिए। मुझे प्रसन्नता होनी चाहिए क्योंकि मैं सात महीने से शिक्षा मंत्रालय की बर्बादी पर लिख और बोल रहा था। पर मैं दुखी हूँ कि दंगाइयों के सामने सरकार कायरता से बिछ गई। फिर भी, परिस्थितियों के आलोक में अभिमान को पीछे रख कर समाज के हित में ही निर्णय है।
जब सरकार पुलिस का काम भी स्वयं करती है, तो यही सब होता है। मुझे याद है कि 19 दिसंबर 2019 को जामिया नगर का दंगा @DelhiPolice मे बंद करा लिया था, पूरा क्षेत्र खाली था। सरकार ने फिर अगले दिन उन्हें बैठने पर छोड़ दिया ताकि दिल्ली चुनाव में लाभ लिया जा सके।
इन सबमें एक बात और है। @RSSorg और @BJP4India के सौ से अधिक संगठन हैं, वीसी बनाए हैं, कला-विज्ञान की संस्थाएँ हैं जिसमें इन्होंने चेयरमैन बनाए हैं, वो हरामखोर कहाँ हैं? किसी ने एक लेख भी लिखा सरकार या विद्यार्थियों के पक्ष में?
वास्तविकता यह है कि आज की डेट में इस सरकार के पास न तो कोई संस्था है, न व्यक्ति। मोदी और शाह हर कार्य नहीं कर सकते। संस्थाएँ इसी दिन काम में आती हैं। अब आइटी सेल, चाटुकार गिनें कि कितने व्यू आ रहे हैं।
यह आरंभ है। जिस दिन पचास और सौ लोग थे जंतर मंतर पर, दिल्ली पुलिस के दो थाने और तीन बसें काफी थीं। आपने राम मंदिर की गर्मी से बचने के लिए उसे चलने दिया। पीएम के सलाहकारों पर यह प्रश्नचिह्न है कि वो स्थिति को समझ क्यों नहीं पाए?
सरकार को क्या सच में लगता है इथेनॉल का विषय दब जाएगा? राम मंदिर पर चर्चा नहीं होगी? सब होगी, समय
से होगी। जैसे कि शिक्षा पर चर्चा सात महीने से हो रही थी, लेकिन समय पर बवाल हुआ, जिसने भी किया।
राम मंदिर, इथेनॉल भी लौटेगा। यह यहाँ नहीं रुकेगा। सरकारी नकारेपन पर हर पार्टी रोटी सेंकेगी। मेरा दुख यह है कि अमृतकाल में त्यागपत्र दिया गया।
IT सेलियों के स्टेटस पढ़ने में बहुत आनंद आ रहा है। तो क्या मानें कि CIA और चीनी एजेंट जीत गए? मोदी को झुका दिया? और हाँ, वो ३०० मिलियन व्यू का ट्वीट अपनी गांड में डाल लो अब।
बंगाल का 208 नहीं गिनवाओगे? गुजरात निकाय चुनाव में भाजपा की भारी जीत? कहाँ है UGC का प्रभाव?
घमंड में चूर ये सब के सब साले ख़ुद ही प्रधानमंत्री बने घूमते थे। अभी मुँह बनाए लिख रहे हैं, देखना अब ये डिमांड अपडेट कर देंगे, अब इनको पार्टी बनानी चाहिए!
तो क्यों नहीं हटवा लिया था जून में ही जब 50 लोग होते थे? ख़ुमारी उतरती है बाबू, घमंड अच्छी बात नहीं। तुम्हारी आदत हैं बाँस करवाने की, सेंसिबल बात कोई शांति से बोले तो सुनते नहीं, फिर थूक कर चाटते हो और दाँत निपोड़ कर हँसते हो।
सबको क्रेडिट चाहिए! सुप्रिया गा रही है कि 12 बजे राहुल बाबा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, ढाई बजे रिजाइन हो गया। कई लोग लिख रहे हैं कि अब इथेनॉल वाले की बारी है।
सारे लोग OG को भूल गए जिसने दोनों ही मंत्रियों को बम्बू किया, करता रहा और दोनों के ही ट्रोल सेना की लेता रहा। अब लाइव में फिर लूँगा और कह रहा हूँ, अभी भी समय है शान्ति से मान जाओ नहीं तो ऐसे ही गाली सुनोगे कि कभी खालिस्तानी झुका देते हैं, कभी केजरीवाल के चेले।
ये कितना भयानक डाउनग्रेड है! मैं केवल इसलिए प्रसन्न हूँ कि IT सेलिए मुँह नहीं छुपा पा रहे। @amitmalviya जी, एक और 'भारत मंडपम भुने काजू खाओ सम्मेलन' कर लीजिए, अच्छा रहेगा स्ट्रेटेजी बनाने में।
UPDATED? आगे क्या डालोगे? मोदी थूक कर चाटे और उसका रील इंस्टा पर डाले? दिल्ली पुलिस इनसे माफ़ी माँगे? हम ऐसे समय में हैं जब ये लोग कमिश्नर से लिखित माफ़ी भी मँगवा लेंगे जबकि पुलिस को खाली कराने का निर्देश देते तो यह काम 15 दिन पहले हो चुका होता।
UGC जैसे काले कानून लाकर सामान्य वर्ग के बच्चों को जन्मजात अपराधी बताने वाले।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है सरकार को यूजीसी के नए नियम तत्काल वापस लेने होंगे।
PM मोदी और HM शाह को माँ-बहन की गाली दी जा रही थी शिखाधारी ब्राह्मण बच्चे ने ऐसा करने से मना किया तो उसे बेरहमी से मारा। उसकी शिखा को खींचा उसकी बहन पर हमला किया
BJP आलाकमान देख लो UGC के बावजूद सामान्य वर्ग के बच्चे गलत के खिलाफ बोल रहे हैं। गाली का विरोध कर रहे हैं। यही को वर्ग है जिसके कारण आप सत्ता में हैं। सरकारी नीतियों में इन्हें ही दरकिनार किया जाता है।
Sachin Tendulkar says:
"We must create a culture where hard work is rewarded, honesty is encouraged, and merit wins."
Finally someone spoke for rewarding merit and creating a meritocratic society!!👏🙏
#EndReservation
खुरपेंची प्रश्न : पेपर माफिया जिन्होंने RO ARO पेपर लीक करवाया वो जमानत पर बाहर कैसे ?
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से विधायक बेदीराम जो भाजपा का सहयोगी दल है, उनके ऊपर पेपर लीक संबंधित कई केस हैं , उनमें तेजी से जांच क्यों नहीं ?
बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले इन नकल माफियाओं पर नकेल कब कसी जाएगी और नजीर कब बनेगी ?
कल तक जिसे IT cell वाले
"सोरोस का एजेंट"
"CIA का प्यादा"
"चीन का चमचा"और
"DEEP STATE का जासूस" कह रहे थे,
प्रधान सेवक ने आरती उतार दी है।
अंधेर नगरी चौपट राजा है ये