खीरा की खेती लोग खेत से लेकर छपरी- टपरी और गमले में कहीं भी कर लेते हैं। मंत्री ने अपने फार्म के लिए एक करोड़ में एक लाख कम की सब्सिडी ली है तो कुछ सोचा ही होगा। अपनी सरकार है, मंत्री हैं, इतना तो करना ही चाहिए। कौन रोकने वाला है। यहाँ मंदिर में लूट हो गई उस पर कुछ नहीं हुआ। इस देश में लोग सौ सौ करोड़ का खीरा खा सकते हैं। मंत्री को खीरा रत्न का पुरस्कार मिलना चाहिए। ��िपोर्ट पढ़ता हूँ । उम्मीद है खीरा फार्म की तस्वीर भी होगी और एनिमल फार्म की भी।
बेहद प्रभावशाली कविता और उतना ही कमाल का पाठ राजेंद्र जी का। गिरने का महत्�� बहुत सुंदर से बताया गया है। इसे सुनने के बाद गिरते रहने की असीम प्रेरणा मिलेगी। जो भी गिर रहे हैं, ज़्यादा गिरने के लिए यह कविता सुनें।
राजेंद्र जी के यू ट्यूब चैनल का लिंक-
https://t.co/F08YBm1faP
लोकसभा में नेता प्रतिपक्��� के रूप में आज दो साल पूरे हुए।
इन दो सालों का हर दिन एक ही काम रहा - हर भारतीय की आवाज़ को सत्ता तक पहुँचाना।
NEET के छात्रों की लड़ाई हो, वोट चोरी का पर्दाफाश हो या संविधान की रक्षा, हर मोर्चे पर आपके साथ खड़ा रहा, आज भी हूं, हमेशा रहूंगा।
सड़क से संसद तक, आपका भरोसा ही मेरी सबसे बड़ी ताक़त है। सफ़र लंबा है, पर संकल्प वही, आपके लिए हर लड़ाई लड़ता रहूँगा।
जय हिंद। जय संविधान। 🇮🇳
विस्तार में पढ़ें: https://t.co/vyj9WhFIhO
सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब इस मुकाम पर पहुँच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को ह��� शिक्षा मंत्री “आतंकवादी” कह रहे हैं।
ज़रा सोचिए - जिसकी नाकामी से इतने पेपर लीक हुए, जिसके राज में 20 बच्चों ने जान दे दी, जिसने करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधेरे ��ें धकेल दिया - वो आज पीड़ित बच्चों और उनकी आवाज़ उठाने वालों को “दहशतगर्द” बता रहा है।
पर यह कोई नई बात नहीं: अन्नदाता किसानों को "आंदोलनजीवी और परजीवी" कहा। सवाल पूछने वाले को “Anti-National” कहा। और अब युवाओं को “दहशतगर्द।”
जो भी सरकार से सवाल पूछे - उसे देशद्रोही बता दो, यही इनकी पूरी राजनीति है।
धर्मेंद्र प्रधान जी, देश के करोड़ों युवाओं से तुरंत माफ़ी माँगिए और अपनी नाकामियों के लिए इस्तीफ़ा ���ीजिए।
और रही मेरी बात - आप मुझ पर जितने चाहें हमले कर लीजिए। मैंने कोटा में कहा था, और फिर कहता हूँ: यह शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है। मैं इसे ऐसे ही नहीं रहने दूँगा।
हर बच्चे को सस्ती, अच्छी शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षा मिले - इस आवाज़ को उठाना मैं कभी बंद नहीं करूँगा।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo
Thank you, Thiru Vijay, for your warm wishes.
We remain united in our commitment to the Constitution and to strengthening our democracy - and together, we will keep working for the welfare, dignity, and aspirations of the people of Tamil Nadu.
पता है, भारत की सिर्फ़ 5 परीक्षाओं - NEET, JEE, SSC, UPSC और RRB की तै���ारी पर छात्र और उनके परिवार हर साल कितना ख़र्च करते हैं?
