स्त्रियों ने पहले-पहले जब घूंघट छोड़ा तो क्या कम हल्ला मचा था और उन पर क्या कम लांछन लगाए गए थे? लेकिन हमारी आधुनिक पंचकन्याओं ने दिखला दिया कि साहस करने वाला सफल होता है और सफल होने वाले के सामने सभी सिर झुकाते हैं।
~ राहुल सांकृत्यायन
https://t.co/osvozWetp1
रूढ़ियों को लोग इसलिए मानते हैं, क्योंकि उनके सामने रूढ़ियों को तोड़ने वालों के उदाहरण पर्याप्त मात्रा में नहीं हैं।
- राहुल सांकृत्यायन
https://t.co/osvozWetp1
बाहरी दुनिया से अधिक बाधाएं आदमी के दिल में होती हैं। वह कैसा प्रेम जो आदमी की विवेक बुद्धि पर पर्दा डाल दे, सारी प्रतिभा को बेकार कर दे?
~ राहुल सांकृत्यायन
https://t.co/osvozWetp1
यह अच्छा तर्क है, स्त्री को पहले हाथ-पैर बाँधकर पटक दो और फिर उसके बाद कहो कि इतिहास में तो साहसी यात्रिणियों का कहीं नाम नहीं आता।
~ राहुल सांकृत्यायन
मृत्यु को नाहक ही भय की वस्तु समझा जाता है। यदि जीवन में कोई अप्रिय वस्तु है तो वह वस्तुत: मृत्यु नहीं है, मृत्यु का भय है।
- राहुल सांकृत्यायन
https://t.co/osvozWetp1
यह अच्छा तर्क है, स्त्री को पहले हाथ-पैर बाँधकर पटक दो और फिर उसके बाद कहो कि इतिह��स में तो साहसी यात्रिणियों का कहीं नाम नहीं आता।
~ राहुल सांकृत्यायन