कौन है असली अल्पसंख्यक ...😠😠
लद्दाख का 1% हिंदू या 46% मुस्लिम ?
मिजोरम का 2% हिंदू या 88% ईसाई ?
लक्षदीप का 2% हिंदू या 97% मुस्लिम ?
कश्मीर का 4% हिंदू या 95% मुस्लिम ?
नागालैंड का 8% हिंदू या 88% ईसाई ?
मेघालय का 11% हिंदू या 75% ईसाई ?
#Fraud of the secularism in India.
@sumantkabir@PMOIndia विकट समस्या है हिंदुओं की।
कुछ स्वघोषित विराट हिंदू मंदिरों पर सरकार के नियत्रण से मुक्ति की बात करते हैं। किसपर भरोसा करें? यहां तो जिसको मौका मिले वह ही बेईमानी करने लगता है।
सब चोर हैं, वैसे ही नहीं मुगलों और अंग्रेजों की गुलामी की सैकड़ों वर्ष। हिंदू स्वभाव से ही लालची हैं
#CIBIL एक अव्यवहारिक, मूर्खतापूर्ण तंत्र है। अगर आप लगातार कर्ज लेकर चुकाते रहते हैं तो आपका सिबिल स्कोर अच्छा रहेगा। अगर आपने कर्ज लिया ही नहीं तो भले आपकी कर्ज चुकाने की क्षमता हो, लेकिन यह तंत्र आपका स्कोर नीचे कर देगा। कर्ज लेकर चुका दिया और कुछ वर्षों बाद कर्ज लेने गए, तब भी सिबिल स्कोर कम हो जाएगा। कुल मिलाकर सिबिल आपको समय पर कर्ज देने से अधिक लगातार कर्ज के जाल में फंसाए रखने के लिए है। अब मेरे जैसे लोग कभी क्रेडिट कार्ड नहीं रखते तो उसके आधार पर भी सिबिल स्कोर कम ही रहेगा। यह न समझ आने वाली बात है कि, भारत में इस तंत्र को क्यों मान्यता दी गई है।
#कोचिंग_बनाम_कारोबारी_मीडिया के बीच जारी जंग से एक सच सतह पर आ चुका है। कोचिंग का अनैतिक धंधा इसलिए पनपा, क्योंकि प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जा रहे सवाल #पाठ्यक्रम के बाहर से हैं। साफ है, सरकारी शिक्षण संस्थान निरर्थक साबित हो चुके हैं। जबकि निजी शिक्षण संस्थानों का कोचिंग के साथ नाभिनाल का संबन्ध है।
पाठ्यक्रम, प्रतियोगी परीक्षाओं का नियमन और प्रश्नपत्र तैयार करना #सरकार का दायित्व है। इसलिए #व्यवस्था के सवालों का उत्तर देना अब संवैधानिक सत्ता का दायित्व है। लेकिन यह तभी संभव है, जब उठाईगीर समाज सियासी दलों के प्रति निष्ठा छोड़ व्यापक समाज हित में #लक्ष्यबेधी_बाण चलाए।
साफ है, नागरिक समाज मात्र एक बिंदु पर अपनी आवाज को साझा करें। मजबूती से एक ही आवाज़ उठाए...प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न मात्र #मानव_संसाधन_मंत्रालय के तय पाठ्यक्रम से पूछे जाए।
इसमें कोई शक नहीं, प्रश्नपत्र लीकेज का मसला मात्र समस्या का सतही विषय है। असल में इसके पीछे #पाठ्यक्रम और #प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समितियां हैं। इन्हीं की मिली-भगत से निजी कोचिंग इंडस्ट्री का 57 हजार करोड़ का #अनैतिक_हुकूमत खड़ा हुआ है। और इसमें हर साल दस प्रतिशत यानी साल के 5 से 6 हजार करोड़ का ग्रोथ दर्ज किया गया है।
अब तय आपको करना है, लाखों विवश अभिभावकों और करोड़ों युवाओं के साथ खड़ा होना है या इसे #सत्ता_संघर्ष का औजार बनाना है? जैसे ही आप इस मुद्दे को सत्ता संघर्ष का औजार बनाने की साजिश करेंगे, व्यवस्था अस्थिर करने का प्रयास करेंगे, बहुत बड़ा समाज पीछे हट जाएगा।
@narendramodi@AmitShah@RSSorg
दिल्ली से सटे नोएडा की एक हाइराइज बिल्डिंग में आग लग गई। फायर इंजन पहुंच गए हैं लेकिन आग 12वीं मंजिल में लगी है, और फायर इंजन के पानी का प्रेशर और लैडर 6ठवीं मंजिल तक ही पहुंच पा रहा है।
सवाल है, क्या इस अनुभव से #नागरिक_समाज और #सत्ता कोई सबक लेगा?
