"नहीं चाहिए रिफंड, बस हमारा सामान वापस कर दो, 24 घंटे हो गए हैं."
ये एयरपोर्ट पर यात्रियों को बंधक क्यों बनाया हुआ है?
सरकार नाम की चीज जीवित हालत में है या.... ?
देश के अघोषित मालिक गौतम अडानी के विरु��्ध आदिवासियों और ग्रामीणों की इस लड़ाई को रीट्वीट कर समर्थन दीजिए।
दरअसल छत्तीसगढ़ का सरगुजा जल रहा है… और वजह वही है — गौतम अडानी,जिसके नाम सारा देश लिखा जा चुका है।
हथियारबंद पुलिस के सामने सैकड़ों निहत्थे आदिवासी और ग्रामीण अपनी ज़मीन, जंगल और उस जल-जंगल-ज़मीन की ��स्मिता बचाने के लिए खड़े हुए हैं।
लाखों पेड़ों और हज़ारों वन्यजीवों के हत्यारे गौतम अडानी के लिए फोर्स तैनात की जा रही है… और जनता की ज़मीनें बलपूर्वक छीनी जा रही हैं।
👉 सरगुजा के अमेरा ओपन कास्ट कोल माइन में खनन का काम अडानी की कंपनी को दिया गया है।
👉 यह SECL का प्रोजेक्ट है — लेकिन ऑपरेशन का कॉन्ट्रैक्ट अडानी एंटरप्राइजेज के पास है।
👉 करीब 1 मिलियन टन सालाना की क्षमता, और अब और विस्तार (Expansion) की तैयारी।
जनता भुगत रही है,गौतम अडानी हंस रहा है।
ये सिर्फ़ ज़मीन का सवाल नहीं है—ये पूरी मानव जाति के अस्तित्व का सवाल है।
छत्तीसगढ़ के आदिवासी और ग्रामीण इसी अत्याचार के खिलाफ एकजुट खड़े हैं… और लड़ाई जारी है,और इस लड़ाई को आपका समर्थन चाहिए।
यह तस्वीर किसी बॉलीवुड फिल्म की नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के सरगुजा ज़िले की है। जहां परसोडिकला में गुजरात की निजी कंपनी को खनन दिलाने के लिए पुलिस ने स्थानीय आदिवासियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस चलाई। ये लोकतंत्र नहीं, तानाशाह�� है।
जब नड्डा भाषण दे रहे थे उसी दौरान एक सिक्योरिटी गार्ड बेहोश हो गए।
ना नेताजी का भाषण रुका ,ना कोई नेता मंच से उठे।
Arthur Schopenhauer ने लिखा था “Compassion is the basis of morality”
इनमें देश के नागरिकों के लिए करुणा तक नहीं, morality तो दूर है!
सुसाइड से पहले BLO सर्वेश सिंह जी क्या कह रहे हैं उसे सुनिए, आपके अंदर अगर थोड़ी सी भी मानवता बची होगी तब आप इस S.I.R प्रक्रिया का जरूर प्रतिकार करेंगे।