नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुई क्षति अत्यंत चिंताजनक है।
भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना है।
इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश के जनपद महराजगंज और कुशीनगर में गंडक एवं नारायणी नदियों के जलस्तर में वृद्धि तथा बाढ़ की संभावना के दृष्टिगत स्थानीय प्रशासन को ���ूर्ण सतर्कता बरतने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिसे याद है, उसे यह पूरा घटनाक्रम जरूर याद होगा…
2024 चुनाव के दौरान Zee News ने मोदी, शाह और कुछ मामलों में योगी के रोड शो का लाइव प्रसारण रोक दिया था। उसी दौर में भाजपा ने राज्यसभा के लिए सुभाष चंद्रा का समर्थन भी बंद कर दिया।
इसी समय SEBI सुभाष चंद्रा की कंपनियों में जांच कर रही थी। आरोप था कि एक कंपनी के पैसे से दूसरी कंपनी का लोन स���टल करने की कोशिश की ग��। 2022 में NCLT में भी मामला पहुंच चुका था, जहां व्यक्तिगत गारंटी के आधार पर लिए गए लोन के डिफॉल्ट का मामला था।
उस समय सुभाष चंद्रा की नेटवर्थ करीब ₹40,000 करोड़ बताई जाती थी। लेकिन यह मुख्यतः उनकी कंपनियों में प्रमोटर के रूप में हिस्सेदारी की कागजी/मार्केट वैल्यू थी।
खबरें सामने आईं तो शेयरों के दाम गिरने लगे। और जब इन्हीं शेयरों को गिरवी रखकर लोन उठाया गया हो, तो शेयर गिरने के साथ बैंक और वित्तीय संस्थान रिकवरी के लिए गिरवी शेयर बेचने लगते हैं।
अब असली बात समझिए…
NCLT में करीब ₹22,000 करोड़ का क्लेम था। इसमें लगभग ₹20,000 करोड़ मूल गारंटी और करीब ₹2,000 करोड़ ब्याज-पेनाल्टी का हिस्सा बताया गया।
लेकिन NCLT में मामला जाने के बाद Insolvency Act और लोन रिकवरी की प्र��्रिया के तहत शेयर, कंपनियां और संपत्तियां बेचकर कर्ज की वसूली शुरू हुई। बताया जाता है कि करीब 85–90% तक रकम पहले ही रिकवर हो चुकी थी।
लेकिन यह जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई कि वास्तव में कितना पैसा वसूला गया, SEBI की जांच का क्या परिणाम रहा और रिकवरी की प्रक्रिया में आखिर कितना बकाया बचा।
फिर अचानक खबर आती है -
₹22,000 करोड़ का मामला सिर्फ ₹6.5 करोड़ में सेटल हो गया!
यहीं सबसे बड़ा सवाल पै���ा होता है।
क्या ₹6.5 करोड़, ₹22,000 करोड़ का सेटलमेंट है?
या फिर ₹22,000 करोड़ में से बड़ी रकम पहले ही रिकवर होने के बाद बची हुई रकम पर समझौता हुआ ?
अगर ज्यादातर कर्जदारों ने बहुमत से सहमति दी और कुछ ने असहमति जताई, तो यह जानना जरूरी है कि सेटलमेंट के समय वास्तविक बकाया कितना था?
जब तक यह पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं होगा, headline यही बनेगी -
“₹22,000 करोड़ का कर्ज ₹6.5 करोड़ में निपटा!”
जबकि पूरी कहानी कुछ और हो सकती है।
बिल्कुल यही खेल बंगाल के SIR को लेकर भी दिखाई देता है। बताया जा रहा है कि 90% नाम SIR में वापस जुड़ गए।
लेकिन यह नहीं बताया जाता कि करीब 27 लाख नाम हटाए गए थे, उनमें से लगभग 80–82 हजार लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई कि उनका नाम गलत तरीके से काटा गया है, और उन आपत्तियों में करीब 90% नाम वापस जोड़ दिए गए।
अर्थात 90% नाम वापस जुड़ने की बात आपत्ति करने वाले लगभग 82 हजार लोगों के सं���र्भ में है, न कि हटाए गए सभी 27 लाख नामों के संदर्भ में।
अगर यह पूरा संदर्भ साथ में बताया जाए तो कहानी समझ में आती है। लेकिन आधी बात बताइए, headline बनाइए और बाकी संदर्भ गायब कर दीजिए..