₹3.5 लाख करोड़।
यानी भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट का लगभग तीन गुना। शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, विज्ञान और महिला-बाल विकास - इन पाँच मंत्रालयों के कुल बजट के बराबर।
और बदले में करोड़ों युवाओं को क्या मिलता है? तनाव, अनिश्चितता, बेरोज़गारी, और टूटते सपने।
जो ख़र्च सरकार की ज़िम्मेदारी है, उसका बोझ आज परिवार उठा रहे हैं।
#ChhatronKiGoonj
भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है।
ज़रा सोचिए - द���शभर के परिवार जितना पैसा सिर्फ़ NEET की तैयारी पर ख़र्च करते हैं, वो भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है।
आज कोटा से, और देश के हर कोने से, लाखों युवा एक सुर में कह रहे हैं - इस व्यवस्था ने हमारे साथ अन्याय किया है।
हर युवा अलग है, पर सबकी कहानी एक - या तो सपने देखने नहीं दिए गए, या देखे हुए सपने तोड़ दिए गए।
‘छात्रों की गूंज’ सिर्फ़ अभियान नहीं - एक क्रांति है। हमें एक ऐसी व्यवस्था बनानी है जो आपको बड़े सपने देखने का हक़ दे और आपकी ज़िंदगी गिरवी रखे बिना, उन्हें पूरा करने में आपका साथ दे।
#ChhatronKiGoonj
I am very happy and honoured to stand in front of you in Kota.
I want to make it clear: this is not a political meeting. This is about you, about your future. This evening is about you, what you are facing, and the challenges you deal with every single day.
: LoP Shri @RahulGandhi
📍 Kota, Rajasthan
#ChhatronKiGoonj
कई साथियों ने INDIA गठबंधन की बैठक में मेरे भाषण का हिंदी अनुवाद मांगा था - यह रहा, ज़रूर सुनें।
8 जून को INDIA गठबंधन की बैठक में 20 से भी ज़्यादा नेताओं के भाषणों और बातों को सुनने के बाद आखिर में मैंने इस भाषण से उन्हें संबोधित किया।
जब भारत की सोच, देश की आत्मा पर संकट हो... जब संस्थाओं पर कब्ज़ा हो... जब जनता की आवाज़ दबाई जाए...तब सिर्फ़ एकता के साथ प्रतिरोध काम आता है।
मैं फिर से कह रहा हूँ - 2024 का चुनाव हम हारे नहीं थे और 2029 का चुनाव हम जीत चुके हैं।
हम एकजुट रहेंगे, जन-जन को संगठित करेंगे और प्रतिरोध की ताकत से BJP और उसके भारत के संस्थानों पर कब्ज़े को हराएंगे।
https://t.co/JkKgow6pi7
जब करोड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर हो, तब उनकी आवाज़ संसद से सड़कों तक गूंजनी चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं और बेरोज़गारी के मुद्दे पर देशभर में छात्र सम्मेलनों को संबोधित करेंगे।
शुरुआत 17 जून से होगी शिक्षा नगरी कोटा,राजस्थान में !
JOBS. JUSTICE. ACCOUNTABILITY.
@INCIndia
अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं।
जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।
अगले हफ्ते G7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे - मगर, उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा।
Compromised PM भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि जिन्होंने उन बेटों की जान ली उन्हें नाराज़ करने की इनमें न हिम्मत है, न ताकत।
“The Congress Party’s role as many of you have stated, is to unite all of you together with love and affection.”
My speech to the INDIA Alliance leadership on 8th June.
https://t.co/Ct3STc5BM8
पिछले बारह वर्षों में विपक्ष के पास जनहित के मुद्दों को लेकर कई बार सड़क पर संघर्ष करने के अवसर आए, लेकिन शायद ही कोई ऐसा नेता ���ामने आया जो इन मुद्दों पर खुलकर जनआंदोलन खड़ा करने को तैयार दिखाई दिया हो।
फिलहाल NSUI के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने NEET पेपर लीक और CBSE की OSM Evaluation प्रक्रिया जैसे मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ देशभर में संघर्ष की नई अलख जगा दी है।
जयपुर, हैदराबाद, सीकर और देहरादून सहित देश के विभिन्न हिस्सों में हुए प्रदर्शनों के दौरान कार्यकर्ताओं ने पानी की बौछा��ों का सामना किया, बैरिकेड्स लांघे और गिरफ्तारियां भी दीं। यह संघर्ष विपक्ष के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं रहा, जिसने बड़ी संख्या में युवाओं और आम लोगों को फिर से सड़कों पर उतरने के लिए प्रेरित किया।
आज यदि युवा कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सड़कों पर संघर्ष करते हुए दिखाई देते हैं, तो इसके पीछे विनोद जाखड़ जैसे युवा नेतृत्व की भूमिका निस्संदेह महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय मानी ज���एगी।