देख तमाशा देश में, दिल में उठती हूक।
लिखना पड़ता मित्रवर, मूक न रहें 'अचूक'।।
जिंदा है अचूक बात करने वाला आशु कवि व पत्रकार। ट्वीट दिल पर न लें, खुद से न जोड़ें
काम कीजिए देश के, जन के हरो विषाद।
जन्मदिवस शुभकामना, मंत्री जितिन प्रसाद।
मंत्री जितिन प्रसाद, आप हो सबसे नामी।
करते रहो विकास, ट्रेन की भर लो हामी।
करते मांग "अचूक", जिले का नाम कीजिए।
बढ़े पर्यटन खूब, आप शुभ काम कीजिए।।
.....
सतीश मिश्र "अचूक"
रूस के तेल ते लाभ बढ़ो धन ���ूसूर आनि अनेक सँवारो।
लेसहु साँच नहीं इस मा कस ट्रंप के मंत्रिय आजु उचारो।
झूठहु मूठ ते ट्रंप जमे अब बोलत है तस बात नवारो।
पूछि "अचूक" रहे सबसे यह पैदा भयो किस भांति लबारो।।
@satishm78000
सतीश मिश्र "अचूक"
ट्रंप से भी ऊंची जंप ले रहा सलाहकार
बोलता सफेद झूठ गौर फरमाइए।रूसी तेल ब्राम्हणों को लाभकारी बतलाता
विप्र हो तो तेल बीच डुबकी लगाइए।
झूठ बोलने में बाप ट्रंप का ये दीखता है
ट्रंप मीत से भी बड़ा झूठा ना बताइए।
रूस वाला तेल सारा जाता है जियो के पास
खोजो मीत सारे उपवीत पहनाइए।सतीश
मन की बात...
देते हो दस बार क्यों, करो पेंशन बंद।
एमपी, मंत्री, विधायक, छोड़ो मत स्वच्छंद।
छोड़ो मत स्वच्छंद, पेंशन बंद कराओ।
जनता की भी सुनो, शीघ्र ही अमल कराओ।
बोलो चौकीदार, किसलिए तुम सोते हो।
चुने गए दस बार, पेंशन क्यों देते हो।।
@satishm78000
सतीश मिश्र "अचूक"
मन की बात...
देते हो दस बार क्यों, करो पेंशन बंद।
एमपी, मंत्री, विधायक, छोड़ो मत स्वच्छंद।
छोड़ो मत स्वच्छंद, पेंशन बंद कराओ।
जनता की भी सुनो, शीघ्र ही अमल कराओ।
बोलो चौकीदार, किसलिए तुम सोते हो।
चुने गए दस बार, पेंशन क्यों देते हो।।
@satishm78000
सतीश मिश्र "अचूक"
कहां है एक देश एक कर??
एक देश कर एक का, नारा दिया लगाय।
टैक्स ले रहे हैं बहुत, खुद को ही झुठलाय।
खुद को ही झुठलाय, टोल से जेब कटी है।
बनी नहीं है सड़क, अधूरी कहीं फटी है।
कह अचूक कविराय,रोटियां सहज सेंककर।
जिंदा अब तक वैट, कहां है एक देश कर।।
@satishm78000
सतीश मिश्र "अचूक"
चैलेंज
नसबंदी होगी प्रथम, फिर छोड़ेंगे डॉग।
सुप्रीम कोर्ट कह रहा, भाग सके तो भाग।
भाग सके तो भाग, ग्राम मृग हुए आवारा।
बिदक गए थे लवर, पकड़ना नहीं गवारा।
कह "अचूक" कविराय, बहुत है आदत गंदी।
बढ़े आवारा लोग, करा दो ना नसबंदी।।
@satishm78000
सतीश मिश्र "अचूक"
सारे दावे खोखले, आयुष्मान बेकार।
बचा न पाती जिंदगी, अपनी प्रिय सरकार।
अपनी प्रिय सरकार, डाक्टर जी व्यवसाई।
यदि गरीब बीमार, झाड़ते पाई पाई।
कह "अचूक" कविराय, गया डीएम के द्वारे।