तो 90% भी बहुत बड़ा दिखता है और ₹22,000 करोड़ भी ₹6.5 करोड़ में बदल जाता है। यही फर्क है खबर बताने और खबर का नैरेटिव बनाने में।
पूरी तस्वीर सामने रखिए।
आंकड़े बताइए।
कितना दावा था, कितना रिकवर हुआ, कितना बाकी रहा और ��खिर कितने में समझौता हुआ—सब बताइए।
वरना आधी जानकारी से बनी headline सिर्फ भ्रम पैदा करती है।
बस इसी तरह ये देश चला करता है।
नेपाल त्रासदी: 288 भारतीय नागरिक लापता।
इनमें कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री भी शामिल।
इनमें 73 लोग त्रिशुली पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं।
इनके अलावा 37 और 39 लोगों के दो समूह तमिलनाडु के हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए हैं।
इनके अलावा तीसरा समूह 32 लोगों का है, जो पश्चिम बंगाल के हैं, वे भी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हुए हैं।
इनके अलावा 61 लोग विभिन्न राज्यों के हैं, जो नेपाल में लापता हैं।
केरलम के 33 लोगों का भी एक समूह नेपाल में लापता है।
इस तरह कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कुल पांच समूह लापता हैं।
: रणधीर जायसवाल, भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
Jihadi Zubair again shielding terrorist Muslims.
We know Bangladeshi jihadi government has captured these 2 innocent Hindus to protect other jihadis.
No Hindu can do this in Bangladesh to their own community.
नेपाल के नुवाकोट जिले में त्रिशूली बाजार,
बदहवास भागते लोगों का ऐसा पीछा कर रहा था बाढ�� का पानी,
कुछ ही मिनटों में तबाह हो गई पूरी बसी-बसाई मार्किट..
#Nepal #Flood
"During COVID, PM Modi gave this hospital 100 beds and 4 refrigerators. They did not even remove the covers from the beds and refrigerators.”
~ WB Minister Sharadwat Mukherjee
राहुल गांधी को कांग्रेसी बैटमैन समझे, जोकर समझे, कुछ भी समझे लेकिन नेता कोई नहीं समझता है 😂😂
नेता सिर्फ और सिर्फ पीएम नरेंद्र मोदी हैं
@pradip103 ने कांग्रेसियों को दिखाया आइना
News coming in from #Maldah district of #WestBengal.
Beefs were thrown on the road of a Hindu-majority village.
#Baliyadanga is the only Hindu majority village of #Kaliachak-1 Block.
On the morning of 26th of August, Hindu residents of that village saw that beefs were scattered on the road.
They informed the Police. The Police came and cleared the road.
The Police are investigating.
US skilled millions in Iran Afghanistan Iraq Vietnam Grenada Panama Venezuela Chile just to name a few. With this logic US should be banished to Pluto!!!!
प्रतापगढ़ में 10 सदस्यीय परिवार बदहाली में, आवास और मदद की लगाई गुहार
प्रतापगढ़: रामपुर विधानसभा क्षेत्र की ननौती ग्राम सभा में रहने वाले संतोष कुमार मिश्रा अपने परिवार के कुल 10 सदस्यों के साथ कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजार रहे हैं।
परिवार का दावा है कि उनके पास रहने की समुचित व्यवस्था नहीं है और अब तक पर्याप्त सरकारी या सामाजिक मदद नहीं मिल सकी ह���।
स्थानीय स्तर पर जाति और पूर्वजों को लेकर बनी धारणाओं के कारण परिवार के साथ भेदभाव किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।