"चमार हमारे इंहा कुर्सियों पर नही बैठ सकते, यह हमारे गाँव की मर्यादा है"
मामला मध्य प्रदेश के कटनी जिले का बताया जा रहा है।
एक महिला के घर के बाहर दुकान पर समोसा बेचा जा रहा था। रक्षा बंधन कर मौके पर गांव में आये धनीराम चौधरी भी समोसा खाने चला गया। वँहा ग्राहकों के लिए रखी कुर्सी पर वो बैठ गया।
घर से महिला निकलती है, कहती है कि चमार होकर कुर्सी पर न बैठो। हमारे गाँवो की मर्यादा भंग हो जाएगी।।
विकास कुमार जाटव
पॉडकास्ट सुनने के बाद सबको अपनी सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए। इस तरह के लोग जो प्रधानमंत्री तक से संपर्क का दावा कर रहे हैं, हिंसा की बात कबूल कर रहे हैं, किसी के लिए भी ख़तरा बन सकते हैं। सबसे पहले तो प्रधानमंत्री को ही आगे आकर पूछना चाहिए कि अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई है।
संविधान निर्माता बाबा साहेब की प्रतिमा पर हमला, आखिर कब तक?
टीकमगढ़ के मवई गांव में संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित करने का मामला बेहद चिंताजनक है। CCTV में एक व्यक्ति द्वारा प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ किए जाने की तस्वीरें सामने आई हैं।
@DrMohanYadav51 यह सिर्फ एक प्रतिमा पर हमला नहीं है— यह सामाजिक बराबरी, संविधान और उस विचार पर हमला है जिसने सदियों से दबे-कुचले लोगों को सम्मान और अधिकार दिए।
जातिवाद और नफरत की मानसिकता को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
@MP_MyGov सरकार और प्रशासन से मांग है कि CCTV के आधार पर दोषी की तत्काल पहचान कर गिरफ्तार किया जाए, निष्पक्ष जांच हो और कड़ी कानूनी कार्रवाई क�� जाए। साथ ही प्रतिमा को सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित किया जाए।
बाबा साहेब की प्रतिमा तोड़ी जा सकती है, लेकिन उनके विचार और संविधान में दर्ज समानता का सपना नहीं तोड़ा जा सकता।
“च***र हमारे यहाँ कुर्सियों पर नहीं बैठ सकते, यह हमारे गाँव की मर्यादा है।”
2026 के भारत में भी किसी दलित का कुर्सी पर बैठना जातिवादी वर्चस्व को चुनौती लगता है। कैसी “मर्यादा”, जो किसी इंसान के अपमान और जातीय श्रेष्ठता पर टिकी हो?
संविधान ने बर���बरी का अधिकार दे दिया, लेकिन वर्चस्ववादियों के दिमाग़ से ऊँच-नीच नहीं निकली। लड़ाई सिर्फ़ एक कुर्सी की नहीं है - सम्मान, सत्ता, संसाधन और बराबर की हिस्सेदारी की है।
CJP पहले पार्ट में हम चलाए थे ये कड़ा, खून से नहला दिए थे। नीले कबूतर को लाल कर दिए थे।
CJP 2 में हम करेंगे बेल्ट ट्रीटमेंट और भी ट्रीटमेंट, कट्टा ट्रीटमेंट भी करेंगे।
मोदी शाह के लंपट पुत्र और कपिल चिराग के छोटे भाई बताएं कि ये ऐसे ही आएंगे या दिल्ली पुलिस की वर्दी में आएंगे?
हिंदू राष्ट्रवादी स्वतंत्र भारद्वाज ने निशु के पिता पर हमले का जिक्र करते हुए दावा किया कि उनके सिर पर हमला हुआ था और मामल��� में धारा 307 लगती थी, लेकिन वह जेल नहीं गए, ऐसा बोलते हुए मज़र आ रहे हैं । उन्होंने इसके पीछे कपिल मिश्रा के फोन और राजनीतिक कनेक्शन का दावा भी किया। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपना “बड़ा भाई” बताया।
पर सोचने वाली बा हैं , अगर किसी व्यक्ति को राजनीतिक प्रभाव के कारण कानूनी कार्रवाई से राहत मिलने का दावा किया जा रहा है, तो सवाल गंभीर है—क्या कानून सबके लिए बराबर है?
जहां आरक्षण नहीं होता वहां क्या होता है?