ये जितने भी #विकास_प्राधिकरण हैं, वो क्या सीवरेज, ट्रैफिक के अनुमानित बढ़ोतरी के साथ आवाजाही मार्ग और फायर ब्रिगेड की क्षमता को देख कर #कंस्ट्रक्शन_अनुमति देती है? बिल्कुल नहीं देती।
दरअसल, व्यवस्था का हर महकमा स्वतन्त्र काम कर रहा है। क्योंकि करप्शन जितना मुक्त, उतना ही पल्लवित। कारण एक ही है, #संगठित_करप्शन..के खिलाफ शिक्षित समाज का हर संकट में #सियासी होना। ऐसे में एक विशाल समाज घुटने टेक चुका है। विमर्श के हर सार्वजनिक मंच पर खड़े किए गए संगठित शोर में #संविधानसम्मत_समाज का दम घुट रहा है।
जब आवाज ही नहीं तो सुनवाई क्यों हो? पहले हमारे समाज के सामने खड़ी हर समस्या पर शांत मन से विचार कीजिए। बीमारी की शिनाख्त करें। फिर कोई समाधान दीजिए।
@AmitShah@myogiadityanath@CeoNoida@dmgbnagar
The race that wiped out millions out of hatred because Churchill believed Indians bred like rabbits and didn’t need grain in famine. 3 million died. The race that thought it had the burden to destroy indigenous cultures across the globe in the garb of ‘civilising’ them.
But yes! Least racist! Race or religious superiority was never the motivation. Just pure business, I believe.
Bajaj will be out on bail... soon! Uphaar tragedy mein kis ko kadi sazaa hui? ORN case mein kis ko saza hui? Yuvraj mehta case ka kya hua? Pune porsche case ka kya hua? The list is ENDLESS! Yahan bhi kuch nahi hoga! Not a single official from fire/electricity/mcd/police will be held accountable and punished. No councillor/MLA/MP will be questioned..Sirf 21 log hi to mare hain..
#ItHappensOnlyInIndia
होटल मालिक गिरफ़्तार हो गया..वो सारे अधिकारी/बाबू/नेता कब गिरफ़्तार होंगे जिनकी जेबें गर्म कर के,सारे नियम तोड़ के ये होटल चल रहा था? Arrest the corrupt OFFICIALS,Netas जिन तक "हिस्सा" पहुंचता था.. This is NOT a tragedy..Its a MURDER, but the hotel owner is not the ONLY culprit..Where are the MCD officials?The Hafta vasooli gang! जब तक ऐसे मामलों में इस देश के भ्रष्ट अधिकारी/बाबू/नेता गिरफ़्तार नहीं होंगे तब तक ये हत्याएं बंद नहीं होंगी 🙏 @CMODelhi@PMOIndia@HMOIndia #malviyanagar #corruption
यह है उत्तरप्रदेश के बस्ती जिले में 21 वर्षीय #आकाश_गुप्ता की टीम। शुरुआत अकेले आकाश ने की, युवा साथ आते गए..फिर समाज जुड़ा...और एक दिन वह भी आया जब देश के प्रधानमंत्री @narendramodi भी अपनी "मन की बात" से युवाओं के इस प्रयास से जुड़ गए।
बस्ती की दम तोड़ती बेबस #मनोरमा_नदी को देख आकाश के मन में संकल्प जागा। चलो! कुछ करते हैं। जुट गया।
मुझे जानना है, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी से, मनोरमा नदी की सफाई में आज स्थानीय प्रशासन की क्या हिस्सेदारी है? एक प्रोग्रेस रिपोर्ट जारी करें! क्या और भी जगहों पर युवा ऐसे प्रयास कर रहे हैं? यदि नहीं तो #सत्ता की भूमिका प्रोत्साहन की होनी चाहिए। समाज को #सकारात्मक_ऊर्जा बहुत प्रभावित करती है। खासकर #तरुणाई को।
खैर, यह पूछना उचित नहीं होगा, कितने असद, अब्दुल या शाहरुख इस तरह के काम में इन्वॉल्व हैं? यदि हैं तो इनको राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाए।
