Official Twitter Account of Fatehabad Congress Sevadal, Haryana. @CongressSevadal is headed by the Chief Organiser Shri Lalji Desai.RTs are not endorsements.
जब छात्रों की जान बचाने की जरूरत थी, तब सरकार और प्रशासन कहां थे? घटना के करीब दो घंटे बाद दिल्ली पुलिस-प्रशासन की राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। आखिर इतनी बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है?
जैसे ही हमें सूचना मिली NSUI की पूरी टीम मौके पर पहुंची ,वहां छात्र मलबे में दबे मिले, हमारे NSUI का साथी भी मलबे में फंसा मिला और मौके पर न फायर ब्रिगेड, न पुलिस, न मेडिकल सुविधा, न JCB!
हम वहां पहुंचकर अपने हाथों से छात्रों को मलबे से निकालने में जुट गये। हमने 3 बच्चो को निकाला,कई छात्रों की जान जा चुकी है और स्थिति बेहद दुखद है।
बच्चों को मलबे से निकालते वक्त हमें एक बच्चे के हाथ से उसकी किताब मिली। यह दृश्य बेहद भावुक और झकझोर देने वाला था ।
जिस बच्चे के हाथ में किताब होनी चाहिए थी, वही हाथ मलबे ��ें दबा मिला। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही और व्यवस्था की विफलता का दर्दनाक प्रमाण है।
DU के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में पूरी बिल्डिंग गिर गई, कई लोग मलबे के नीचे दब गए।
लेकिन जब हम वहां पहुंचे तो कोई नहीं था- न पुलिस, न बचाव दल, न फायर ब्रिगेड और न ही कोई मेडिकल टीम।
हम किसी तरह तीन छात्रों को मलबे से निकाल पाए।
मेरा यही सवाल है-
• आखिर कब तक छात्र सरकार के करप्शन की कीमत अपनी जान देकर चुकाएंगे?
• दिल्ली में आये दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं- सरकार आंख मूंद कर क्यों बैठी है?
कभी बेसमेंट में पानी भर जाता है, कभी कोचिंग में आग लग जात��� है। कुछ दिन कार्रवाई का नाटक चलता है और फिर दोषियों को क्लीन चिट मिल जाती है।
: NSUI अध्यक्ष @VinodJakharIN
मुश्किल वक्त में भाषण नहीं, साथ चाहिए…
IYC अध्यक्ष @UdayBhanuIYC जी और #SOSIYC के साथी लगातार ज़मीन पर खाना, पानी और ज़रूरी सहायता के साथ छात्रों एवं पीड़ित परिवारों के बीच मौजूद हैं!
मलबे के उस पार किसी का अपना है, हम इस पार उनके साथ हैं.. इस मुश्किल घड़ी में हर परिवार के साथ, हर संभव मदद के साथ!
📍सत्य निकेतन, नई दिल्ली
Four years ago, we began walking with a simple belief - love can conquer hate, and hope can defeat fear.
Thousands of kilometres and countless conversations later, that belief is stronger than ever.
The journey continues. Bharat Judne Tak. ❤️
Jodo Jodo, Bharat Jodo 🇮🇳
“Don’t walk in front of me... I may not follow.
Don’t walk behind me... I may not lead.
Walk beside me... Just be my friend.”
The Bharat Jodo Yatra was not just Rahul Ji's long march across the length and breadth of the country.
It was a bold leap towards a politics of love and friendship - a politics that listens before it speaks.
A politics that puts people at its centre - their struggles, their issues and their aspirations.
Bharat Jodo Yatra is a promise for a better India. And the Congress will fulfil that promise. 4 years of #BharatJodoYatra
BJP का एक भी नेता सच नहीं बोल रहा है।
जननायक कर्पूरी ठाकुर जी देश में पहले ऐसे नेता थे, जिन्होंने बिहार में पिछड़ों को आरक्षण दिया, लेकिन पिछड़ों में बड़ी आबादी ऐसी रही, जो अधिकारों से वंचित रह गई।
मैं नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने जातिगत जनगणना के मुद्दे को मजबूती से उठाया।
राहुल गांधी जी ने जातिगत जनगणना के लिए बहुत बड़ी लड़ाई लड़ी, लेकिन जब जनगणना का एजेंडा आया, तो उसमें पिछड़ी जातियों के साथ धोखा कर दिया गया।
: हीरा ठाकुर जी
📍 दिल्ली
We, the MPs, have decided that there should be an SC/ST Forum to discuss issues related to the SC/ST communities, and we will take up their cases before the party and the government.
We will meet to decide the strategy for raising the issues of SC/ST in Parliament.
: @KRajuINC ji, AICC National Coordinator (SC, ST, OBC and Minority Department)
मोदी जी को लगा होगा कि chronology कौन check करेगा?
2008: National Payments Corporation of India (उद्देश्य था कि अलग-अलग banks/payment systems के बीच interoperable, nationwide payment infrastructure चलाने के लिए एक umbrella organisation हो।)
2010: IMPS लाया गया (instant bank-to-bank payment infrastructure)
दोनों डॉ. मनमोहन सिंह सरकार के दौर में।
इसी institutional foundation पर UPI बना, जिसे 2016 में RBI Governor रघुराम राजन ने launch किया।
मनमोहन सिंह ने नींव और infrastructure खड़ा न किया होता, तो 2016 में UPI आसमान से download नहीं हो जाता।
दूसरों की बनाई इमारत पर अपना नाम लिख देने से इतिहास नहीं बदलता, मोदी जी।
रात के 3.30 बजे भी भ्रष्टाचार के मलबे में दबे छात्रों को नही निकाला जा सका है, तस्वीरें हृदयविदारक है।
प्रधानमंत्री जी, आप तो चैन की नींद सो रहे है ना?
