राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने 24 घंटे में कई टीवी चैनलों को इंटरव्यू दिया है . उनके बयान ही इस बात के सबूत हैं कि राम मंदिर में बड़े पैमाने पर चढ़ावा चोरी हुई है . इस आधार पर अब तक चंपत राय क��� मंदिर ट्रस्ट से बाहर का रास्ता दिखाकर FIR हो जानी चाहिए थी .
काउंटिंग रुम में जाने और आने वालों के लिए अगर SOP का पालन हुआ होता तो आज ये दिन नहीं देखने पड़ते . मेरी जानकारी के मुताबिक़ SOP का कोई पालन नहीं हुआ है .
नृपेंद्र मिश्रा, अध्यक्ष , मंदिर निर्माण समिति
मंदिर परिसर में करीब 800 CCTV लगे हैं, कंट्रोल रूम है, जिसे पुलिस देखती है लेकिन मैं ये नहीं समझता कि सीसीटीवी का सही उपयोग हुआ है .
नृपेंद्र मिश्रा, अध्यक्ष , मंदिर निर्माण समिति
दान पात्र में सोना -चांदी और ज़ेवरात भी डाल देते हैं . यदि बंडलों में धनराशि ग़ायब हुई है तो आभूषण ग़ायब करना हो बहुत आसान है . आभूषणों का हिसाब कैसे होता है ? ये सवाल है .
नृपेंद्र मिश्रा, अध्यक्ष , मंदिर निर्माण समिति
काउंटिंग रुम में 40-50 लोग क��म करते थे . उनकी तरफ़ शक की सुई है . अब समय आ गया है कि काउंटिंग में किसी तरह का समझौता न करें . प्रबंधन में बहुत सुधार की जरुरत है
नृपेंद्र मिश्रा, अध्यक्ष , मंदिर निर्माण समिति
राम मंदिर के पूरे परिसर में जो निगरानी की व्यवस्था है , वो या तो है नहीं है . अगर है तो बहुत लचर है . 800 सीसीटीवी लगे हैं लेकिन मैं ये नहीं समझता कि सीसीटीवी का सही इस्तेमाल हुआ है .
नृपेंद्र मिश्रा, अध्यक्ष , मंदिर निर्माण समिति
क्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण में FIR दर्ज हुई? क्यों नहीं दर्ज हुई?
किसे बचाया जा रहा है? देशवासियों की आस्था से कौन खिलवाड़ क��� रहा है?
जिन लोगों ने भगवान राम को नहीं छोड़ा वो देश और देशवासियों को कैसे छोड़ देंगे? ये सबको ठगेंगे.
टेलीग्राम के मालिक पॉवेल डुरोव को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका , सरकार के फैसले के खिलाफ टेलीग्राम की याचिका खारिज ,
NEET पेपर लीक का पूरा आरोप टेलीग्राम के सर पर मढ़ दिया गया , 16 जून के बाद से टेलीग्राम पर बैन है , इसी ��ैन के खिलाफ टेलीग्राम के मालिक पॉवेल डुरोव की और से दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी ,
लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिका ये कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि सरकार के पास इस आपातकालीन प्रतिबंध को लगाने के लिए पर्याप्त और तार्किक कारण मौजूद थे, इसलिए इसे दुर्भावनापूर्ण या बिना सोचे-समझे लिया गया फैसला नहीं कहा जा सकता ,
वैसे तो हमने कल ही कह दिया था क़ि दिल्ल�� हाईकोर्ट का फैसला केंद्र सरकार के पक्ष में ही आएगा ,
