शांति भूषण
प्रशांत भूषण
योग्रन्द्र यादव
ऐडमिरल रामदास
अंजलि दमानिया
मेघा पाटकर
मंयक गांधी
आनंद कुमार
कुमार विश्वास
आसुतोष
आशीष खेतान
सुखपाल खैरा
धर्मवीर गांधी
सब गलत ओर सत्ता लालची
बस एक हमारे युगपुरुष पार्टी संयोजक ओर मुख्यमंत्री को सत्ता का लालच नही है😂
@DrKumarVishwas
पटना- जहरीली शराब से 4 की मौत, मंत्री विजय सिन्हा से मृतक के पिता ने कहा, “हम लोग रोज ऐसे ही मरते रहेंगे दादा। ई कौन बिहार बनवा दिए हैं, कैसा बना दिए हैं? हमलोग... खत्म हो गए, एकदम खत्म हो गए।”
#Bihar#BiharNews#HoochTragedy#LiquorTragedy#VijaySinha#BiharPolitics #BreakingNews #HindiNews
मिर्ज़ापुर के डीएम पद से तबादला हुआ तो दिव्या मित्तल को कुछ इस तरह से जनता ने दी थीं विदाई. 2013 बैच की आईएएस अधिकारी ने आज सेवा से इस्तीफा दें दिया है. वे आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बंगलुरु की पासआउट हैँ.
अब लेखन, शिक्षण और समाजसेवा करेंगी.
@IASassociation#divyamittal
भदोही की ज्ञानपुर सीट से पूर्व विधायक विजय मिश्रा को छोड़ आपको एक भी ब्राह्मण नेता नहीं मिलेगा जो निर्दलीय विधायक बनने की स्थिति में हो,
इसका एक कारण है की
यूपी के ब्राह्मण जब तक लेफ्ट और समाजवाद की राजनीति करते थे तब तक शीर्ष पदों पर थे, यही ब्राह्मण समाज जब से हिंदुत्व की राजनीति करने लगा तब से धराशायी होता चला गया,
मेरी बात न समझ आई हो तो ये डेटा देखिए 👇
पूर्वांचल की मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र, चंदौली और वाराणसी जनपद की 24 विधानसभा सीटों में से मात्र 4 विधायक ही ब्राह्मण समाज से है,
वर्तमान में मिर्जापुर की नगर सीट से रत्नाकर मिश्रा, भदोही की ज्ञानपुर सीट से विपुल मिश्रा, सोनभद्र की राबर्ट्सगंज सीट से भूपेश चौबे, वाराणसी दक्षिण से नीलकंठ तिवारी विधायक है,
जबकि चंदौली की चारों विधानसभा सीटें ब्राह्मण मुक्त हो चुकी है, ये आंकड़ा 2022 के विधानसभा चुनावों का है,
इन पांचों जिले में एक भी लोकसभा सांसद और MLC ब्राह्मण समाज से नहीं है, जबकि एकमात्र जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में अनिरुद्ध त्रिपाठी (भदोही) का नाम आता है,
यूपी और केंद्रीय कैबिनेट में मंत्री के रूप में एकमात्र नाम डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' का है जो आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) है !
