मीणा समुदाय और गुर्जर समुदाय के नौजवानों से निवेदन है पाचना बाध प्रकरण में पानी मुद्दा नहीं है इसके पीछे बड़ा खेल है।
कृपया अभद्र शब्दों का प्रयोग नहीं करें
पांचना बांध पर जाकर रियल फोटो भी नहीं खींच सकते यह दिलवाएंगे पानी... कौन उम्मीद करके बैठा है इनसे 🤦 पांचना पर पहुंचने के लिए भी AI का सहारा लेना पड़ रहा है🙃😂
पांचना विवाद !!
गुर्जर समाज के लोग लगातार भाईचारे की बात करते है,अगले ही पल कहते है कोई माई का लाल पानी की एक बूंद नहीं ले जा सकता..... यह कैसा भाईचारा निभा रहे है ?
जिस दिन माननीय उच्च न्यायालय का नहरों में पानी खोलने का आदेश आया उस दिन यही गुर्जर नेता कह रहे थे,पांचना विवाद में 2 पक्ष है एक कैचमेंट एरिया जिसके 39 गांव है, और दूसरा कमांड एरिया जहां के लोग नहरों में पानी खोलने की बात कर रहे है,5 जून से कमांड क्षेत्र के लोगों ने नहरों में पानी खोलने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू किया तो पांचना पर बैठे लोग तीसरा पक्ष लेकर आ गए गंभीरी नदी के 360 गाँव जहां से नदी का प्राकृतिक बहाव क्षेत्र है,आज 4th पक्ष भी आ गया करौली शहर.... पांचना पर बैठे लोगों का कोई पक्ष नहीं है इनका एक ही लक्ष्य है कैसे भी करके कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं। जाना चाहिए !!
माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की पालना करवाना सरकार का काम होता है,न्यायालय की आदेश की अवमानना न्यायालय और सरकार दोनों का अपमान है और नहरे नहीं खुलती है तो यह संपूर्ण सरकार का अपमान है,जिस सरकार में न्यायालय के आदेश की पालना करवाने की क्षमता नहीं हो उस सरकार को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए !!
हम सरकार की तरफ से आपसी सहमति से पानी खोलने की इंतजार कर रहे है,हम किसी भी तरह से कमजोर नहीं है, और इतनी सामर्थ्य रखते है अगर सरकार बांध का पानी नहरों में खोलने में असमर्थ है तो हाथ खड़े कर दे हम बांध को खोलकर नहरों तक पानी लेकर आयेंगे और कोई भी माई का लाल हमें पानी लाने से नहीं रोक सकता !! इसके लिए हमें कितनी ही बड़ी कुर्बानी देनी पड़े !!
पांचना बांध पर बैठे लोगों के अलावा कोई भी समझदार व्यक्ति नहरों में पानी देने का विरोध नहीं कर रहा है,सचिन पायलट जी ने कहा है पानी को समस्या का जल्दी से जल्दी समाधान हो किसी को भी उसके हक और अधिकार से वंचित नहीं रखा जा सकता !! मानसिंह गुर्जर ने भी कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी खोलने का समर्थन किया है !!
सरकार को जल्द से जल्द कार्यवाही करके इस विवाद का समाधान निकालना चाहिए,जिससे दोनों समाज आपसी भिड़ंत से दूर रहे !! @cmo@BhajanlalBjp
आज 28स्या क्षेत्र की पंचायत में पंच-पटेलों द्वारा पड़ोसी 12 गाँव बैंसला के सभी गुर्जर भाइयों के साथ भाईचारा, आपसी विश्वास और सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से एक समिति का गठन कर गुडला अथाई पर शांति प्रस्ताव भेजा गया है.! इस प्रस्ताव के माध्यम से उन्हें विश्वास दिलाया गया है कि हम, 39 गाँव और कमांड एरिया के किसानों के हितों के लिए सरकार से मिलकर एकजुट होकर संघर्ष करेंगे.! अब निर्णय 12 गाँव बैंसला के सम्मानित पंच-पटेलों के हाथ में है कि वे इस शांति प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं या नहीं.?
यदि वे इस प्रस्ताव को स्वीकार कर आपसी संवाद और बैठकर समाधान का रास्ता चुनते हैं, तो यह एक ऐतिहासिक कदम होगा.! आशा है कि अगली बैठक गुर्जर और मीणा समाज के पंच-पटेलों की संयुक्त रूप से होगी और आपसी सहमति से पाँचना बांध की समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा.!
जय जवान-जय किसान.!
इंक़लाब जिंदाबाद.!
@NekadiGanesh जब सरकार डूंगरी बांध बना रही है तो क्या दिक्कत है 🤔
पांचना बांध में हमारी जमीन गई हमारे गांव भी प्रभावित हुए है तो क्या हमारा हक नहीं है पानी पर
खुद की जमीन जाए तो इनकी संस्कृति खतम होती है और पानी चाहिए दूसरे की जमीन पर बने हुए बांध का 🤔
इतना दोगलापन कैसे चलेगा भाई? 🤔