इंसानियत की फिर जीत हुईं ❤️
डूबती हुईं कार में फंसे ड्राइवर को बचाने के लिए एक आदमी ने सही समय पर सनरुफ तोड़ दिया!
उसकी बहादुरी और फुर्ती ने एक जिंदगी बचा ली 🙏❤️
झारखंड के गोड्डा में रहने वाले फ़ैज़ानुल्ला सेरेब्रल पॉल्सी से ग्रसित हैं. वो हाथ से लिख नहीं पाते. लेकिन उन्होंने परीक्षा में 93.80% हासिल किए हैं. वो अपने मुंह से ही लिखते हैं. फ़ैज़ानुल्ला आम लोगों की तरह उठ-बैठ भी नहीं पाते हैं. लेकिन पढ़ाई के लिए उनके जज़्बे ने उन्हें अब सुर्खियों में ला दिया है.
रिपोर्ट: मोहम्मद सरताज आलम
शूट और कैमरा: निशांत कुमार
एडिट: दीपक जसरोटिया
इनका नाम प्रतीक्षा तोंडवलकर है।
1964 में पुणे के एक अनुसूचित जाति परिवार में जन्म हुआ।
जब वो सातवीं कक्षा में थीं, उनके पिता ने पढ़ाई छुड़ाकर शादी कराने का फैसला कर लिया।
उनकी टीचर ने बहुत समझाया। यहाँ तक कहा कि पढ़ाई का खर्च वो खुद उठाएँगी।
लेकिन पिता नहीं माने।
17 साल की उम्र में उनकी शादी हो गई।
उनके पत��� सदाशिव कडू मुंबई में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा में बुकबाइंडर थे।
20 साल की उम्र में सड़क हादसे में पति की मौत हो गई।
गोद में दो साल का बेटा था।
न पढ़ाई, न नौकरी, न सहारा।
पति के बैंक में अपने हक़ के पैसे लेने पहुँचीं तो बैंक से कहा
“कोई भी काम दे दीजिए मुझे बेटे को पालना है।”
बैंक ने उन्हें झाड़�� पकड़ा दी।
वो फर्श साफ करती थीं।
फर्नीचर की धूल साफ करती थीं।
टॉयलेट तक साफ करती थीं।
महीने की तनख्वाह थी सिर्फ 65 रुपये।
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था
“जब मेरा बेटा बिस्कुट माँगता था, तो मैं बस से एक स्टॉप पहले उतर जाती थी ताकि किराये के पैसे बचाकर उसके लिए बिस्कुट खरीद सकूँ।”
दिन में नौकरी।
रात में विक्रोली के नाइट कॉलेज में पढ़ाई।
पहले दसवीं फर्स्ट डिवीजन से पास की।
फिर बारहवीं।
फ���र साइकोलॉजी में डिग्री ली।
बैंक के कई सहकर्मी खाली समय में उन्हें पढ़ाते भी थे।
घर वाले दूसरी शादी का दबाव डालते रहे।
लेकिन उन्होंने कहा
“डिग्री पूरी किए बिना शादी नहीं करूँगी।”
धीरे-धीरे प्रमोशन मिलने लगे।
स्वीपर से मैसेंजर बनीं।
फिर क्लर्क।
1993 में दूसरी शादी हुई।
उनके पति प्रमोद तोंडवलकर ने उन्हें बैंकिंग ऑफिसर एग्जाम देने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने परीक्षा पास कर ली।
फिर वो ट्रेनी ऑफिसर से Scale-4 अधिकारी बनीं।
फिर Chief General Manager।
और 2022 में वही महिला
State Bank of India की Assistant General Manager बनीं।
जिस बैंक में कभी वो 65 रुपये महीने पर टॉयलेट साफ करती थीं…
उसी बैंक ने 40 साल बाद उन्हें अपने सबसे बड़े मैनेजमेंट सम्मान से नवाज़ा।
ऐसी कहानियाँ भारत को याद रखनी चाहिए।
इस हुसैन मंजूरी ने लखनऊ झुग्गी झोंपड़ी अग्निकांड के प्रभावित बच्चों की मौज कर दी...बच्चों की खुशियों के लिए पहले लग्जरी बस में सैर कराई औऱ फिर सबको साइकिल गिफ्ट की....इससे पहले लोगों को बर्तन औऱ कुकर सहित अन्य जरूरतमंद चीजों का वितरण किया था...
जनपद गोंडा, क्षेत्र खरगू चांदपुर फीडर ग्राम पंचायत ठंडकी पट्टी ठाकुर दीन पुरवा में ट्रांसफार्मर से 400V की सप्लाई आ रही है। कई उपकरण जल चुके हैं और उपकरणों के जलने का खतरा है। कृपया सही कराने हेतु कष्ट करें। @UPPCLEditorial @MVVNLHQ@dm_gonda"
सामाजिक नवजागरण की अग्रदूत, मराठी भाषा की सुप्रसिद्ध कवयित्री तथा भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। नारी सशक्तीकरण की चेतना को प्रज��वलित करने वाले आपके युगप्रवर्तक प्रयत्न भारतीय समाज की स्मृति-पट्टिका पर सदा अंकित रहेंगे 🙏💐