मेरे साथ आखिरी के 2 डिबेट में सुधांशु त्रिवेदी की पोल इस तरह से खुली थी:
पहली वाली में तोता जी ने VP Singh जी को अपशब्द बोले उसके बाद इसे महीने भर डिबेट में नहीं भेजा गया!
दूसरी वाली में ये वक़्फ़ की जमीन खोज रहे थे, मैं लाइव डिबेट में इनके कई बैंक खाते की डिटेल सामने ले आई, 2 राज्यों में 3 घर, 26 करोड़ से ज्यादा की घोषित संपत्ति निकाल लाई और इन्हें इसे गरीबों में बांटने को कहा।
इस दोनों फजीहत के बाद तोता त्रिवेदी मेरे साथ बैठने से भागने लगे है!
सुधांशु त्रिवेदी इतना डरते क्यों है?
अभी एक चैनल पर बहस होनी थी, मगर सुधांशु त्रिवेदी ने मेरा नाम सुनते ही बहस में आने से इंकार कर दिया। अंततः मुझे बोला गया कि डिबेट कैंसिल हो गया।
तोता त्रिवेदी की आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस की पूरी पोल पट्टी खोलने वाली थी, ज्ञानेश कुमार को अब नहीं बचा पाओगे!
@Dreams_realites ये छटी आवारा है, मेट्रो में चलने वाले लोगों पर गिरती पड़ती है,कोई सेट हो गया तो फिर दिन बन गया, फर्जी कहानी मत रेला करो,ये रील बनाती है नगमा कुरैशी नाम है इसका,
खलिहर थोड़ी हैं तुम लोगों की तरह,हराम की नहीं खाते किसी मिशन पर होंगे,आईएएस रह चुके हैं तुम लोग जैसे चपरासी होंगे,,
पता करो तुम्हारे घर से तो नहीं कोई निकल लिया साथ में,,
ज्ञानेश कुमार जी इस्तीफा मत दीजिएगा,हम लोग जंतर-मंतर पर आना चाहते हैं खुजली बढ़ गई है,, जुनैद भी आयेगा,खीशू भी रहेगी प्लीज़ प्लीज़ इस्तीफा मत देना, जंतर-मंतर पर बहुत मज़ा है,सब मिलता है,,
ज्ञानेश कुमार मोदी का चपरासी बन जाए या फिर मोदी के दफ्तर में पोंछा लगाएं. लेकिन अपने पद से इस्तीफ़ा दे दें.
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में खुलकर बोले अभिजीत दीपके
केजरीवाल के पालतू कुत्तों से भौंकने की उम्मीद रखें,, इनको लगाया ही भौंकने के लिए गया है,
जबसे पंजाब में आपियों को 30-40 सीटों का सर्वे आया है पागल हो गये हैं ये सब ,
बोस्टन रिटर्न तिलचट्टे के दिमाग में भूसा भरा है
इसका ज्ञान सुनकर आप सोचेंगे ये वापस आया या डिपोर्ट किया गया ??
तिलचट्टा कह रहा हैं कि महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में BJP ने भारी बहुमत से जीत हासिल की.. बात यहां तक तो ठीक है
लेकिन जरा इन तीनों जगह चुनाव की तारीखें भी देख लीजिए:
हरियाणा विधानसभा चुनाव: 5 अक्टूबर 2024
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव: 20 नवंबर 2024
दिल्ली विधानसभा चुनाव: 5 फरवरी 2025
Gyanesh Kumar कब मुख्य चुनाव आयुक्त बने: 19 फरवरी 2025 को
तथ्य जांच लेता तो मूर्खता का सार्वजनिक प्रदर्शन करने से बच जाता
केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ले लेने के बाद अब कॉकरोचों ने ऐलान करा है कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के मुखिया ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेना है |
अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे तो पहले की तरह ही देश की राजधानी दिल्ली को उपद्रव का केंद्र बना कर सरकारों से जबरन इस्तीफा ले लिया जाएगा |
अब जो सरकार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा दिलवा कर सोच रही थी कि कॉकरोचों के अभियान में हमेशा के लिए पलस्तर लगा देगी तो कॉकरोचों ने नया बहाना तलाश लिया है |
अब हम जैसे लोग जो इनके पहले आंदोलन पर इनका खुल कर विरोध कर रहे थे अब विरोध करने लायक भी नहीं | क्योंकि क्या पता हमने इनका विरोध करा और पीछे से सरकार ने इस्तीफा दिलवा दिया तो किरकिरी हो जाएगी |
ये अनपढ़ बोस्टन का सफ़ाई कर्मचारी डिकपे जिसके बारे में बोल रहा है वो आईआईटी कानपुर से बीटेक है, इंस्टीट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट्स ऑफ़ इंडिया से बिज़नेस फाइनेंस और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एनवायर्नमेंटल इकोनॉमिक्स पढ़ा हुआ है🙄😐😑
Dipke जी का भारतीय चुनावों पर “महाज्ञान”
इनका कहना है कि ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) बनने के बाद भाजपा ने हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में रिकॉर्ड मार्जिन से जीत हासिल की।
अब ज़रा तथ्यों पर भी नज़र डाल लीजिए:
ज्ञानेश कुमार फरवरी 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त बने।
हरियाणा विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2024
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नवंबर 2024
दिल्ली विधानसभा चुनाव जनवरी 2025
मतलब, तीनों चुनाव ज्ञानेश कुमार के CEC बनने से पहले ही हो चुके थे!
इतना भी चुनावी ज्ञान मत बाँटिए कि तारीखें ही भूल जाएँ।