चित्रकूट:- SC/ST एक्ट में दर्ज हुआ था केस अब देवा द्विवेदी ने की आत्महत्या॥
देवा द्विवेदी पर कुछ दिन पहले SC/ST एक्ट के मामले में केस दर्ज हुआ था। परिजनों का आरोप है कि कथित तौर पर इस SC/ST एक्ट में केस दर्ज होने से देवा मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे।
जिसके बाद अब देवा ने आत्महत्या कर ली है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी।
4 मई को बंगाल इलेक्शन का रिजल्ट आता है
बीजेपी जीत हासिल करती है
विपक्ष 50 सीट्स पर गड़बड़ी की बात करता है
TMC के 40 विधायक बागी हो जाते हैँ
एक विधायक पार्टी सिंबल पर दावा ठोक देता है
सुप्रीम कोर्ट तुरंत उनको TMC सिंबल दे देता है
4000 EVM जलकर राख हो जाती हैँ, सुप्रीम कोर्ट इलेक्शन कमीशन को उफ्फ्फ तक नहीं कहता
ममता बनर्जी Evm जलने के लिए अदालत में अपील करती हैँ, सुनवाई का अता पता नहीं
उपचुनाव के लिए बीजेपी TMC उम्मीदवार को ना लड़ने के लिए मज़बूर करती है, सुप्रीम कोर्ट चुप
और आज 4 महीने दे दिए हैँ ताकि बीजेपी आराम से सारी सेटलमेंट करके TMC को खत्म कर दे
वाह CJI साहब वाह. RIP JUDICIARY 🙏
विश्व की कुछ राजनितिक पार्टियों की संपत्ति |
BJP - इंडिया - ₹12,187 करोड़
SPD- जर्मनी - ₹3,881 करोड़
CDU- जर्मनी - ₹2,580 करोड़
GREEN PARTY - जर्मनी - ₹1,296 करोड़
AFD- जर्मनी - ₹451 करोड़
CONGRESS- इंडिया - ₹839 करोड़
CPI(M)- इंडिया - ₹783 करोड़
BSP- इंडिया - ₹666 करोड़
लेकिन असली सवाल तो ये है -
जब कांग्रेस ने 70 साल तक देश लूटा तो सबसे पैसे वाली पार्टी क्यों नही बन पाई बताओ ?
साइबर कैफे की लापरवाही ने प्रदीप कुमार की भारत सरकार की दो नौकरियाँ आखिरी पल में छीन लीं,
नौकरी हाथ में आकर फिसल गई।
कारण सिर्फ यही था कि CSC वाले ने तीन महीने तक झूठ बोला कि OBC बन गया है।
जबकि प्रदीप का फॉर्म भरा ही नहीं गया था।
KVS और NVS दोनों में PGT Economics की पोस्ट थी, exam सब क्लियर हो गया था।
Document Verification के लिए वे चंडीगढ़ पहुँचे।
वहाँ पता चला कि उनका OBC प्रमाण-पत्र 6 दिसंबर 2025 को बना है।
और
आखिरी तारीख 4 दिसंबर 2025 थी।
सिर्फ दो दिन की देरी थी इसी वजह से उन्हें बाहर कर दिया गया।
Cyber cafe वाले ने भरोसा दिया था कि बन गया है। झूठा भरोसा देकर रखा था।
मीडिया बोलता है बहन मायावती जी दलितों की नेता हैं.
मीडिया बोलता है अखिलेश यादव यादवों के नेता हैं.
मीडिया बोलता है चंद्रशेखर आजाद जाटव जाति के नेता हैं.
क्या आप लोगों ने कभी सुना या पढ़ा कि मीडिया में बोला गया है ममता बनर्जी ब्राह्मणों की नेता हैं. अटल बिहारी वाजपेयी ब्राह्मणों के नेता हैं. प्रशांत किशोर ब्राह्मणों के नेता हैं.
यह कोई आज की बात नही है. डॉ बाबा साहेब अंबेडकर के राजनैतिक कैरियर को खराब करने के लिए उन्हें दलित नही, महारों का नेता बताकर डिफेम किया जाता था.
1952 में डॉ आंबेडकर बॉम्बे उत्तर सीट से चुनाव लड़ा. उनके खिलाफ मोची जाति के कांग्रेसी नेता नारायण सदोबा कजरोलकर को खड़ा किया गया.
डॉ आंबेडकर को 1,23,576 वोट मिला
कजरोलकर को 1,38,137 वोट मिला
बाबा साहेब अंबेडकर को 14,558 वोटों से हरा दिया गया. महाराष्ट्र में उनके पूरे राजनीतिक जीवन में उनके खिलाफ मातंग और मोची जाति के नेताओं को प्रतिद्वंद्वी बनाकर उन्हें महार नेता बताया जाता.
आज भी वही तरीका इस्तेमाल किया जाता है ताकि बहन मायावती जी, अखिलेश यादव, चंद्रशेखर आजाद, तेजस्वी यादव, हेमंत सोरेन और अन्य OBC SC ST नेता राष्ट्रीय नेता नही बन पाए.
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के अब तक किए गए मुख्य वादे-
1. 300 यूनिट मुफ्त बिजली
2. बेटियों के लिए मुफ्त शिक्षा
3. गन्ना किसानों की समस्याओं का हल
4. 30 लाख ₹ से कम की गाड़ियों का कोई टोल नहीं
5. महिला पेंशन 60000₹ सालाना
6. शिक्षामित्रों को परमानेंट करना
7. पुरानी पेंशन बहाली