मैं बांदा कृषि विश्वविद्यालय का छात्र रहा हूं ,
बांदा कृषि विश्वविद्यालय में 15 प्रोफेसरो की नियुक्ति होती है जिसमें 11 ठाकुर प्रोफेसरों को भर्ती किया जाता ,
जबकि बाकी 4 पदों पर 1 - OBC, 1 - SC,1 - भूमिहार ,1 - मराठी प्रोफेसरों की नियुक्ति होती है ,
अन्य 4 इस लिए भी सिलेक्ट हो पाए क्योंकि उन सब्जेक्ट में किसी ठाकुर का आव���दन नहीं आया था ,
इस भर्ती में पूरी तरह से आरक्षण की अवहेलना करते हुए प्रोफेसर की भर्ती की गई ,
ये भर्ती वाइस चांसलर उत्तम सिंह के द्वारा पूरी की गई जिसमें यूनिवर्सिटी में ये भी चर्चा थी ठाकुर कंडीडेट से भी रुपए लिए गया कइयों से खेत भी लिखवाया ,
इससे पहले भी इन्हीं VC के कार्यकाल में 30 प्रोफेसर भर्ती का विज्ञापन निकाला गया था जिसमें 29 जनरल ओर सिर्फ 1 ही OBC सीट दी गई SC/ST की कोई सीट नहीं रखी गई थी ,
यूनिवर्सिटी प्रशासन को कैंपस में हम छात्रों का ही विरोध झेलना पड़ा और विज्ञापन निरस्त हुआ ,
बांदा यूनिवर्सिटी में हर डिपार्टमेंट का HOD ठाकुर या ब्राह्मण है डीन ,DSW और रजिस्ट्रार भी ठाकुर ,ब्राह्मण है.
एक भी प्रोफेसर , एसोसिएट प्रोफेशन PDA समाज का नहीं है सिर्फ असिस्टेंट प्रोफेसर में ही PDA समाज देखने को मिलता है।
योगी जी ने आज तक इस भर्ती की जांच नहीं की क्योंकि जो VC भर्ती किया वो स्वजातीय था VC अपना कार्यकाल पूरा कर वापस पुरानी पोस्टिंग अटारी कानपुर डिविजन के हेड के पद पर वापस चला गया।
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर AAP संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल का बयान, बोले: जो व्यक्ति देश के बारे में सोचता है, शिक्षा के बारे में सोचता है, नए नए आविष्कार करता है, उसको आज केंद्र सरकार का पूरा तंत्र बेहद घटिया राजनीति के तहत प्रताड़ित कर रहा है। बेहद दुख होता है, देश की बागडोर कैसे लोगों के हाथ में है। ऐसे देश कैसे तरक्की करेगा?
#SonamWangchuk #AAP #ArvindKejriwal #ATCard #AajTakSocial
सोनम वांगचुक के बारे में ये पढ़िए। जो व्यक्ति देश के बारे में सोचता है, शिक्षा के बारे में सोचता है, नए नए आविष्कार करता है, उसको आज केंद्र सरकार का पूरा तंत्र बेहद घटिया ��ाजनीति के तहत प्रताड़ित कर रहा है।
बेहद दुख होता है - देश की बागडोर कैसे लोगों के हाथ में है। ऐसे देश कैसे तरक्की करेगा?
