"भाजपा सरकार के 10 साल में 26 हजार स्कूल बंद हुए हैं।" - @yadavakhilesh
ध्यान रहे, 26 हज़ार सिर्फ़ उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों का आँकड़ा है। पूरे देश में बंद हुए सरकारी स्कूलों की संख्या लाख के करीब पहुँच चुकी है।
यह सिर्फ़ स्कूल बंद होने की कहानी नहीं, बल्कि करोड़ों गरीब और ग्रामीण बच्चों के भविष्य पर ताला लगाने की कहानी है।
गंगा एक्सप्रेसवे बन गया उद्घाटन भी हो गया और आवागमन भी चालू है।
लेकिन कुछ गांव के रस्ते और कुछ गांव के किसानों को उनके खेत तक जाने का रास्ता गंगा एक्सप्रेसवे के अंदर पास नीचा होने के कारण रुक गया।
सरकार हमारे लिए बेहतरीन सड़के देने का दावा करती है।
लेकिन आस पास के गांव को समस्या में डाल देती है।
ये अंदर पास है। इसमें इतना पानी भरा है कि लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गंगा एक्सप्रेसवे बन गया उद्घाटन भी हो गया और आवागमन भी चालू है।
लेकिन कुछ गांव के रस्ते और कुछ गांव के किसानों को उनके खेत तक जाने का रास्ता गंगा एक्सप्रेसवे के अंदर पास नीचा होने के कारण रुक गया।
सरकार हमारे लिए बेहतरीन सड़के देने का दावा करती है।
लेकिन आस पास के गांव को समस्या में डाल देती है।
ये अंदर पास है। इसमें इतना पानी भरा है कि लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रों के प्रोटेस्ट में शुरू से लेकर अंत तक छात्रों की मदद करने वाले मोहम्मद जुनैद से मिले PDA जननायक अखिलेश यादव जी..🔥
इस वीडियो को मोहम्मद जुनैद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट शेयर करते हुए लिखा..
आज मुलाकात हुई ऐसे रहनुमा से,
जिनकी सोच में जनता और दिल में वतन बसता है।
लम्हा छोटा था लेकिन यादगार बन गया,
जब सामान अखिलेश यादव जी से हुआ।
अखिलेश यादव जी पूरे देश में एक मात्र ऐसे नेता है जिनसे मिलने के बाद हर कोई यही कहता है कि उनके जैसा सरल मिजाज का कोई नहीं है..
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के किशनपुर कस्बे स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज में आज सैकड़ों छोटे-छोटे बच्चे ‘जेन-अल्फा’ अपने हाथों में परम पूज्य बाबा साहेब की तस्वीरें लिए शिक्षा एवं सम्मानजनक मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए।
इनका आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से साफ़-सफ़ाई की व्यवस्था बदहाल है। बेंच-डेस्क टूटे हुए हैं, पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है और शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब है। उनका कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार विद्यालय प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यह दृश्य भाजपा की डबल इंजन सरकार की शिक्षा व्यवस्था में विफलताओं का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
इन्हीं बदहाल परिस्थितियों के विरोध में सामने आया यह दृश्य शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों के प्रति बच्चों की जागरूकता के साथ-साथ बेहतर भविष्य की उनकी उम्मीदों को भी प्रतिबिंबित कर रहा था।
इंकलाब जिंदाबाद।
जौहर यूनिवर्सिटी सिर्फ़ एक इमारत नहीं, हज़ारों छात्रों के सपनों का नाम है।
शिक्षा पर हर वार का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध होगा जब तक शिक्षा सुरक्षित नहीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
जौहर यूनिवर्सिटी बचाओ शिक्षा का अधिकार बचाओ छात्र एकता ज़िंदाबाद।
अब इस देश में भाईचारे की राजनीति होगी। हिंदू मुस्लिम की राजनीति अब भारत देश में नहीं चलेगी।
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में हम भाई भाई।
इंकलाब जिंदाबाद।
धर्मेंद्र प्रधान की हार की बहुत-बहुत मुबारकबाद।
और देशभर के छात्रों को उनकी जीत की दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद।
यह मुबारकबाद उन सभी आवाज़ों के नाम, जिन्होंने अपने हक़ के लिए डटकर संघर्ष किया।