विकास पुरुष पूर्व प्रधानमंत्री #स्वर्गीय_राजीव_गांधी_जी की 75 वीं जयंती पर उन्हें शत शत नमन्।।🙏🙏🙏 @RahulGandhi@priyankagandhi देश विकास के पथ पर जब जब आगे बढ़ेगा, आपके कार्य आप की छवि आपका व्यक्तित्व याद किए बगैर विकास और हिंदुस्तान अधूरा सा दिखेगा ।।
भारत के प्रिय मतदाताओं,
मैं आप सभी से एक सीधा सवाल पूछना चाहता हूं - जो सरकार वोट चोरी से बनी हो, क्या उसका इरादा कभी जनसेवा हो सकता है? नहीं ना!
उन्हें आपके वोट की ज़रूरत ही नहीं, इसलिए आपकी समस्याओं की परवाह भी नहीं।
आज की स्थिति आपके सामने है -
- रिकॉर्डतोड़ बेरोज़गारी के कारण युवाओं के भविष्य बर्बाद हो रहे हैं। सरकार पूंजीपतियों के खजाने भरती रही!
- NEET, SSC, Paper leak जैसे घोटालों ने लाखों छात्रों के करियर तबाह कर दिए। सरकार ने मुंह ही फेर लिया!
- महंगाई आसमान छू रही है, जिससे आम आदमी का जीना दूभर हो गया है। मगर, सरकार टैक्स बढ़ाती गई!
- रेल हादसों और सड़कों, पुलों जैसे बुन���यादी ढांचों के टूटने में सैकड़ों निर्द��ष लोगों की असमय मृत्यु हुई। मगर सरकार ने जवाबदेही तक नहीं तय की।
- पहलगाम से लेकर मणिपुर तक आतंक और हिंसा की घटनाएं हुईं - सैकड़ों लोग मरे। सरकार ने ज़िम्मेदारी तक नहीं ली!
- नोटबंदी, कोरोना और किसान आंदोलन में लाखों लोगों की जान गई। प्रधानमंत्री ने सहायता तो दूर, संवेदना तक नहीं दिखाई!
क्यों? क्योंकि यह सरकार आपकी चुनी नहीं, वोट चोरी से बनी है।
आप जिएं, मरें, तड़पते रहें - इन्हें कोई फ़र्क नहीं पड़ता। इन्हें भरोसा है कि जनता वोट दे या न दे, वो चोरी से फिर सत्ता में आ ही जाएंगे।
साफ-सुथरी वोटर लिस्ट स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की बुनियाद है। अपने मताधिकार को यूं जाने मत दीजिए - क्योंकि आपके सारे अधिकार इसी बुनियाद पर टिके हैं।
अपनी सरकार चुनिए - जो सचमुच आपकी हो, आपकी ज़िम्मेदारी उठाए और आपके प्रति जवाबदेह हो।
भारत माता और देश के संविधान की रक्षा अपने वोट से कीजिए।
I welcome the Supreme Court’s revised directions on stray dogs, as it marks a progressive step toward balancing animal welfare and public safety. The approach is both compassionate and rooted in scientific reasoning.
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
आजादी की लड़ाई से लेकर देश निर्माण तक- महिलाओं ने हर क्षेत्र मे बढ़ चढ़कर भागीदारी की।
दुनिया इस लिए सुरक्षित है क्यों कि महिलाओं ने घरेलू मोर्चे पर पुरुष को आश्वस्त किया के घर भी सुरक्षित है और आने वाली पीढ़ियां भी सुरक्षित हैं।
पटना में गर्दनीबाग धरनास्थल जाकर आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाक़ात की। उन्होंने बताया कि किस तरह BPSC अन्याय कर रही है और बिहार सरकार लाठी डंडे की चोट दे रही है।
मोदी जी कहते हैं कि बिहार में डबल इंजन वाली सरकार है। लेकिन फेल हो चुके इस इंजन से ग़रीब मेहनती छात्रों के सपनों को कुचला जा रहा है - युवा शक्ति के साथ अन्याय हो रहा है। स���कारी नौकरी की कोई भी भर्ती इनसे बिना पेपर लीक या धांधली के पूरी नहीं होती।
छात्रों ने बताया कि BPSC की परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन नहीं होना चाहिए - इस दागदार परीक्षा को रद्द करके ईमानदारी से re-examination करवाना चाहिए।
मैं मुख्यमंत्री जी से कहना चाहता हूं कि वह प्रदर्शन कर रहे इन छात्रों के ख़िलाफ़ लाठी चार्ज करवाने और असंवेदनशीलता दिखाने की बजाए इनसे मिलकर इनकी मांगों को सुनें और गंभीरता से विचार करें।
क्योंकि जब इतनी बड़ी परीक्षा में पेपर लीक होता है या किसी भी तरह की धांधली होती है तब दूर गावों से आकर, शहरों के छोटे-छोटे कमरों में तपस्या कर रहे लाखों ग़रीब छात्रों का सपना टूटता है ���र उनके साथ अन्याय होता है।
आज के एकलव्य का अंगूठा काटकर, उन पर अन्याय नहीं किया जा सकता।
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी के अंतिम संस्कार के लिए यथोचित स्थान न उपलब्ध कराकर सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री के पद की गरिमा, मनमोहन सिंह जी की शख्सियत, उनकी विरासत और खुद्दार सिख समुदाय के साथ न्याय नहीं किया।
इससे पहले सभी पूर्व प्���धानमंत्रियों को सर्वोच्च सम्मान और आदर दिया गया था। डॉ मनमोहन सिंह जी इस सम्मान और समाधि स्थल के हकदार हैं। आज पूरी दुनिया उनके योगदान को याद कर रही है। सरकार को इस मामले में राजनीति और तंगदिली से हटकर सोचना चाहिए था।
आज सुबह डॉ मनमोहन सिंह जी के परिवारजनों को चितास्थल पर जगह के लिए मशक्कत करते, भीड़ में जगह पाने की कोशिश करते, और जगह के अभाव में आम जनता को परेशान होते और बाहर सड़क से ही श्रद��धांजलि देते देखकर ये महसूस हुआ।
कांग्रेस मुख्यालय ��ें पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी को अंतिम विदाई दी।
डॉ सिंह की विनम्रता, मार्गदर्शन और देश के लिए योगदान इतिहास के पन्नों में सदा जीवित रहेंगे।
भारत माता के महान सपूत और सिख समुदाय के पहले प��रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी का अंतिम संस्कार आज निगमबोध घाट पर करवाकर वर्तमान सरकार द्वारा उनका सरासर अपमान किया गया है।
एक दशक के लिए वह भारत के प्रधानमंत्री रहे, उनके दौर में देश आर्थिक महाशक्ति बना और उनकी नीतियां आज भी देश के गरीब और पिछड़े वर्गों का सहारा हैं।
आज तक सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों की गरिमा का आदर करते हुए उनके अंतिम संस्कार अधिकृत समाधि स्थलों में किए गए ताकि हर व्यक्ति बिना ��िसी असुविधा के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दे पाए।
डॉ. मनमोहन सिंह हमारे सर्वोच्च सम्मान और समाधि स्थल के हकदार हैं। सरकार को देश के इस महान पुत्र और उनकी गौरवशाली कौम के प्रति आदर दिखाना चाहिए था ।