सांसद जी 50 %ऑफ वाला दुकान कहां मिलेगा दुकानदार तो बोल रहा है सांसद जी के पास चले जाओ
कॉमेडी खूब चल रहा है
समोसे वाले सांसद जी की
खूब मजा ले रहे है भाई
मोदी है तो मुमकिन है।
#GST#GSTBachatUtsav
सोनम वांगचुक को रिहा करो‼️
देश के नामी शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की नाजायज़ गिरफ्तारी के ख़िलाफ़ दिल्ली के जंतर मंतर पर AAP का जोरदार विरोध प्रदर्शन🔥
आम आदमी पार्टी मोदी सरकार से तुरंत सोनम वांगचुक जी को रिहा करने की माँग करती है। भारत देश संविधान से चलेगा ना कि किसी तानाशाह की तानाशाही से।
आज बिहार में जनता के टैक्स को पैसों को मुफ्त की
रेवड़ी बांटने में उड़ाया गया।
कुल 75,000,000,000 रुपए मुफ्त में बांटे गए।
बेहद नाराज होकर विपक्ष के नेता नरेंद्र मोदी जी ने
नीतीश सरकार और भाजपा पर जमकर हमला किया।
सोनम वांगचुक के पिता, सोनम वांग्याल ने जब लद्दाख के लोगों के लिए अनुसूचित जनजाति (ST) दर्जे की मांग उठाई थी, तो तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी खुद लेह पहुँचीं। उन्होंने न सिर्फ़ उनकी बात सुनी बल्कि व्यक्तिगत रूप से एक गिलास जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया, यह लोकतंत्र में संवाद और संवेदनशीलता का प्रतीक था।
इसके उलट आज का दौर देखिए सोनम वांगचुक, जो शिक्षा और पर्यावरण सुधार के प्रतीक हैं, वे जब अपने ही लोगों की आवाज़ उठाते हैं तो प्रधानमंत्री तो दूर, सरकार उनसे संवाद करने के बजाय उन्हें गिरफ्तार कराती है।
यह फर्क सिर्फ़ दो प्रधानमंत्रियों का नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक संस्कृति और सत्ताधारी मानसिकता में आए भयावह पतन को दर्शाता है।
पहले नेताओं के लिए जनता की आवाज़ सुनना सम्मान की बात थी, आज सत्ता के लिए वही आवाज़ सबसे बड़ा अपराध बन चुकी है।
#SonamWangchuk #Laddakh
बनारस के नाम पर फिर लूट!
1 किमी रोपवे = ₹215 करोड़ 💰
3.5 किमी = ₹850 करोड़ 🚠
मंगलयान भी इतना महंगा नहीं पड़ा था 🚀
ये है मोदी सरकार का "विकास मॉडल" — जनता की जेब कटे और दोस्तों की तिजोरी भरे।
#RopewayScam#Banaras
उम्मीद की एक ��र किरण सलाखों के पीछे...
जल - जंगल - जमीन, भाषा - संस्कृति - अधिकार की रक्षा एवं देश के लिए समर्पित एक और मजबूत आवाज को गुमनाम बनाने के लिए किए जा रहे षड्यंत्र��ं पर पूरे देश की नजर है।
"सोनम वांगचुक ने देश से कुछ नया या ग़ैरकानूनी नहीं माँगा, उन्होंने वही माँगा जो सरकार ने जनता से वादा किया था। लेकिन सवाल पूछना और अपना हक़ माँगना आज इस सरकार को गवारा नहीं।
जो इंसान देश के लिए अवॉर्ड लाता है, शिक्षा में क्रांति लाता है, सीमा पर चीन के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है… आज वही जेल भेजा जा रहा है। ये कैसी विडंबना है?
अगर सोनम वांगचुक जैसे पढ़े-लिखे और ईमानदार लोगों को "देश���्रोही" बताकर दबाया जाएगा तो समझ लीजिए असल समस्या उन लोगों में नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार में है।
हम सब सोनम वांगचुक के साथ खड़े हैं। आवाज़ को दबाने की हर कोशिश का जवाब और बुलंद आवाज़ से दिया जाएगा।
#SonamWangchuk
अब मोदी सरकार बिल्कुल अंग्रेज़ी हुकूमत वाले काम कर रही है।
सोनम वांगचुक जैसे अहिंसक और देशप्रेमी समाज सुधारक को जेल में डालना एक और सबूत है कि सत्ता बौखला गई है।
#SonamWangchuk#Ladakh
गाड़ी मालिक ने गाड़ी की टंकी फुल कराने को कहा,
क्षमता 70 लीटर थी लेकिन 77 लीटर डाला गया, जांच करने पर वह 57 लीटर ही निकला।
भारत एक ठगों देश बन चुका है, ऐसे ही नहीं सक्षम लोग देश छोड़कर भाग रहे हैं।