ब्लॉक प्रमुखों की संख्या में भी बड़ा अंतर देखने को मिलेगा,
कुल मिलाकर वर्तमान समाज में ब्राह्मण समाज राजनैतिक हासिये पर तो है ही है, सबसे ज़्यादा नफ़रत भी ब्राह्मणों के ख़िलाफ़ फैलाया जा रहा है की ब्राह्मण सबका शोषण कर रहे है,
नौकरी से इस्तीफा देने वाली यूपी की IAS दिव्या मित्तल क्या चुनाव लड़ेंगी? राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा तेज हो गई है। मिर्जापुर में दिव्या सबसे ज्यादा समय तक जिलाधिकारी रहीं। यहां सांसद अनुप्रिया पटेल और यूपी सरकार में मंत्री आशीष पटेल से उनकी तनातनी रही।
कई बार दिव्या मित्तल ने कार्यक्रमों में उन्हें नहीं बुलाया, इसकी दोनों ने सरकार से शिकायत की, बाद में दिव्या को मिर्जापुर से हटा दिया गया था।
दिव्या को बस्ती भेजा गया, लेकिन उन्होंने वहां ज्वाइन नहीं किया। बाद में देवरिया की जिलाधिकारी बनीं तो यहां विधायक शलभमणि त्रिपाठी से भी नहीं बनी। इसके बाद उन्हें राजस्व परिषद भेज दिया गया।
अब उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया है। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर उनके राजनीति में प्रवेश, मिर्जापुर से चुनाव लड़ने की अलग-अलग वजहें भी बताई जा रही हैं।
आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश के यशस्वी उपमुख्यमंत्री द्वय आदरणीय श्री केशव प्रसाद मौर्य जी,आदरणीय श्री बृजेश पाठक जी एवं मा. मंत्रियों सहित अवध क्षेत्र एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न माननीय सांसदगण एवं विधायकगण ने नवीन दायित्व हेतु अपनी शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित की।
आप सभी के स्नेह, आत्मीयता एवं शुभकामनाओं के लिए हृदय से आभार एवं हार्दिक धन्यवाद।
आपका यह स्नेह और विश्वास सदैव नई ऊर्जा एवं प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।
अठालवे जी, जाटव जी और पासवान जी का लक्ष्य इस बच्चे तक आरक्षण पहुँचाने से रोकना है। ये किस जाति का है, पता नहीं, पर इसे आरक्षण चाहिए यह इसकी थाली में पानी का होना बताता है।
लखनऊ में पूर्व सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के नव-नियुक्त राष्ट्रीय महामंत्री श्री हरीश द्विवेदी जी से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें नव दायित्व की शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर मा. उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक जी, मा. जनप्रतिनिधिगण एवं भाजपा के सम्मानित पार्टी पदाधिकारीगण की उपस्थिति रही।
@HarishD_BJP@brajeshpathakup
बांकीपुर में अब अधिकारी काम करने लगे हैं… क्योंकि उन्हें पता है—अब काम नहीं किया तो जवाब देना पड़ेगा! 🔥
बाकी नेताओं की तरह प्रशांत किशोर सिर्फ गायब होने वाले नेता नहीं हैं।
उन्होंने बांकीपुर की जनता के लिए कार्यालय से लेकर सेवा केंद्र तक, हर चीज़ का पता और रास्ता साफ कर दिया है।
अब अगर कोई अधिकारी, इंजीनियर या कर्मचारी काम नहीं कर रहा है, तो सिर्फ शिकायत मत कीजिए—पूरी डिटेल के साथ आइए।
काम भी होगा… और कामचोर अधिकारी की जवाबदेही भी तय होगी। 🔥
यूपी के जौनपुर जिले में तैनात कांस्टेबल संदीप यादव को सुनिये -
जमीनी विवाद अथवा मेढ़ काटने की शिकायत पर मौके पर पहुंचे हैं और दोनों पक्षों को बेहद सरलता..सौम्यता और सभ्यता से समझा रहे हैं !
ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा आपराधिक घटनाएं जमीनी विवाद को लेकर ही होती है...इंच - इंच भर जमीन के लिए लाठी डंडा कट्टा चलना आम
बात है..!
ऐसी स्थिति में कड़ी और कठोर होकर कार्यवाही करने के साथ उन्हें जागरूक करना बेहद आवश्यक हो
जाता है....!
संदीप वही प्रयास कर रहे हैं -
मेरा मानना है प्रदेश के हर थाने में संदीप जैसी सोच और विचारधारा वाले लोगों की जरूरत है..!
2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया है। वर्तमान में वह राजस्व परिषद में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं। दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने अपनी सेवा के दौरान देवरिया, मिर्जापुर और संतकबीर नगर में काम किया। उन्होंने लिखा कि इस सफर में लोगों का प्यार, विश्वास और सम्मान उनकी सबसे बड़ी कमाई रहा।
#DivyaMittal #IAS #Lucknow #UttarPradesh #IASResignation #ATCard #AajTakSocial
We lost another good officer, IAS Divya Mittal, today.
She resigned.
I still remember the case where people in a UP village were dependent on tanker water for 75 years. Villagers requested the MP and MLA many times, but nothing was done.
Then she brought tap water to the village. But she was transferred just because she didn’t invite the local MLA for the inauguration of the water project. After that, the pipeline supplying water to the village was vandalized by some goons.
It feels like our system is designed to punish honest officers.
She left her London job to serve the people of India. But today, she resigned.
I don’t know the reason for her resignation, but I am sure her honesty must have played a role.