बेटे का शव दिखा, कहा डाकू हैं सारे।@satishm78000
सतीश मिश्र "अचूक"
@birjeshpathak51@myogiadityanath
मौर्या टीप कांड
तंग हुए बकवास से, जड़ी कनपटी टीप।
जबड़ा भी झन्ना गया, बजी कान में बीप।
बजी कान में बीप लिया फिरजमकर बदला।
केस लिखाया और हुआ बकवासी पगला।
कह 'अचूक' कविराय अब देखो उल्टे रंग।
आहत कीन्हा खूब तब ��ुए लोग सब तंग।।
@satishm78000
सतीश मिश्र "अचूक"
मौर्या टीप कांड
तंग हुए बकवास से, जड़ी कनपटी टीप।
जबड़ा भी झन्ना गया, बजी कान में बीप।
बजी कान में बीप लिया फिरजमकर बदला।
केस लिखाया और हुआ बकवासी पगला।
कह 'अचूक' कविराय अब देखो उल्टे रंग।
आह��� कीन्हा खूब तब हुए लोग सब तंग।।
@satishm78000
सतीश मिश्र "अचूक"
टैरिफ फिफ्टी फीसदी,हुआ अचानक जंप।
कुपित हो गए मित्र प्रिय, साहब जी के ट्रंप।
साहब जी के ट्रंप पंप अब हुए बड़े हैं।
पाकिस्तान परस्त मस्त से डंप पड़े हैं।
कह 'अचूक'कविराय बनाओ इनको डिप्टी।
लेना कभी न माल करो निज टैरिफ फिफ्टी।
@satishm78000
सतीश मिश्र "अचूक"
खाद की किल्लत
ठोकर दर दर खा रहे, खोजत खाद किसान।
खपत बढ़ी है जिले में, है शासन हैरान।
है शासन हैरान लिखी डीएम को चिट्ठी।
खाद सवाई पड़ी हुई जहरीली मिट्टी।
कह 'अचूक' कविराय जगे ना अफसर सो कर।
तस्कर खाते खाद कृषक खाते हैं ठोकर।।
@satishm78000
सतीश मिश्र "अचूक"
खाद की किल्लत
ठोकर दर दर खा रहे, खोजत ख��द किसान।
खपत बढ़ी है जिले में, है शासन हैरान।
है शासन हैरान लिखी डीएम को चिट्ठी।
खाद सवाई पड़ी हुई जहरीली मिट्टी।
कह 'अचूक' कविराय जगे ना अफसर सो कर।
तस्कर खाते खाद कृषक खाते हैं ठोकर।।
@satishm78000
सतीश मिश्र "अचूक"
अपने पीलीभीत में, काफी अधिक विकास।
पेरिस जैसा बन गया, जनपद अपना खास।
जनपद अपना खास, यही वादा सरकारी।
हुए मुम्बई गांव, बात सच सुनो हमारी।
कह अचूक कविराय यह शूटि��ग परम पुनीत।
देखो इंजन डबल यह अपने पीलीभीत।।
@satishm78000
सतीश मिश्र "अचूक"
अपने पीलीभीत में, काफी अधिक विकास।
पेरिस जैसा बन गया, जनपद अपना खास।
जनपद अपना खास, यही वादा सरकारी।
हुए मुम्बई ग��ंव, बात सच सुनो हमारी।
कह अचूक कविराय यह शूटिंग परम पुनीत।
देखो इंजन डबल यह अपने पीलीभीत।।
@satishm78000
सतीश मिश्र "अचूक"
ज्ञान बढ़े किस यत्न से, रहती चाह सदैव।
पूरनपुर में खुल गई, ���ृत्रिम बुद्धि की लैब।
कृत्रिम बुद्धि की लैब, इसे कहते ए आई।
पड़े जरूरत मित्र, खरीदो इसको जाई।
कह 'अचूक' कविराय,यह पूरनपुर की शान।
ले जाना हे मीत, तुम कृत्रिम बुद्धि सा ज्ञान।
@satishm78000
सतीश मिश्र अचूक
@JitinPrasada