ग़ज़ब. इन्हीं गोदी चैनलों के कॉन्क्लेव में कोचिंग के स्टार टीचर को हीरो की तरह बुलाया गया। क्या कभी उन कार्यक्रमों में उनसे पूछा गया ���ि आप कोचिंग माफिया है? एक परीक्षा नहीं हो पा रही है देश में, इसमें कोचिंग माफिया का नाम लेने में ऐंकर गरज रहे हैं लेकिन NTA और CBSE का फोटो लगाकर उनका नाम लेकर सवाल पूछिए न। कितने चैनलों पर CBSE के चेयरमैन का इंटरव्यू चला है? मैं गोदी चैनल नहीं देखता , आपने देखा हो तो बताइये। छोटे छोटे बच्चे इंटरव्यू दे रहे हैं और जो बड़े पदों पर बैठे हैं, ग़ायब हैं। गोदी चैनल जिन्हें कोचिंग माफिया कह रहा है उनके स्टार टीचर को बुलाकर न्यूज़ रूम में ताली बजाता है और जिनकी जवाबदेही है वो माफिया की तरह पर्दे के पीछे छिपे नज़र आते हैं। कोचिंग पर बहस हो सकती है, अलग से कीजिए मगर आज सवाल परीक्षा का है। भारत कुछ भी कर लेगा, गोदी मीडिया के कारण उसे हर जगह शर्म से सर झुकाना ही पड़ेगा। देश में, ��िदेश में। ये विदेशी मीडिया का वैलिडेशन नहीं है, ये देश की जनता का मैंडेट है मीडिया को लेकर। गोदी मीडिया लोकतंत्र का हत्यारा है। यह बात न्यूयार्क टाइम्स ने नहीं कही है, हमने कही है। मैंने। पश्चिम की रैंकिंग न भी हो तो भी गोदी मीडिया क्या है, सारा देश जानता है। कम से कम गोदी ऐंकर बबीता मैडम से बोलना ही सीख लें।
एक सांसद के साथ ऐसा हो सकता है। विपक्ष के लिए आने वाला समय ख़तरनाक है। सड़क पर भीड़ है और घर के बाहर ईडी। इस तरह की हिंसा का वीडियो सबसे सामने है। प्रधानमंत्री परीक्षा सुपरवाइज करने में व्यस्त न होते तो ज़रूर घटना की निंदा करते। लोक सभा के स्पीकर ���ी कोई भूमिका है? क्या उन्हें कुछ कहना चाहिए?
मोगली जी, अजब कमाल करत�� हैं, "पहले आँखे फोड़ते हैं फिर चश्मे दान करते हैं"
एक पेड़ अपनी माँ के नाम बोलकर, अडानी से सारे जंगल कटा दिये और अब सलाह दे रहे हैं..!!🤣
हुतिया अपने अंडो को समझना हमें नहीं।😂
पेपर लीक से भी बड़ा मुद्दा है बकरा। चैनलों की टाइम लाइन पर इसे लेकर कितना कवरेज है। एक परीक्षा ठीक से नहीं हो पा रही और हाउसिंग सोसायटी के लोग बकरे की क़ुर्बानी रोकर विजेता बन रहे हैं। कई दिनों से नमाज़ से लेकर क़ुर्बानी की बहस टीवी पर चलाई जा रही है। इससे नफ़रत की फसल तो हर��� हो जाती है लेकिन इसके पीछे दिखाई नहीं देता कि ताइवान की एक कंपनी कितनी बड़ी हो गई है। उसने बिना ज़मीन और दूसरे की कंपनी क़ब्ज़ा ��िए यह सब हासिल कर लिया। सभी को पता है कि क्या हो रहा है लेकिन होता ही जा रहा है।
हाज़िर हैं, हाज़िर हैं, हाज़िर हैं हम
हाज़िर हैं, हाज़िर हैं, हाज़िर हैं हम
लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक लब्बैक
लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक लब्बैक
ला शरीका लका लब्बैक।
इन्नल-हम्दा वन-नि’मता लका वल-मुल्क, ला शरीका लका।
राम रहीम को भारत का प्रधानमंत्री बनाना चाहिए। उससे पहले राम रहीम को जेल की चाबी दे देनी चाहिए ताकि जब मन करे वो बाहर जा सकें। इसके लिए कोर्ट का समय ख़राब न हो। राम रहीम जैसे न्यायी इंसान को जज भी बनाया जा सकता है। ताकि किसी को संदेह न रहे कि कुछ भी बचा है। जब सब खत्म ही करना है तो खत्म कर दिया जाए और बाकी बचे समय में जिमखाना क्लब के एलिट से मल्लयुद्ध किया जाए। यह जो नया एलिड जा रहा है इतना तो प्रिविलेज जिमखाना वालों को भी नहीं मिला होगा।