सुनिए@RTIExpress श्यामलाल यादव जी से
कि जहां लैटरल एंट्री हुई है वहां किन्हें जगह मिली है।
SC, ST OBC की क्या दुर्गति है।
अगर जानबूझकर रोक रहे हो तो नियत पता चलती है।
लोग नहीं मिल रहे तो साबित हुआ आरक्षण सही है।
"मैं नशे में थी, लेकिन किसी बात का पछतावा नहीं, माफी नहीं मांगूगी", जातिसूचक गाली देने वाली येशा का बयान! गार्ड्स को धमकाते हुए कहा था- 'भं$गी, ओए भं$गी', जूता साफ करवाऊंगी...
नड्डा जी, पार्टी में आपकी कोई वैल्यू है या नहीं?
हल्द्वानी में खरगे जी के साथ हुए "शुद्धीकरण" के मामले में आपने संसद में कहा था कि दोषियों पर कार्रवाई होगी।
कार्रवाई तो दूर की बात है, उत्तराखंड का BJP प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट बेशर्मी से इस घटना को जस्टिफाई कर रहा है।
हिम्मत है तो BJP प्रवक्ता बोलें- संविधान जिंद���बाद...मनुस्मृति मुर्दाबाद...ये कभी नहीं बोलेंगे...हम जानते हैं अस्पृश्यता, छूआछूत, भेदभाव, ऊंच-नीच इनके अमानवीय ग्रंथ मनुस्मृति से आता है.
बे-बस बहन : रक्षाबंधन पर मुफ़्त बस का वादा करके बस ही हटवा दी!
“प्राण जाए पर वचन न जाए” कहनेवाले रघुवंशियों तक को ठग लेनेवाले ये भाजपाई क्या वचन निभाएंगे।
यह वीडियो उत्तर प्रदेश के कुशीनगर का है
और यह वह�� सियाह सच बयां कर रहा है जिसके बारे में राहुल गांधी ने बात की है
दलितों इस भेदभाव को आज भी भोग रहे हैं.
आँख बंद करने से समस्या का समाधान नहीं होगा. मूक दर्शक बने रहने से यह सामाजिक अभिशाप ख़त्म नहीं हो जाएगा
इसके बारे में बोलना होगा, इस कुरीति को बदलना होगा
और यह काम BJP, उसके अंधभक्त या चरणचुम्बक मीडिया कतई नहीं कर पाएगा
राहुल गांधी ने जो कहा है वह सौ प्रतिशत सही बात है
बदायूं के दातागंज थाने में दलित युवक राजेश कोरी की पुलिस हिरासत में मौत बेहद गंभीर और चिंताजनक है।
सामने आए वीडियो ने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सभी CCTV फुटेज सुरक्षित कर स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी जवाब दें—राजेश कोरी की मौत का जिम्मेदार कौन?
पीड़ित परिवार को न्याय, सुरक्षा और उचित मुआवजा मिले। #JusticeForRajeshKori
>1 चम्मच चीनी के फायदे
>कम प्याज खाने के फायदे
>बेलगाड़ी से चलने के फायदे
>चूल्हे में खाना बनाने के फायदे
>टमाटर कम खाने के फायदे
>पॉम ऑयल न खाने के फायदे
बस एक फायदा ये कभी नहीं बताते है कि,
"दलाली न करने के फायदे"
"मैं भी मुख्यमंत्री बनना चाहता हूँ.."
केशव प्रसाद मौर्य ने अपना पत्ता खोल दिया है। बहुत हुआ Cold War, अब सामना आमने-सामने होगा। देखना यह है कि भाजपा में Tom-Jerry की यह लड़ाई गंभीर रूप लेती है या पहले जैसा विपक्षी दलों का मन बहलाने के लिए ही है।
जातिगत आरक्षण के विरोध में बार-बार एक तर्क दिया जाता है - “जाति के आधार पर आरक्षण खत्म कर देना चाहिए, आरक्षण केवल आर्थिक आधार पर होना चाहिए।”
ऐसे लोगों को बार-बार एक बुनियादी बात याद दिलानी पड़ती है - आरक्षण गरीबी उन्मूलन कार्य��्रम नहीं है। गरीबी का समाधान आर्थिक नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं से किया जाता है, जबकि आरक्षण का मूल उद्देश्य उन समुदायों को शिक्षा, नौकरियों और सत्ता-संस्थानों में प्रतिनिधित्व और अवसर देना है, जिन्हें ऐतिहासिक और सामाजिक भेदभाव के कारण बराबरी से वंचित रखा गया।
आख़िर सामाजिक पिछड़ापन केवल बैंक बैलेंस से क्यों नहीं मापा जा सकता? जाति किसी व���यक्ति की आर्थिक स्थिति बेहतर होते ही उसका पीछा क्यों नहीं छोड़ देती?
इस वीडियो को देखिए। शायद समझ आए कि आरक्षण की जरूरत सिर्फ़ जेब की गरीबी से तय क्यों नहीं होती।