बनारस में राजेंद्र प्रसाद सिंह अपने बेटे के लिए दवा लेने जा रहे थे। महानगर बस से सुंदरपुर के लिए बैठे। सीट के लिए एक यात्री से विवाद हो गया। मामला सुंदरपुर चौकी पहुंचा। दरोगा नरेंद्र प्रताप सिंह ने यात्री की जेब से 100 रुपए चुराने का आरोप लगाकर राजेंद्र को जेल में डाल दिया। जेल में पुलिस ने राजेंद्र को इतना प्रताड़ित किया कि उनकी मौत हो गई। मामले जी जांच दरोगा राधेश्याम को सौंपी गई। राधेश्याम ने कहा कि राजेंद्र ने अपने शॉल को फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। अगले दिन बीएचयू में पोस्टमार्टम हुआ। मंडलीय अस्पताल के डॉक्टर केके जैन ने पोस्टमार्टम किया और अपनी रिपोर्ट में बताया कि मौत फंदे की वजह से हुई है। पुलिस ने परिजनों को बिना बताये अंतिम संस्कार कर दिया।
राजेंद्र की पत्नी ने मानवाधिकार आयोग से इसकी शिकायत की। मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई। तत्कालीन दरोग नरेंद्र प्रताप सिंह को 10 साल और राधेश्याम सिंह को 6 महीने की सजा हुई है। जानेमाने बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर केके जैन को 5 साल की सजा और 40 रुपए का जुर्माना लगाया है। मामला 29 साल पुराना 1997 की है। अब जाकर फैसला आया है। सोचिए हमारा सिस्टम कितना भ्रष्ट और घुना हुआ है।
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम में 4 महीने की मासूम विहा की जान पर बन आई है। पहली सर्जरी में 14 लाख स्वाहा हो चुके, दूसरी में 5 लाख और चाहिए। पिता हर दरवाजा खटखटा चुका, लेकिन हाथ खाली।
@HemantSorenJMM जी, अब आप और लोग ही इस बच्ची को बचा सकते हो। समय कम है, मदद करो वरना मासूम चली जाएगी।
एक अत्यंत निर्धन परिवार की छात्रा है, पिता के साथ एक कमरे के मकान में बैठ कर उत्तर प्रदेश के RO/ARO परीक्षा की तैयारी करती रही। जब सफल हो गई तो कुछ को जॉइनिंग मिल गई, रैंक 7 लाने के बाद भी, आज उसके पिता कोर्ट द्वारा लगाए स्टे से लड़ रहे हैं। 2023 में नोटिफिकेशन, 2026 के अप्रैल में परिणाम और फिर स्टे!
2023 में आए नोटिफिकेशन के बाद, फ़रवरी 2024 में प्रीलिम्स परीक्षा हुई, पेपर लीक हुआ, पुनः परीक्षा हुई। छात्रों ने जब आंदोलन किया तो योगी जी ने पुन परीक्षा को 6 महीने के भीतर करने के आदेश दिए।
हालाँकि, आयोग द्वारा नोटिफिकेशन जारी करने के बाद नियम बदलते हुए डबल शिफ्ट में परीक्षा कराई जाने की जब बात कही गई तो छात्रों ने इसके विरोध में आंदोलन किया। आयोग परीक्षा को सिंगल शिफ्ट में करने पर विवश हुआ और जुलाई 2025 में प्रिलिम्स की परीक्षा कराई गई।
सितंबर 2025 में रिजल्ट आने के बावजूद मुख्य परीक्षा में अनावश्यक विलंब हुआ और फरवरी 2026 में परीक्षा संपन्न हुई जिसका परिणाम 5 अप्रैल 2026 को जारी हुआ।
रिजल्ट आने के बाद अब कुछ लोगों की जॉइनिंग पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। जिस परीक्षा का नोटिफिकेशन अक्टूबर 2023 में आया था, आयोग उसे 2026 में भी संपन्न नहीं करवा पा रहा है। प्रत्याशी की आयु बढ़ रही है, उनके माता-पिता बूढ़े हो रहे हैं और तंत्र से आशाएँ अब समाप्त होती जा रही हैं।
गाजियाबाद के थाना खोड़ा क्षेत्र में 17 साल के छात्र सूर्य प्रताप चौहान की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई।
आतंकी अरशद ने छात्र को पहले फोन कर बुलाया गया था और अरशद ने पूछा- क्या कभी बकरा हलाल होते देखा है? और फिर सूर्य प्रताप पर अरशद, फहीम, फरहान ने चाकू से हमला कर दिया।
बकरीद पर भी इन आतंकियों ने बकरे पर हिंदुओं को हलाल करने की प्रैक्टिस की थी। अब देखिए मुस्लिम राजपूत थ्योरी वाले आते हैं कि नहीं!