प्रेम में पुरुष अक्सर खाली रह जाता हैं क्योंकि वह अपने हिस्से का सब कुछ किसी और पर झोंक देता हैं,वह टूटता हैं, पर प्रेम से विश्वास नहीं खोता,वह रोता हैं पर किसी को दोष नहीं देता,उसेे दुःख बिछड़ने का नहीं यह जानने का होता हैं कि जिसे उसने अपना संसार समझा, वह कभी उसका था ही नहीं...