अंतिम जोहार बाबा...
स्मृति शेष बाबा दिशोम गुरुजी की पवित्र अस्थियों को
ऐतिहासिक रजरप्पा स्थित दामोदर नदी में विसर्जित किया।
प्रकृति का प्यारा लाल, प्रकृति में समा गया। प्रकृति का अंश बनकर वह समस्त झ��रखण्डवासियों और झारखण्डियत की रक्षा करते रहेंगे, हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।
वीर दिशोम गुरुजी शिबू सोरेन अमर रहें!
वीर दिशोम गुरुजी शिबू सोरेन जिंदाबाद!
जय झारखण्ड!
देश के विभिन्न क्षेत्रों और राज्य के कोने-कोने से आज नेमरा की क्रांतिकारी भूमि पर आया विशाल जनसमूह अत्यंत भावुक करने वाला है। बाबा दिश���म गुरुजी के प्रति आप सभी के इस स्नेह, सम्मान और समर्पण के लिए मैं अनेक-अनेक धन्यवाद देता हूँ, आभार और जोहार करता हूँ।
झारखण्ड के करोड़ों लोगों के लिए वटवृक्ष जीवन जिया स्मृति शेष बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी ने। वह वटवृक्ष जिसकी गहरी जड़ों ने यहां की वीर और क्रांतिकारी भूमि में हर कोने, हर घर तक पहुंचकर, अपनी विशाल छाया से सबको छांव दिया।
बाबा का महान जीवन झारखण्ड और राज्यवासियों के लिए, संघर्ष, त्याग और सेवा से परिपूर्ण रहा। उन्होंने झारखण्ड की आ��्मा को सींचा, राज्य की अस्मिता की रक्षा की और जन-जन को पहचान व आत्मसम्मान दिलाया।
बाबा दिशोम गुरुजी की प्रेरणा ने कई पीढ़ियों को राह दिखाई है। यहां की माटी की सुगंध में, नदियों की गूंज में, पहाड़ों की दृढ़ता में और परंपराओं की गरिमा में - हर जगह बाबा दिशोम गुरुजी की अमिट छाप और आत्मा बसी हुई है। वह वटवृक्ष, जिसकी जड़ें अटूट हैं और जिसकी छाया आने वाली पीढ़ियों को सदियों तक संबल और मार्गदर्शन प्��दान करती रहेंगी।
दिशोम गुरु सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं - जो हमें हमारी जड़ों से जोड़े रखेंगे और झारखण्ड को उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ने की ताकत देते रहेंगे।
अंतिम जोहार बाबा....
वीर दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें!
वीर दिशोम गुरु शिबू सोरेन जिंदाबाद!
जय झारखण्ड!
पहले बाबा दिशोम गुरुजी ने सशरीर हमारा साथ छोड़ा और अब रामदास दा भी हमारे साथ नहीं है। यह पल मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक है। आज हमारे राज्य के नौनिहाल भी उदास होंगे कि उनके शिक्षा मंत्र��� रामदास चाचा अब इस दुनिया में नहीं रहे।
झामुमो परिवार के एक मजबूत स्तंभ के रूप में स्व रामदास दा ने अपना जीवन घाटशिला समेत झारखण्ड की जनता के लिए समर्पित किया था। झारखण्ड अलग राज्य आंदोलन में अपनी क्रांतिकारी और अग्रणी भूमिका निभाने वाले स्व रामदास दा भीतर से अत्यंत सौम्य और सरल व्यक्ति थे। शोषित-वंचित समाज के लोगों के हक-अधिकारों के लिए वे हमेशा चिंतित, सजग और प्रयत्नशील रहते थे।
स्व रामदास दा आज हमारे साथ नहीं हैं पर उनका महान व्यक्तित्व समस्त राज्यवासियों को प्रेरणा देता रहेगा। इस दुःख की घड़ी में पूरा झामुमो परिवार शोकाकुल परिजनों के साथ खड़ा है।
मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिवारजनों को दुःख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे।
महान आंदोलनकारी रामदास सोरेन अमर रहें!
अंतिम जोहार रामदास दा...
दशकर्म...
झारखण्डी सभ्यता, संस्कृति और परंपरा को समर्पित...
झारखण्ड राज्य निर्माता वीर दिशोम गुरुजी को श्रद्धांजलि अर्पित...
वीर दि��ोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें!
वीर दिशोम गुरु शिबू सोरेन जिंदाबाद!
नेमरा की इस क्रांतिकारी भूमि के गांव, जंगल, पहाड़, नदियों के बीच बाबा दिशोम गुरुजी ने अपने संघर्ष की शुरुआत क��� थी - झारखण्ड के मान, सम्मान, पहचान और अस्मिता की रक्षा का संघर्ष।
वीर दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें!
वीर दिशोम गुरु शिबू सोरेन जिंदाबाद!
झारखण्ड के वीर अमर रहें!
जय झारखण्ड!