BJP के बड़े नेता रहे हीरा ठाकुर जी आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं।
हीरा जी, यूपी में OBC कमीशन के चेयरमैन रहे, 'कर्पूरी ठाकुर विचार मंच' नाम का संगठन चलाते हैं और ��र्षों से अतिपिछड़ा समाज के लिए लड़ते रहे हैं।
साथ ही, हीरा ठाकुर जी 12 साल तक MLC रहे, विधानपरिषद में सभापति, नेता-उपनेता रहे।
लेकिन जातिगत जनगणना में जिस तरह से OBC समाज के साथ धोखा हुआ, उससे आहत होकर हीरा ठाकुर जी ने मनुवादी मानसिकता वाली BJP का साथ छोड़ दिया।
: @INCOBCDept के चेयरमैन @DrJaihind जी
📍 दिल्ली
ये यूपी में बन रहा 'राम वन गमन मार्ग' है
इस सड़क की हालत द��खिए
इसे 4,400 करोड़ रुपए फूंककर बनाया जा रहा है
BJP सरकार में 30-40% कमीशन का खुला खेल चल रहा है. इसलिए ऐसी घटिया सड़क बन रही है
एक ही मंत्र है - कमीशन दो, भ्रष्टाचार करो
राजनीति करने का वक़्त नही�� है, लेकिन बजाय जवाबदेही के अगर रील बाज़ी होगी और झूठ परोसा जाएगा - तो सच भी सुनना पड़ेगा
दिल्ली में
🔹सरकार: BJP
🔹MCD: BJP
🔹MP: 7/7 BJP
🔹MLA: 48/70 BJP
👉👉बिल्डिंग गिरी - छात्र मलबे में फंसे
🔹राहत के लिए कौन पहुँचा?
🔺कांग्रेस - NSUI, युवा कांग्रेस और सेवा दल
🔹बैज लगा कर दिखावे के लिए कौन पहुँचा?
🔺ABVP
🔹राहत और NDRF कब आई?
🔺2 घंटे बाद
🔹रील कौन बना रहा था?
🔺CM रेखा गुप्ता
🔹साईट पर ज़रूरतमंदों को समान और खाना किसने बांटा?
🔺सेवा दल, NSUI और युवा कांग्रेस ने
🔹लोग मलबे के नीचे दबे थे, पिज़्ज़ा बर्गर कौन खा रहा था?
🔺ABVP वाले
सुनिए, Local Residents सत्य निकेतन हादसे के के बारे में कह रहे हैं कि…
“BJP MLA अनिल शर्मा के भाई के संरक्षण में 20-25 अवैध PG चल रहे हैं”
सुन रही हैं रेखा गुप्ता ???
या अभी भी रील बनाने में Busy हैं !!!
पिता और पुत्री - प्रोफ़ेशनल जीवन में इतने नैतिकताविहीन कैसे?
SIR के जरिए लोकतंत्र और मताधिकार को कमजोर करने वाले ज्ञानेश कुमार की बेटी मेधा रूपम ने 25 साल की आकृत��� चौधरी को सिर्फ इसलिए NSA में बंद कर दिया क्योंकि वह अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठा रही थी.
लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेधा रूपम की कार्रवाई की पोल खोल दी. आकृति की हिरासत रद्द की और ₹5 लाख मुआवज़े का आदेश दिया, जिसकी वसूली जिम्मेदार अधिकारी की तनख्वाह से होनी है - यानि मेधा रूपम की तनख्वाह से.
कोर्ट ने उस मानसिकता को भी साफ़ साफ़ कठघरे में खड़ा किया, जो असहमति की आवाज़ को दबाना चाहती है.
इतनी कड़ी फटकार के बाद भी मेधा रूपम अपनी हरकतों से बाज आएगी या इसी तरह अपने पद का दुरुपयोग कर जनता को परेशान करती रहेगी?
बड़ा सवाल ये कि PMO की इमारत, CMO की यानि चीफ मिनिस्टर ऑफिस की इमारत किसी सांसद के घर की बिल्डिंग किसी मंत्री के किसी विधायक क��� किसी पार्षद के घर की बिल्डिंग कभी क्यों नहीं गिरती?
बहुत सारे लोगों को यह असंवेदनशीलता लग सकती है, लेकिन बड़ी जिम्मेदारी से ये सवाल पूछना है कि हमारे बच्चे मलबे में दबेंगे और इन तमाम नेताओं के बच्चे हमारे टैक्स के पैसों से से विदेशों में पढ़ेंगे?
और हाँ! BJP देश भर के ज़िलों में भव्य BJP कार्यालय बनाती जायेगी!!
#Satya_Niketan
दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज्यादातर कॉलेजों में हॉस्���ल नहीं हैं, स्टूडेंट अपने खर्चे पर अमानवीय स्थिति में पीजी में रहने को मजबूर हैं।
कल ही मोदीजी डीयू में अपना पीआर कर रहे थे। शिक्षा और देश के शिक्षण संस्थानों पर एक शब्द नहीं बोले और आज दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास एक पीजी की बिल्डिंग गिर जाने के कारण कई विद्यार्थियों की जान चली गई, कई घायल हैं और अभी तक मलबों में दबे हुए हैं।
आख़िर कब तक सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार की क़ीमत विद्यार्थी अपनी जान गवाँ कर चुकाते रहेंगे।
जवाब तो देना पड़ेगा, जवाबदेही लेनी पड़ेगी।